कोडरमा बाजार: उपायुक्त संजीव कुमार बेसरा की अध्यक्षता में गुरुवार को कन्या भ्रूण हत्या व अवैध निजी क्लिनिकों के संचालकों पर अंकुश लगाने को लेकर जिलास्तरीय समीक्षा बैठक हुई. बैठक में पूर्व में गठित जांच कमेटी द्वारा अब तक अल्ट्रासाउंड क्लिनिकों व अस्पतालों की जांच में शिथिलता बरते जाने की बात सामने आने पर डीसी ने नाराजगी जतायी. उन्होंने प्रभारी सिविल सर्जन को फटकार लगाते हुए कार्यशैली में बदलाव लाने व निजी क्लिनिकों पर नियमों का पालन सुनिश्चित कराने का निर्देश दिया. समीक्षा के दौरान पाया गया की अब तक 14 अल्ट्रासाउंड क्लिनिकों में से सात की जांच जिला निरीक्षण दल द्वारा किया गया है.
इस पर डीसी ने नाराजगी जताते हुए कहा कि शहरी क्षेत्र में जांच को लेकर जब यह स्थिति है, तो ग्रामीण इलाकों में इसको लेकर कब जांच होगी. उन्होंने नियमित निरीक्षण करने को कहा. डीसी ने कहा कि अल्ट्रासाउंड क्लिनिकों का निरीक्षण केवल झुमरीतिलैया तक ही सीमित है, इसे डोमचांच, सतगावां, जयनगर, मरकच्चो समेत सभी प्रखंडों में शुरू करें. उपायुक्त ने समिति के सदस्यों को चेतावनी दी कि अगर नियमित निरीक्षण नहीं होता है और वे खुद कभी निरीक्षण करने के दौरान गड़बड़ी पायेंगे, तो समिति सदस्यों पर ही सबसे पहले कार्रवाई होगी. बैठक में जिला में चल रहे अवैध निजी नर्सिंग होम की गतिविधियों पर चिंता जताते हुए डीसी ने सीएस से पूछा कि क्लिनिक के संचालन में नियंत्रण हेतु जिला रेगुलेटरी ऑथिरिटी है, तो इसकी बैठक अभी तक क्यों नहीं की गयी है. जिला में हाल में घटित दो घटनाओं के आलोक में सिविल सर्जन को निर्देशित किया गया कि अगर अधिनियम के अंतर्गत प्राथमिकी दर्ज करने का प्रावधान है, तो तत्काल एफआइआर करना सुनिश्चित करें. बैठक में उपस्थित एसडीओ को निर्देश दिया गया की सिविल सर्जन द्वारा विधि सम्मत कार्रवाई नहीं किये जाने पर स्वास्थ्य विभाग की संलिप्तता को मानते हुए विधि सम्मत कार्रवाई की जाये.
बैठक में निजी अस्पतालों के निबंधन व इसके रिन्युल की स्थिति को लेकर भी रिपोर्ट तलब की गयी. वहीं पूरे मुद्दे को लेकर 14 अगस्त को 11 बजे गोपनीय में बैठक बुलायी गयी. इसमें पुलिस अधीक्षक, उपविकास आयुक्त, सिविल सर्जन, अनुमंडल पदाधिकारी, अध्यक्ष आइएमए, जिला आयुष चिकित्सा पदाधिकारी भी मौजूद रहेंगे. बैठक में एसडीओ प्रभात कुमार बरदियार, प्रभारी सीएस डॉ विनोद कुमार, डॉ रंजीत कुमार, डॉ मनोज कुमार, डॉ राजन कुमार, डीपीएम समरेश कुमार सिंह, पवन कुमार, रूपलाल गोप, पन्ना लाल जोशी, होली फैमली की सिस्टर व अन्य मौजूद थे.
प्रखंडों में भी होगी क्लिनिकों की जांच: डीसी ने प्रखंड स्तर पर निजी क्लिनिकों की जांच को लेकर कमेटी गठित कर रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया. कमेटी में प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी, बीडीओ/सीओ व थाना प्रभारी को रखा गया है. तीन सदस्यीय टीम को 10 दिन के अंदर सभी क्लिनिकों की जांच कर अपना प्रतिवेदन देना सुनिश्चित करने को कहा गया, ताकि 28 अगस्त को होनेवाली बैठक में इसकी समीक्षा की जा सके.