झारखंड में 80 करोड़ का मेड इन फ्रांस जहर और ढाई किलो पेंगोलिन शल्क बरामद, 3 गिरफ्तार

गिरफ्तार आरोपियों के साथ पत्रकारों को जानकारी देते डीएफओ व अन्य अधिकारी. शीशे के 2 बोतल में भरे सांप के जहर (पावडर के रूप में). फोटो : प्रभात खबर
Made in France Poison in Jharkhand: डीएफओ ने बताया कि वाइल्डलाइफ क्राइम कंट्रोल ब्यूरो को सूचना मिली थी कि पलामू में सांप के जहर की खरीद-बिक्री की जाती है. इसके बाद वन विभाग ने देव से मो सिराज और मो मिराज को गिरफ्तार किया. उसने वन विभाग के अधिकारियों को बताया कि हरिहरगंज के कौवाखोह का रहने वाला राजू कुमार सांप के जहर की खरीद-बिक्री करता है.
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Made in France Poison in Jharkhand| मेदिनीनगर, शिवेंद्र कुमार : झारखंड में सांप के जहर और ढाई किलो पेंगोलिन शल्क बरामद हुए हैं. इस सिलसिले में 3 लोगों को गिरफ्तार किया गया है. 80 करोड़ रुपए मूल्य के सांप के जहर और पेंगोलिन शल्क की बरामदगी वाइल्ड लाइफ क्राइम कंट्रोल ब्यूरो और वन विभाग ने की है. विभाग ने कहा है कि फ्रांस निर्मित 1200 ग्राम सांप का शुद्ध जहर बरामद हुआ है. अंतरराष्ट्रीय बाजार में इसकी कीमत करीब 80 करोड़ रुपए है. साथ ही ढाई किलोग्राम पेंगोलिन शल्क भी मिला है, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत 20 लाख रुपए है.
औरंगाबाद से बाप-बेटे की हुई गिरफ्तारी
डीएफओ सत्यम कुमार ने बताया कि इस मामले में वाइल्डलाइफ क्राइम कंट्रोल ब्यूरो और वन विभाग ने देव (बिहार के औरंगाबाद जिला) से मोहम्मद सिराज (60), मोहम्मद मिराज (36) और पलामू में हरिहरगंज के कौवाखोह से राजू कुमार (50) को गिरफ्तार किया है. सिराज और मिराज पिता-पुत्र हैं.
वाइल्डलाइफ क्राइम कंट्रोल ब्यूरो ने गुप्त सूचना पर की कार्रवाई
डीएफओ ने बताया कि वाइल्डलाइफ क्राइम कंट्रोल ब्यूरो को सूचना मिली थी कि पलामू में सांप के जहर की खरीद-बिक्री की जाती है. इसके बाद वन विभाग ने देव से मो सिराज और मो मिराज को गिरफ्तार किया. उसने वन विभाग के अधिकारियों को बताया कि हरिहरगंज के कौवाखोह का रहने वाला राजू कुमार सांप के जहर की खरीद-बिक्री करता है. इसके बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया. राजू कुमार हरिहरगंज बाजार में गुड़ व महुआ की दुकान चलाता है. इसी दुकान से वह सांप के जहर का कारोबार करता है.
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जहर बेचने के रैकेट में एक दर्जन से अधिक लोग शामिल
इस रैकेट में पलामू के एक दर्जन से अधिक लोग शामिल हैं. वन विभाग के अधिकारी अन्य 7 लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रहे हैं. छापेमारी के दौरान ढाई केजी पेंगोलिन शल्क भी बरामद हुआ. पेंगोलिन एक स्तनपायी जीव है. इसके शरीर पर केराटिन से बने शल्क होते हैं. पेंगोलिन के शल्कों का इस्तेमाल एशिया और अफ्रीका में दवा बनाने में किया जाता है. चीन और वियतनाम में इसे कैंसर और हृदय रोग जैसी गंभीर बीमारियों से लड़ने में कारगर माना जाता है.
वाइल्डलाइफ क्राइम कंट्रोल ब्यूरो को सूचना मिली थी कि पलामू में सांप के जहर की खरीद-बिक्री की जाती है. इसके बाद वन विभाग ने देव से मो सिराज और मो मिराज को गिरफ्तार किया. उसने वन विभाग के अधिकारियों को बताया कि हरिहरगंज के कौवाखोह का रहने वाला राजू कुमार सांप के जहर की खरीद-बिक्री करता है. इसके बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया.
सत्यम कुमार, डीएफओ, पलामू
Made in France Poison in Jharkhand: मेड इन फ्रांस है यह जहर
सांप के जहर का निर्माण फ्रांस में किया गया है. इस जहर का उपयोग यौन उत्तेजना बढ़ाने और नशे के लिए किया जाता है. सांप का जहर काफी महंगा होता है. अंतरराष्ट्रीय बाजार में एक ग्राम सांप के जहर की कीमत 8 लाख रुपए है. वैज्ञानिक शोध कम होने के बावजूद सांप के जहर का इस्तेमाल अक्सर मनोरंजन या नशे के लिए किया जाता है.
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By Mithilesh Jha
मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.
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