ePaper

संवेदकों की लापरवाही से अर्द्धनिर्मित सड़कें बनी जानलेवा

Updated at : 18 Nov 2024 7:10 PM (IST)
विज्ञापन
संवेदकों की लापरवाही से अर्द्धनिर्मित सड़कें बनी जानलेवा

किस्को व पेशरार प्रखंड क्षेत्र के अर्द्धनिर्मित सड़के राहगीरों के लिए जानलेवा साबित हो रही है.

विज्ञापन

किस्को. किस्को व पेशरार प्रखंड क्षेत्र के अर्द्धनिर्मित सड़के राहगीरों के लिए जानलेवा साबित हो रही है.कार्य शुरू होने के बाद कई वर्ष बीत जाने के बाद भी प्रखंडों में कई सड़कें पूर्ण नहीं होने से राहगीर जान जोखिम में डालकर आवागमन को विवश हैं. इन सभी सड़के आरइओ विभाग से निर्माण कराये जा रहे हैं. सड़कें समयनुसार पूरी कराने में विभाग पूरी तरह नाकाम साबित हो रही है.यहां एक ही संवेदक द्वारा कई सड़कों का कार्य कराये जा रहे हैं, निर्माण कार्य में पूरी तरह नियम और कानून की धज्जियां उड़ायी जा रही है.भारी अनियमितता के बावजूद विभाग खामोश हैं. किस्को प्रखंड क्षेत्र में सड़कों की बात करे, तो सेमरडीह से बानपुर तक 3.53 करोड़ की लागत से आरइओ विभाग से करायी जा रही है. 6.70 किलोमीटर सड़क निर्माण कार्य संवेदक अजमल अंसारी से करायी जा रही है. सड़क निर्माण कार्य शुरू 20 अगस्त 2022 में की गयी थी.दो वर्ष बीत जाने के बावजूद सड़क निर्माण कार्य पूर्ण नहीं हो पाया है.राहगीरों के साथ स्कूली बच्चों को धूल व जर्जर सड़क पर परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. वहीं मेंरले से चरहु तक सड़क भी जी का जंजाल बना हुआ है.उक्त सड़क निर्माण राज्य संपोषित योजना से संवेदक संजर अहमद से करायी जा रही है. सड़क को शुरू हुए लगभग एक वर्ष से अधिक समय बीत चुके हैं. संवेदक ने सड़क को कबाड़ कर छोड़ दिया है. पुल पुलिया में गड्ढे छोड़ दिये गये हैं. वहीं नारी नवाडीह से होंदगा तक 40 लाख रुपये की लागत से प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत बनायी जा रही सड़क सड़क निर्माण कार्य पिछले पांच वर्षों से अधिक समय से चल रही है.जिसका मरम्मत कार्य आज तक पूर्ण नहीं हुई है. 3.3 किमी सड़क मरम्मत कार्य संवेदक अजमल अंसारी द्वारा करायी जा रही है. वहीं हिसरी से कोरगो तक ओम साईं मंगलमूर्ति कंस्ट्रक्शन द्वारा 8.3 किलोमीटर सड़क निर्माण तीन करोड़ की लागत से वर्ष 2017 में शुरू किया गया. जिसे 2018 में पूर्ण किया जाना था. सड़क आज तक पूर्ण नहीं हुई है. पहाड़ी क्षेत्र की सड़क पूरी तरह जर्जर होने के कारण लोगों के लिए जानलेवा बनी हुई है. सात वर्ष बीत जाने के बाद भी सड़क पूर्ण नहीं की गयी. पेशरार से चैनपुर तक 2022 में शुरू हुई सड़क निर्माण कार्य संवेदक अजमल अंसारी द्वारा 04 करोड़ की लागत से करायी जा रही है.अक्टूबर 2023 में पूर्ण होने वाली सड़क आज भी अधूरी पड़ी हुई है.5.2 किलोमीटर सड़क लोगो के लिए मुसीबत बनी हुई है.जबकि पेशरार व सेन्हा प्रखण्ड के सीमावर्ती क्षेत्र पिलर चौक से मनहेपाठ तक सड़क भी संवेदक अजमल अंसारी द्वारा बनायी जा रही है.जिस पर जान हथेली में रखकर लोग आवागमन को विवश हैं. किस्को प्रखंड क्षेत्र के धुर्वा मोड़ से सांगोडीह तक प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत ओम साईं मंगलमूर्ति कंस्ट्रक्शन ने पांच वर्ष पहले शुरू की, लेकिन आज तक पूरी नहीं हो पायी. इसी प्रकार जोबांग से उलदाग तक सड़क का भी नामोनिशान मिट चुका है. मरम्मत की अभाव में सड़क पर लोगों को आवागमन में काफी परेशानी होती है. वहीं पेशरार प्रखंड क्षेत्र के जोड़ा अंबा से रोरद तक सड़क पूरी तरह जर्जर हो चुकी है. लोगों द्वारा विभाग से शिकायत के बावजूद विभाग के कान में जू नहीं रेंग रही है. इस मामले पर जेइ गोविंद कुमार ने जल्द अर्द्धनिर्मित सड़क को पूर्ण कराने की बात कही.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

विज्ञापन
Prabhat Khabar News Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar News Desk

यह प्रभात खबर का न्यूज डेस्क है। इसमें बिहार-झारखंड-ओडिशा-दिल्‍ली समेत प्रभात खबर के विशाल ग्राउंड नेटवर्क के रिपोर्ट्स के जरिए भेजी खबरों का प्रकाशन होता है।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola