बिहार में हड़ताली अफसरों पर गिरेगी गाज, 25 मार्च तक काम पर लौटें वरना जाएगी नौकरी

Updated at : 25 Mar 2026 8:19 AM (IST)
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उपमुख्यमंत्री मंत्री विजय कुमार सिन्हा

Bihar News: बिहार में हड़ताली राजस्व अधिकारियों के खिलाफ सरकार ने कड़ा रुख अपनाया है. उपमुख्यमंत्री सह राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने साफ कहा है कि 25 मार्च शाम 5 बजे तक सभी अधिकारी हर हाल में काम पर लौटें, नहीं तो उनके खिलाफ सख्त अनुशासनिक कार्रवाई की जाएगी. सरकार ने सामूहिक अवकाश को अवैध बताते हुए इसे जनहित के खिलाफ बताया है.

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Bihar News: बिहार में अपनी मांगों को लेकर सामूहिक अवकाश पर गए राजस्व अधिकारियों की मुश्किलें बढ़ने वाली हैं. राज्य सरकार ने इस हड़ताल को पूरी तरह से अवैध घोषित करते हुए कड़ा रुख अख्तियार कर लिया है.

उपमुख्यमंत्री सह राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने चेतावनी दी है कि जो भी पदाधिकारी 25 मार्च की शाम 5 बजे तक अपने कर्तव्य पर वापस नहीं लौटेंगे, उनके खिलाफ सख्त अनुशासनिक कार्रवाई की जाएगी. विभाग ने स्पष्ट किया है कि नियमों के विरुद्ध जाकर किया गया यह विरोध प्रदर्शन अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.

हड़ताल पर सरकार का सख्त रुख

सरकार ने केवल चेतावनी ही नहीं दी है, बल्कि कार्रवाई का पूरा रोडमैप भी तैयार कर लिया है. विभाग के अपर सचिव आजीव वत्सराज के ओर से जारी पत्र के अनुसार, निर्धारित समयसीमा के बाद भी अनुपस्थित रहने वाले अधिकारियों पर ‘सेवा टूट’ की कार्रवाई हो सकती है. इसके अलावा उनके वेतन में कटौती और अन्य विभागीय जांच भी शुरू की जा सकती है.

उपमुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि बिहार राजस्व सेवा के अधिकारियों का 9 मार्च से सामूहिक अवकाश पर जाना प्रशासनिक व्यवस्था को चुनौती देने जैसा है, जिससे आम जनता को भारी असुविधा हो रही है.

जनहित सर्वोपरि

सरकार ने इसे जनहित से जुड़ा मामला बताते हुए कहा कि दाखिल-खारिज (म्यूटेशन) जैसे जरूरी कार्य बाधित नहीं होने दिए जाएंगे. अब तक 12 हजार से अधिक मामलों का निपटारा किया जा चुका है, जो यह दिखाता है कि व्यवस्था पूरी तरह ठप नहीं हुई है.

हड़ताल के बीच एक चौंकाने वाला आंकड़ा भी सामने आया है. सरकार का दावा है कि अधिकारियों के विरोध के बावजूद राजस्व कार्यों की रफ्तार थमी नहीं है. विजय कुमार सिन्हा ने बताया कि लगभग 50 प्रतिशत से अधिक अधिकारी अभी भी काम पर डटे हुए हैं.

इसका प्रमाण यह है कि हड़ताल की अवधि के दौरान ही 12,163 दाखिल-खारिज (म्यूटेशन) के मामलों पर काम किया गया है. सरकार ने संदेश दे दिया है कि कुछ अधिकारियों की अनुपस्थिति से जनता के काम प्रभावित नहीं होने दिए जाएंगे.

सरकारी कार्यक्रमों पर नहीं पड़ेगा असर

सरकार की इस सख्ती के पीछे मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की आगामी ‘समृद्धि यात्रा’ और ‘भूमि सुधार जनकल्याण संवाद’ जैसे महत्वपूर्ण कार्यक्रम भी हैं. इन कार्यक्रमों की सफलता के लिए राजस्व अधिकारियों की मौजूदगी अनिवार्य है.

विजय सिन्हा ने याद दिलाया कि जनहित के कार्यों और प्रशासनिक व्यवस्था से किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा. अब सबकी नजरें 25 मार्च की शाम पर टिकी हैं कि कितने अधिकारी झुकते हैं और कितनों पर गाज गिरती है.

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Pratyush Prashant

लेखक के बारे में

By Pratyush Prashant

महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में एम.ए. तथा जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) से मीडिया और जेंडर में एमफिल-पीएचडी के दौरान जेंडर संवेदनशीलता पर निरंतर लेखन. जेंडर विषयक लेखन के लिए लगातार तीन वर्षों तक लाडली मीडिया अवार्ड से सम्मानित रहे. The Credible History वेबसाइट और यूट्यूब चैनल के लिए कंटेंट राइटर और रिसर्चर के रूप में तीन वर्षों का अनुभव. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल, बिहार में राजनीति और समसामयिक मुद्दों पर लेखन कर रहे हैं. किताबें पढ़ने, वायलिन बजाने और कला-साहित्य में गहरी रुचि रखते हैं तथा बिहार को सामाजिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक दृष्टि से समझने में विशेष दिलचस्पी.

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