शराब दुकानों में गलत हुआ, तो नपेंगे सेल्समैन व सुपरवाइजर

Updated at : 04 Aug 2017 1:20 PM (IST)
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शराब दुकानों में गलत हुआ, तो नपेंगे सेल्समैन व सुपरवाइजर

कोडरमा:राज्य में एक अगस्त से लागू हुई नयी शराब बिक्री नीति का कड़ाई से पालन करने के लिए प्रशासनिक स्तर से प्रयास जारी है. सरकार ने खुद शराब बेचने के फैसले के तहत झारखंड राज्य बिवरेज कॉरपोरेशन लिमिटेड (जेएसबीसीएल) द्वारा दुकानों का संचालन करना शुरू किया, तो अब जिम्मेवारी भी तय की जाने लगी है. […]

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कोडरमा:राज्य में एक अगस्त से लागू हुई नयी शराब बिक्री नीति का कड़ाई से पालन करने के लिए प्रशासनिक स्तर से प्रयास जारी है. सरकार ने खुद शराब बेचने के फैसले के तहत झारखंड राज्य बिवरेज कॉरपोरेशन लिमिटेड (जेएसबीसीएल) द्वारा दुकानों का संचालन करना शुरू किया, तो अब जिम्मेवारी भी तय की जाने लगी है. नयी नीति में अगर शराब दुकानों में कुछ गलत हुआ, तो संबंधित दुकान के सेल्समैन व सुपरवाइजर पहले नपेंगे. इसके बाद जिसकी जवाबदेही होगी, उनके ऊपर भी कार्रवाई को लेकर निर्देश दिया गया है. इस मुद्दे को लेकर डीसी संजीव कुमार बेसरा के निर्देशानुसार गुरुवार को उत्पाद अधीक्षक अजय कुमार गौड़ ने शराब दुकान संचालकों, सेल्समैन, सुपरवाइजर, चाराडीह स्थित शराब डिपो के मैनेजर, रिसोर्स कंपनी के प्रतिनिधि के साथ बैठक की.
बैठक में स्पष्ट कहा गया कि किसी भी शराब दुकान में प्रिंट रेट से अधिक में शराब की बिक्री नहीं हो. यहीं नहीं हर ग्राहक को शराब के साथ खरीदारी को लेकर रसीद भी निर्गत की जाये. यहीं नहीं शराब दुकान के माध्यम से अवैध/नकली शराब की बिक्री जैसी बात सामने आयी, तो संबंधित दुकान के सेल्समैन, सुपरवाइजर पर त्वरित कार्रवाई होगी. इसके साथ ही संबंधित रिसोर्स एजेंसी के विरुद्ध कार्रवाई होगी. उत्पाद अधीक्षक ने सभी से कहा कि नियम का शत प्रतिशत पालन किया जाये. कोई परेशानी हो, तो सीधे उनसे या संबंधित थाना के पदाधिकारी से संपर्क किया जाये. डिपो से अगर कोई शराब खुला आये, तो उसे दुकान में न रखें. बैठक में नयी व्यवस्था के तहत लागू नियमों की भी जानकारी सभी को दी गयी. बताया गया कि एक व्यक्ति को चार बोतल (तीन लीटर) से अधिक शराब नहीं दी जाये. शहरी क्षेत्र में दुकान का संचालन दिन के एक से चार बजे व शाम पांच से 10 बजे रात तक होगा.
10 दिनों तक पैसा जमा करने का भी काम करेगी निजी एजेंसी
राज्य में जेएसबीसीएल के जरिये दुकानों के संचालन को लेकर दो निजी रिसोर्स कंपनियों के जरिये कर्मी प्रतिनियुक्त किये गये हैं. इसमें मेसर्स फ्रंट लाइन बिजनेस सोल्यूशन प्रा. लि. रांची व मेसर्स शैमक इंजीनियरिंग एंड कंस्लटेंसी सर्विसेज कोलकाता पश्चिम बंगाल शामिल हैं. नयी व्यवस्था में शराब दुकानों में बिक्री के बाद रोजाना बैंक में पैसा जमा कराने की भी बात है, पर यह पैसा कैसे जमा होगा, इसको लेकर ठोस निर्णय नहीं हो पाया है. ऐसे में राज्यस्तर से ही निर्देश जारी कर तत्काल 10 दिनों तक पैसा जमा करने की जिम्मेवारी निजी रिसोर्स एजेंसी को ही दी गयी है. इस बीच अन्य विकल्पों की तलाश की जायेगी. निर्देश में कहा गया है कि एक दुकान में एक ही एजेंसी के कर्मी प्रतिनियुक्त रहें, ताकि कोई गड़बड़ी न हो.
पदाधिकारी लगातार कर रहे दुकानों की जांच
इधर, नयी व्यवस्था के लागू होने के बाद शराब के शौकीनों पर आफत आ गयी है. जिले में पहले से संचालित 46 दुकानों में से अभी आठ दुकानें ही खुली है. अन्य आठ दुकानें जल्द खुलने की उम्मीद हैं. ऐसे में शराब दुकानों पर अच्छी खासी भीड़ देखी जा रही है. विभाग के पदाधिकारी के साथ ही डीसी की ओर से नियुक्त पर्यवेक्षक लगातार शराब दुकानों की जांच कर रहे है.
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