पश्चिमी सिंहभूम के बैंकों में जमा 101 करोड़ रुपए का कोई दावेदार नहीं, किसको मिलेंगे ये पैसे?

अनक्लेम्ड अकाउंट्स में जमा पैसों का क्या होगा?
Chaibasa News: झारखंड का एक जिला ऐसा भी है, जहां ढाई लाख से अधिक बैंक खातों में करीब 101 करोड़ रुपए जमा हैं. ये ऐसे पैसे हैं, जिनका कोई दावेदार नहीं है. इन पैसों को अनक्लेम्ड अकाउंट में डाल दगिया गया है. भारतीय स्टेट बैंक में शुक्रवार को एक शिविर लगाकर इन मामलों का निपटारा किया जायेगा. अगर आपके भी किसी परिजन का पैसा 7 या 10 साल या उससे अधिक समय से किसी बैंक में जमा है, तो आप उस पर क्लेम कर सकते हैं. कैसे और कहां, पूरा विवरण यहां जान लें.
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Chaibasa News: पश्चिमी सिंहभूम जिले में अलग-अलग बैंकों की शाखाओं में कम से कम 2.58 लाख ऐसे बैंक अकाउंट हैं, जिसमें 100.96 करोड़ रुपए जमा हैं. इन रुपयों और बैंक अकाउंट का कोई दावेदार नहीं है. पश्चिमी सिंहभूम अग्रणी बैंक जिला प्रबंधक दिवाकर सिन्हा ने यह जानकारी दी है. उन्होंने बताया है कि वैसे बैंक खाते, जिसमें 10 वर्षों से ग्राहकों ने कोई लेन-देन नहीं किया जाता और उस पर कोई दावा नहीं करता, ऐसी अनक्लेम्ड राशि को सुरक्षा की दृष्टि से भारतीय रिजर्व बैंक के DEAF(डिपोजिटर एजुकेशन एंड अवेयरनेस फंड) खाते में जमा कर दिया जाता है.
म्यूचुअल फंड के पैसे सेबी से वापस पाना होता है आसान
उन्होंने बताया कि इसी तरह शेयर, डिविडेंड्स, बांड्स, डिबेंचर, आदि 7 वर्षों बाद अनक्लेम्ड घोषित कर SEBI के IEPF (इन्वेस्टर एजुकेशन प्रोटेक्शन फंड) में, लघु बचत योजना, बीमा भविष्य निधि आदि 7 से 10 वर्षों बाद IRDIA के SCWF(सीनियर सिटीजन वेलफेयर फण्ड) में और म्यूचुअल फंड और उसके डिविडेंड SEBI के खाते में सुरक्षा की दृष्टि से जमा हो जाते हैं. अगर उसका कोई दावेदार इसे लेना चाहे, तो इससे आसानी होती है.
अनक्लेम्ड एसेट्स के निपटारे के लिए सरकार चला रही अभियान
दिवाकर सिन्हा ने बताया कि जागरूकता और प्रचार-प्रसार के लिए वत्तीय सेवा विभाग, वित्त मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा 1 अक्टूबर से 31 दिसंबर तक देश के सभी जिलों में चरणबद्ध तरीके से ‘अनक्लेम्ड एसेट्स के कुशल एवं त्वरित निपटान अभियान’ चलाया जा रहा है. पांचवें चरण में पश्चिमी सिंहभूम जिले में जिलास्तरीय शिविर का आयोजन शुक्रवार को भारतीय स्टेट बैंक की चाईबासा शाखा प्रांगण (पोस्ट ऑफिस चौक) में पूर्वाह्न 11:00 बजे से किया जा रहा है.
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पश्चिमी सिंहभूम जिले के सभी वित्तीय संस्थान लगायेंगे स्टॉल
इस शिविर में पश्चिमी सिंहभूम जिले के सभी वित्तीय संस्थान यथा, बैंक, बीमा कंपनी, म्यूचुअल फंड कंपनी, प्रतिभूति कंपनी, पेंशन भुगतान कंपनी द्वारा स्टॉल लगाकर अपने-अपने अनक्लेम्ड एसेट्स का कुशल एवं त्वरित निपटान किया जायेगा. शिविर में बैंकों और वित्तीय संस्थान के वरीय अधिकारी ग्राहकों की मदद के लिए उपस्थित रहेंगे. अनक्लेम्ड रुपए के क्लेम के लिए आवेदन संबंधित फॉर्म स्टॉल पर उपलब्ध रहेंगे.
Chaibasa News: अपने परिजनों के खाते में जमा पैसे कैसे प्राप्त करें?
ग्राहक अपना KYC जैसे आधार कार्ड, पैन कार्ड, पासपोर्ट फोटो की स्वाभिप्रमाणित प्रत्ति जमा कर अपनी रकम ब्याज सहित प्राप्त कर सकते हैं. अगर आपके पास बैंक पासबुक/दस्तावेज नहीं है, लेकिन आपको मालूम है कि बैंक में खाते हैं, तो RBI का उदगम पोर्टल (udgam.rbi.org.in) पर अपना PAN, जन्मतिथि, नाम आदि की जानकरी देकर सर्च कर सकते हैं. फिर उस बैंक में अपना क्लेम फॉर्म भरकर रकम ब्याज सहित वापस पा सकते हैं.
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मृत खाताधारकों के परिजनों को कैसे मिलेगा पैसा?
बैंकों ने बताया है कि बहुत सारे अनक्लेम्ड बैंक अकाउंट के ग्राहक का निधन हो चुका है. वैसी स्थिति में खाताधारी के उत्तराधिकारी (नॉमिनी) उस रकम के लिए मृतक का KYC और अपना KYC जमा करते हुए मृतक के खाते में जमा रकम का दावा कर सकते हैं. प्रक्रिया पूरी करने के बाद उन्हें वह राशि मिल जायेगी. शिविर में अनक्लेम्ड एसेट्स के कुशल एवं त्वरित निपटान के साथ-साथ सामाजिक सुरक्षा योजना के तहत जनधन खाता खोलना, प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा, प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा और अटल पेंशन योजना में इनरॉलमेंट भी करा सकते हैं.
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By Mithilesh Jha
मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं। उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है। उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवरेज करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ में भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है। मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है
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