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कोयला तस्करी मामले की सीआइडी जांच का डीजीपी ने दिया आदेश

Updated at : 10 Jul 2020 5:54 AM (IST)
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कोयला तस्करी मामले की सीआइडी जांच का डीजीपी ने दिया आदेश

लातेहार के बालूमाथ अनुमंडल सहित आसपास के क्षेत्रों में कोयला तस्करी के मामले की अब सीआइडी जांच होगी. तस्करी में पुलिस अफसरों की मिलीभगत को गंभीरता से लेते हुए डीजीपी एमवी राव ने जांच का आदेश दिया है.

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रांची : लातेहार के बालूमाथ अनुमंडल सहित आसपास के क्षेत्रों में कोयला तस्करी के मामले की अब सीआइडी जांच होगी. तस्करी में पुलिस अफसरों की मिलीभगत को गंभीरता से लेते हुए डीजीपी एमवी राव ने जांच का आदेश दिया है. इस मामले में लातेहार के एसपी प्रशांत आनंद ने बालूमाथ अनुमंडल में की जा रही कोयला तस्करी को लेकर डीजीपी को रिपोर्ट भेजी थी. रिपोर्ट के आधार पर ही बालूमाथ के एसडीपीओ रणवीर सिंह को पद से हटाते हुए लातेहार मुख्यालय क्लोज कर दिया गया था.

साथ ही डीएसपी को जिला से हटाने की भी अनुशंसा की गयी थी. बाद में उनका तबादला कर दिया गया था. इस मामले में बालूमाथ के इंस्पेक्टर सह थाना प्रभारी राजेश मंडल को भी लाइन हाजिर कर दिया गया था. वहीं इंस्पेक्टर को निलंबित करने की सिफारिश पलामू के प्रभारी डीआइजी अखिलेश झा से की गयी थी. इसके अलावा डीएसपी के क्राइम रीडर राहुल कुमार को एसपी ने लाइन हाजिर कर दिया था. इस मामले में पुलिस कार्रवाई करते हुए पांच लोगों को जेल भेज चुकी है.बता दें कि बालूमाथ से लगातार कोयला तस्करी की शिकायत मिलने के बाद एसपी ने छापेमारी कर कोयला लदे ट्रकों को जब्त किया था.

जांच में पता चला था कि कोयला तस्कर प्रति ट्रक डीएसपी, इंस्पेक्टर सहित अन्य को पैसे देते है. इसके बाद एसपी ने डीएसपी के क्राइम रीडर से पूछताछ की ताे उसने कोयला तस्करों से मिलीभगत की बात स्वीकार की. उसके मोबाइल फोन में कोयला तस्करों से बातचीत की रिकार्डिंग भी थी. ऐसे में एसपी ने रीडर के मोबाइल फोन को भी जब्त कर लिया. वहीं जांच में डीएसपी और इंस्पेक्टर की भूमिका को लेकर कई तथ्य भी सामने आये. इसके बाद एसपी ने सबूतों के साथ पूरी रिपोर्ट डीजीपी को भेज दी थी. एसआइटी की जांच में पूर्व थाना प्रभारी सुभाष पासवान की भूमिका भी सामने आयी थी.

लंबे समय से चल रहा था गोरखधंधा मालूम हो कि लातेहार में पांचों रेलवे साइडिंग बालूमाथ, टोरी, फुलबसिया, बुकरु और कुसमाही बीराटोली से रैक के जरिये कोयला दूसरे राज्यों में भेजा जाता है. इसी दौरान सीसीएल कर्मी और कोयला कारोबारी की मिलीभगत से ट्रक और डंपर में चालान से अधिक कोयला लोड कर दिया जाता है. फिर उसे लातेहार के बालूमाथ थाना क्षेत्र के बरियातू इलाके के आरा, चमातू व अमरवाडीह में उतार कर जमा किया जाता है.

इसके बाद रात में कोयले को ट्रकों के जरिये ईंट-भट्ठों, बिहार और यूपी की मंडियों तक पहुंचाने का काम पिछले कई सालों से चल रहा है. स्थानीय कोयला माफिया के द्वारा 40- 50 हजार रुपये प्रति ट्रक कोयला बेचा जाता था. इसके बाद यही कोयला जमशेदपुर के आदित्यपुर, यूपी के वाराणसी, बंगाल और बिहार की मंडी में 5500 से 6000 प्रति टन के रेट से बेचा जाता है.

Post by : Pritish Sahay

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