Palamu: 10 साल बाद बिछुड़े बेटे से मिल मां हुई गदगद, छतरपुर पुलिस का कारनामा

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Palamu: 10 साल बाद बिछुड़े बेटे से मिल मां हुई गदगद, छतरपुर पुलिस का कारनामा

Palamu: पलामू के छतरपुर में 10 साल बाद अपने बेटे को वापस पाकर एक मां की खुशी का ठिकाना नहीं रहा. छतरपुर पुलिस ने लापता मंदिस परहिया को खोजकर उसके परिजनों से मिलवाया.

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Palamu: पलामू जिले के छतरपुर थाना क्षेत्र के काला पहाड़ गांव के 10 वर्षों से लापता नाबालिक को छतरपुर पुलिस ने ढूंढ कर परिजनों से मिलवाया. यह मामला थाना क्षेत्र के काला पहाड़ गांव का है. अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी अवध कुमार यादव ने थाना परिसर में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बताया कि काला पहाड़ निवासी मंदिस परहिया करीब 10 वर्ष पूर्व काम की तलाश में घर से निकला था, उसके बाद से उसका कोई अता-पता नहीं था. काफी खोजबीन के बाद भी उसका पता नहीं चल सका. पिता मंगल परहिया के के द्वारा दिये गये आवेदन पर कार्रवाई करते हुये विशेष टीम गठन कर मानवीय सूचना तंत्र और तकनीकी सहायता के आधार पर बांग्लादेश कोलकाता बॉर्डर स्थित साउथ 24 परगना से युवक को सकुशल बरामद किया गया.

मां ने बताया 10 साल पहले गायब हो गया था बेटा

उन्होंने बताया कि गठित टीम के द्वारा निरंतर खोजबीन और कार्रवाई कर युवक को परिजनों से मिलवाया गया. युवक की मां दौलती देवी ने बताया कि पिछले 10 वर्षों से बेटे की तलाश में दर-दर भटक रही थी. मजदूरी के लिए घर से निकला बेटा लापता हो गया था. काफी ढूंढने के बाद भी उसका पता नहीं चल सका था. छतरपुर पुलिस के द्वारा काफी प्रयास के बाद मंदिस परहिया सकुशल वापस लाया गया. मंदिस के घर लौटते ही गांव में खुशी की लहर दौड़ गयी. ग्रामीणों ने प्रशासन का शुक्रिया अदा किया.

स्कूल में सफाई का काम करता था मंदीस

गठित विशेष टीम में थाना प्रभारी प्रशांत प्रसाद, अनुसंधानकर्ता धर्मवीर कुमार यादव समेत कई पुलिसकर्मी शामिल थे. मंदीस परहिया ने बताया कि बंगाल पहुंचने के बाद स्टेशन से बाहर निकलकर वापस लौटने के क्रम में वह भटक गया. भटककर कुछ अन्य मजदूरों के साथ पश्चिम बंगाल के 24 परगना चला गया. जहां लोगों ने उसे एक स्कूल में साफ सफाई का काम दिला दिया. वहीं स्कूल के बगल के एक मकान में रहने लगा. काफी प्रयास करने के बाद भी अपने घर नहीं लौट पाया. उसने घर लौटने की उम्मीद छोड़ दी थी. छतरपुर पुलिस खोजती हुई वहां पहुंची और उसे अपने साथ लाकर घर वालों से मिलवाया.

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अमलेश नंदन सिन्हा

लेखक के बारे में

By अमलेश नंदन सिन्हा

अमलेश नंदन सिन्हा प्रभात खबर डिजिटल में वरिष्ठ पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता में 20 से अधिक वर्षों का अनुभव है. रांची विश्वविद्यालय से पत्रकारिता की पढ़ाई करने के बाद से इन्होंने कई समाचार पत्रों के साथ काम किया. इन्होंने पत्रकारिता की शुरुआत रांची एक्सप्रेस से की, जो अपने समय में झारखंड के विश्वसनीय अखबारों में से एक था. एक दशक से ज्यादा समय से ये डिजिटल के लिए काम कर रहे हैं. झारखंड की खबरों के अलावा, समसामयिक विषयों के बारे में भी लिखने में रुचि रखते हैं. विज्ञान और आधुनिक चिकित्सा के बारे में देखना, पढ़ना और नई जानकारियां प्राप्त करना इन्हें पसंद है.

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