श्रद्धा भक्ति और आस्था का केंद्र है गुमो गढ़ का काली मंदिर प्रतिनिधि झुमरीतिलैया. होके मायूस तेरे दर से कोई सवाली न गया, झोलियां भाग भर गई सबकी कोई खाली न गया. ” गुमो के गढ़ पर स्थापित काली मंदिर आसपास के लोगों के लिए श्रद्धा भक्ति और आस्था का केंद्र है. सच्चे मन से यहां पहुंचने वाले हर भक्तों की मनोकामना पूरी होती है. इस वर्ष चार दिवसीय मां काली महोत्सव 16 जनवरी से शुरू होगा. इस वर्ष यहां पर पूजा का 20वां वर्ष होगा. इसका समापन 19 जनवरी को होगा. आयोजन स्थल पर भव्य पंडाल बनाया जा रहा है, यहां आकर्षक लाइटिंग की व्यवस्था की जा रही है जो दूर से ही श्रद्धालुओं को अपनी ओर आकर्षित करेगा. पूजा कमेटी संयोजक दीनानाथ पांडेय, अध्यक्ष दिलीप प्रसाद वर्मा, सचिव शिव शंकर पांडेय से मिली जानकारी के अनुसार 16 को पूजा प्रारम्भ, चंडी पाठ, शाम को संध्या आरती, 17 को सुबह में पूजा, चंडी पाठ शाम में महापूजा, भोग और आरती कार्यक्रम, 18 को सामूहिक हवन, महाप्रसाद का वितरण जबकि 19 को दोपहर के बाद कलश विसर्जन होगा. यहां चार दिनों तक मेला का भी आयोजन किया जा रहा है. पूजा कमेटी के संयोजक और मंदिर निर्माण कमेटी के अध्यक्ष दीनानाथ पाण्डेय ने कहा कि इस वर्ष यहां पूजा का 20वां वर्ष मनाया जायेगा. इस पूजा में स्थानीय लोगों के अलावा, झुमरी तिलैया चंदवारा, हरली, बिरसोडीह के लोग पहुंचते हैं. उन्होंने कहा कि यह मंदिर आसपास के लोगों के लिए श्रद्धा भक्ति और आस्था का केंद्र है. पिछले तीन साल से लगातार पूजा कमेटी के अध्यक्ष रह रहे दिलीप प्रसाद वर्मा ने कहा कि यह चार दिवसीय महोत्सव आसपास के लोगों के लिए आकर्षण का विशेष केंद्र रहता है. माघी काली पूजा को संपन्न कराने में शिव शंकर पांडेय, शैलेन्द्र कुमार अभय, बनवारी वर्मा, विवेक उर्फ़ मदन पांडेय, मनीष पांडेय, छोटे पांडेय, जितेंद्र राम, महेन्द्र राम, द्वारिका सिंह, शक्तिकांत सिन्हा, त्रिवेणी पांडेय सहित अन्य लोगों का विशेष योगदान रहता है.
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