भगवान श्रीराम का चरित्र अनुकरणीय : संत शिव प्रसाद

श्री वैष्णव दुर्गा मंदिर में आयोजित श्री तुलसी रामायण राम कथा महोत्सव के दूसरे दिन अयोध्या से आये संत शिव प्रसाद तिवारी ने प्रवचन दिया़
लातेहार. श्री वैष्णव दुर्गा मंदिर में आयोजित श्री तुलसी रामायण राम कथा महोत्सव के दूसरे दिन अयोध्या से आये संत शिव प्रसाद तिवारी ने कहा कि भगवान श्रीराम का चरित्र अनुकरणीय है. भगवान श्रीराम ने समाज में एक आदर्श व मर्यादा स्थापित की थी, इसी कारण उन्हें मर्यादा पुरुषोत्तम कहा जाता है. उन्होंने कहा कि आज समाज में विद्वेष ने स्थान ले लिया है. भाई-भाई का नहीं है, पिता पुत्र का नहीं है. लेकिन रामायण में वर्णन है कि भगवान श्रीराम ने अपने भाई के लिए सिंहासन छोड़ दिया था. पिता का वचन रखने के लिए 14 साल वनवास में बिताया था. उन्होंने नारी का अनादर करने पर बाली और रावण का वध किया था. आज समाज में जिस प्रकार नारी उत्पीड़न हो रहा है, वह निंदनीय ही नहीं, बल्कि सोचनीय भी है. कथा संचालक संतोष कुमार मिश्रा ने बताया कि यह आयोजन सात सितंबर तक दोपहर तीन से छह बजे तक होगा. इस अवसर पर अभिनंदन प्रसाद, भुनेश्वर प्रसाद गुप्ता, अशोक कुमार महलका, आशीष टैगोर, विवेक मिश्रा व परितोष ठाकुर उपस्थित थे.
डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar News Desk
यह प्रभात खबर का न्यूज डेस्क है। इसमें बिहार-झारखंड-ओडिशा-दिल्ली समेत प्रभात खबर के विशाल ग्राउंड नेटवर्क के रिपोर्ट्स के जरिए भेजी खबरों का प्रकाशन होता है।
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए




