धरना और विरोध के बीच आंदोलन तेज करने की चेतावनी

Published by : Prabhat Khabar News Desk Updated At : 07 Jun 2026 5:51 PM

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पाकुड़ जिले में पचुवाड़ा कोयला खदान विस्थापितों और रैयतों की समस्याओं को लेकर आंदोलन तेज हो रहा है। चुवाड़ा कोयला खदान विस्थापित मोर्चा समाहरणालय के सामने धरना जारी रखे हुए है। सोमवार को उपायुक्त को 11 सूत्री मांग पत्र सौंपा जाएगा। समिति ने बाहरी व्यक्तियों से वार्ता का विरोध जताते हुए वैध प्रतिनिधियों की बात कही है। यदि मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन और तेज होगा, साथ ही उग्र लोकतांत्रिक आंदोलन की चेतावनी भी दी गई है।

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संवाददाता, पाकुड़ पाकुड़ जिले में पचुवाड़ा कोयला खदान से जुड़े विस्थापन और रैयतों की समस्याओं को लेकर आंदोलन लगातार तेज होता जा रहा है. चुवाड़ा कोयला खदान विस्थापित मोर्चा के बैनर तले समाहरणालय के समक्ष चल रहा धरना-प्रदर्शन रविवार को भी जारी रहा. धरना स्थल पर आयोजित बैठक में आंदोलन की आगामी रणनीति पर विस्तार से चर्चा की गई. आंदोलन को तेज करने का निर्णय बैठक की अध्यक्षता मुन्नी हांसदा और मोहन मुर्मू ने की. इस दौरान मोर्चा के सदस्यों ने रैयतों की मांगों को प्रशासन के समक्ष मजबूती से रखने और आंदोलन को और व्यापक बनाने का निर्णय लिया. नेताओं ने कहा कि पचुवाड़ा उत्तर एवं मध्य कोयला खदान परियोजना से प्रभावित रैयतों की समस्याओं का अब तक समाधान नहीं हो सका है. सोमवार को उपायुक्त को सौंपेंगे 11 सूत्री मांग पत्र बैठक में तय किया गया कि सोमवार को एक प्रतिनिधिमंडल उपायुक्त से मुलाकात कर 11 सूत्री मांग पत्र सौंपेगा. इसके साथ ही प्रेस वार्ता आयोजित कर आंदोलन की रूपरेखा तथा प्रभावित रैयतों की समस्याओं को सार्वजनिक किया जाएगा. धरनार्थियों ने चेतावनी दी कि यदि मांगों पर सकारात्मक पहल नहीं हुई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा. बाहरी व्यक्तियों से वार्ता पर समिति की आपत्ति इधर, पचुवाड़ा नॉर्थ कोल ब्लॉक मामले में जिला प्रशासन द्वारा बाहरी व्यक्तियों से वार्ता किए जाने के विरोध में “अनुश्रवण एवं नियंत्रण कार्य समिति ” ने उपायुक्त को पत्र सौंपकर कड़ी आपत्ति दर्ज कराई है. समिति के अध्यक्ष सुरेश टुडू और सचिव रमेश मुर्मू ने कहा कि प्रभावित विस्थापितों और रैयतों के प्रतिनिधित्व के लिए उनकी वैधानिक समिति पहले से गठित और सक्रिय है. उग्र लोकतांत्रिक आंदोलन की चेतावनी समिति ने आरोप लगाया कि मुन्नी हांसदा ग्रामीणों को दिग्भ्रमित कर उपायुक्त कार्यालय का घेराव करा रही हैं और कंपनियों का भयादोहन कर रही हैं. समिति के अनुसार प्रशासन ने पूर्व में कार्य बाधित करने पर मुन्नी हांसदा के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने का आश्वासन दिया था. समिति ने चेतावनी दी है कि यदि किसी बाहरी या गैर-अधिकृत व्यक्ति से वार्ता की गई तो प्रभावित रैयत उग्र लोकतांत्रिक आंदोलन करने को बाध्य होंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी जिला प्रशासन की होगी.

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