शिक्षक जलाते हैं ज्ञान की लौ, बच्चों के विकास में घर की भूमिका भी अहम

Updated at : 31 Mar 2026 8:38 PM (IST)
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शिक्षक जलाते हैं ज्ञान की लौ, बच्चों के विकास में घर की भूमिका भी अहम

शिक्षक जलाते हैं ज्ञान की लौ, बच्चों के विकास में घर की भूमिका भी अहम

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लातेहार ़ विद्या विकास समिति झारखंड द्वारा संचालित स्थानीय सरस्वती विद्या मंदिर में आयोजित तीन दिवसीय आवासीय विद्यालयी वार्षिक आचार्य कार्यशाला का समापन बुधवार को हुआ. समापन सत्र का शुभारंभ विद्यालय प्रबंध कार्यकारिणी समिति के अध्यक्ष ज्योति चौधरी, सदस्य दिनेश महलका और प्रधानाचार्य उत्तम कुमार मुखर्जी ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया. सोशल और इमोशनल लर्निंग पर चर्चा : मुख्य अतिथि ज्योति चौधरी ने सोशल, इमोशनल और एथिकल लर्निंग विषय पर विस्तार से प्रकाश डाला. उन्होंने कहा कि बच्चों के सर्वांगीण विकास में घर की भूमिका सबसे अग्रणी होती है. घर पर जहां मां प्रथम गुरु के रूप में शिक्षा देती है, वहीं विद्यालय में शिक्षक ज्ञान और संस्कार देने का पवित्र कार्य करते हैं. उन्होंने जोर दिया कि बच्चों को विद्यालय में ऐसा समृद्ध वातावरण मिलना चाहिए जिससे उनका व्यक्तित्व निखर सके. 13 सत्रों में हुआ मंथन : यह आवासीय कार्यशाला कुल 13 सत्रों में संपन्न हुआ़ इसमें विद्यालय के 45 आचार्यों ने भाग लिया. पलामू विभाग प्रमुख अखिलेश कुमार ने कार्यशाला की आवश्यकता और इसके दूरगामी महत्व के बारे में जानकारी दी. वहीं, समिति के सचिव राजीव रंजन पांडेय ने मन के हारे हार है, मन के जीते जीत का मंत्र साझा करते हुए शिक्षकों का उत्साहवर्धन किया. मौके पर नरेंद्र कुमार पांडेय, अनिल कुमार ठाकुर, धर्मेंद्र कुमार जायसवाल, सतीश किशोर, रितु रानी सहित कई लोग उपस्थित थे.

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SHAILESH AMBASHTHA

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