ग्रीन हाउस बना नहीं, राशि करा ली ट्रांसफर

Updated at : 28 Feb 2019 12:13 AM (IST)
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ग्रीन हाउस बना नहीं, राशि करा ली ट्रांसफर

कुड़ू : एक तरफ जहां केंद्र तथा राज्य सरकार किसानों की आय को दोगुनी करने के लिए किसानों को सालाना 11 हजार रुपया प्रोत्साहन राशि दे रही है. खेती के गुर सीखने के लिए किसानों को देश के विभिन्न हिस्सों के अलावा विदेश सरकारी खर्चे पर भेज रही है, तो दूसरी तरफ कुड़ू प्रखंड के […]

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कुड़ू : एक तरफ जहां केंद्र तथा राज्य सरकार किसानों की आय को दोगुनी करने के लिए किसानों को सालाना 11 हजार रुपया प्रोत्साहन राशि दे रही है. खेती के गुर सीखने के लिए किसानों को देश के विभिन्न हिस्सों के अलावा विदेश सरकारी खर्चे पर भेज रही है, तो दूसरी तरफ कुड़ू प्रखंड के विभिन्न गांवों में कृषि , पशुपालन तथा सहकारिता विभाग के द्वारा जिला उद्मान विभाग से राष्ट्रीय बागवानी मिशन के तहत बननेवाले ग्रीन हाउस निर्माण में जमकर गड़बड़ी की जा रही है.

साल 2017 – 2018 के तहत बनने वाला चार लाभुको का ग्रीन हाउस दो साल बाद भी बनना तो दूर. ग्रीन हाउस बनाने की सामग्री भी आपूर्ति नहीं की गयी है. सबसे बड़ी विडंबना यह है कि 16 माह पहले लाभुकों के खाते से पैसा ट्रांसफर करा लिया गया है, लेकिन ग्रीन हाउस अब तक नहीं बन पाया है. किसान परेशान हैं कहां जाये, किससे फरियाद करें.

क्या है मामला , किन – किन लाभुकों का बनना था ग्रीन हाउस
कृषि , पशुपालन तथा सहकारिता विभाग झारखंड सरकार के द्वारा एमआइडीएच योजना अंतगर्त राष्ट्रीय बागवानी मिशन के तहत कुड़ू प्रखंड में 12 लाभुकों को ग्रीन हाउस बनाने की स्वीकृति कृषि निदेशालय के द्वारा दिया गया था. कार्य की निगरानी उद्यान विभाग लोहरदगा को करना था. योजना के तहत कुड़ू के 12 किसान कोमा उरांव ,नेमन कुजुर ( दोनो चीरी बड़का टोली ), नेमउदीन अंसारी ( चीरी नावाटोली), सीता उरांव (चीरी) , लक्षमण उरांव , रूबेन कुजुर , वंचस मिंज (सभी कड़ाक) जमाल अंसारी ( लावागांई ) , मेजादर अंसारी (ननतिलो) , राम उरांव ( ननतिलो नावाटोली ) , प्रदीप कुजुर (कड़ाक ) तथा मजीर अंसारी (चीरी ) इसमें शामिल है.
ग्रीन हाउस निर्माण के लिए सरकार के द्वारा पचास प्रतिशत राशि अनुदान में दी गयी थी तथा पचास प्रतिशत राशि लाभुक को वहन करना था. साल 2017-2018 के तहत चयनित प्रखंड के सभी 12 लाभुकों के खाते में झारखंड स्टेट हार्टिकल्चर के द्वारा सीधे एक लाख 77 हजार पांच सौ रुपया जमा करा दिया गया . इस राशि को आठ लाभुकों ने ग्रीन हाउस बनाने वाली रांची की एक कम्पनी के खाते मे ट्रांसफर करा दिया . बताया जाता है ग्रीन हाउस बनाने में किसानों तथा कंपनी के बीच रांची जिले का एक युवक कड़ी का काम करता था.
किसान युवक के बारे में बताने में असमर्थ है. बताया जाता है कि युवक के कहने पर जिन आठ लाभुको नेमन कुजुर , कोमा उरांव , नेमउदीन अंसारी , सीता उरांव , लक्षमण उरांव , रूबेन कुजुर , वंचस मिंज तथा जमाल अंसारी ने सीधे रांची की कंपनी मे पैसा जमा करा दिया . इन सभी आठों लाभुकों का ग्रीन हाउस बनकर तैयार हो गया, किसान खेती भी कर रहे हैं. लेकिन जिन चार लाभुको का दो साल बाद भी ग्रीन हाउस नही बना इसमे मेजादर अंसारी , राम उरांव , प्रदीप कुजुर तथा मजीर अंसारी शामिल है .
लाभुकों ने बताया कि अगस्त माह में युवक किसानों के पास पहुंचा तथा बैंक में जमा राशि को कंपनी के खाते मे भेजने की बात कहते हुए चेक बुक पर हस्ताक्षर कराया साथ ही एक आवेदन में साइन कराया . एक माह बाद भी जब ग्रीन हाउस बनाने का सामान नहीं आया तो युवक के पास पहुंचे तो युवक ने कुछ भी बताने से इंकार करते हुए किसानों को भगा दिया. जानकारी लेने जब लोहरदगा उद्यान विभाग पहुंचे तब बताया गया कि उनके खाते से पैसा निकाल लिया गया है . किसान परेशान है . दो साल से चक्कर काट करे है , कभी युवक के पास तो कभी उद्यान विभाग का चक्कर काट रहे हैं.
क्या है ग्रीन हाउस , कैसे होता किसानो को लाभ : बताया जाता है कि ग्रीन हाउस सब्जी फसल से लेकर फूलों की खेती समेत अन्य फसल उत्पादन के लिए सबसे बेहतर विकल्प है . ग्रीन हाउस में होनेवाले फसल पर ना तो ठंड के दिनों मे कुहासे का असर होगा, ना ही गर्मी के दिनों में फसल गर्मी से झुलस सकती है. ग्रीन हाउस वातावरण को मेंटेन करने के साथ-साथ सभी प्रकार के कीटों से फसलों को बचाता है .
क्या कहते है अधिकारी:
मामले की जानकारी मिली है , जांच कराते हैं , दोषी पर कारवाई करेंगे : जिला उद्यान पदाधिकारी
मामले मे जिला उद्यान पदाधिकारी ऐमलेन पूर्ति ने बताया कि साल 2017 -2018 में बननेवाले ग्रीन हाउस का पैसा सीधे निदेशालय से खाते में आया था . लाभुक को ग्रीन हाउस बनाने वाली रांची के कंपनी के खाते में पैसा भेजना था, फिर किसी निजी व्यक्ति के खाते में पैसा कैसे गया यह जांच का विषय है . निदेशालय से सभी लाभुकों का भौतिक सत्यापन करने का आदेश आया था . जांच कर रिपोर्ट भेज दिये थे. मामला संज्ञान में आया है, जांच कराते है. जांच के बाद जो दोषी होगा, विभाग को कार्रवाई के लिए पत्र लिखेंगे.
मामला मेरी जानकारी में नहीं है : बीएओ
कुड़ू प्रखंड प्रभारी कृषि पदाधिकारी किशोर उरांव ने बताया कि ग्रीन हाउस निर्माण कैसे तथा कहां से होता है कुड़ू कृषि विभाग को जानकारी नहीं है .मामले की जानकारी होगी तो विभाग को अवगत करायेंगे
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