तोरपा : लाह की खेती बना आर्थिक उन्नति का आधार

Updated at : 16 Sep 2016 7:28 AM (IST)
विज्ञापन
तोरपा : लाह की खेती बना आर्थिक उन्नति का आधार

15 तोरपा, प्रशिक्षण शिविर में मौजूद किसान. प्रखंड के लगभग 700 किसान कर रहे हैं लाह की खेती तोरपा : तोरपा प्रखंड के कई गांव के किसान लाह की खेती कर अपने व अपने परिवार की अार्थिक स्थिति को मजबूत बनाने में जुटे हैं. प्रखंड के लगभग 700 किसान प्रशिक्षण प्राप्त कर लाह की खेती […]

विज्ञापन
15 तोरपा, प्रशिक्षण शिविर में मौजूद किसान.
प्रखंड के लगभग 700 किसान कर रहे हैं लाह की खेती
तोरपा : तोरपा प्रखंड के कई गांव के किसान लाह की खेती कर अपने व अपने परिवार की अार्थिक स्थिति को मजबूत बनाने में जुटे हैं. प्रखंड के लगभग 700 किसान प्रशिक्षण प्राप्त कर लाह की खेती कर रहे हैं.
इस कार्य में महिला विकास केंद्र उन्हें तकनीकी मदद कर रही है. केंद्र की निदेशक सिस्टर डेफिनी ने बताया कि लाह की खेती के लिए बीहन लाह भी महिला विकास केंद्र ने किसानों को नि:शुल्क मुहैया करायी है. यह बीहन लाह महिला विकास केंद्र को मुंबई की एक संस्था इडल्स गिव्स फांउडेशन के सहयोग से प्राप्त हुआ है.
किसानों को बीहन लाह देने के पूर्व उन्हें लाह की खेती की तकनीकी जानकारी दी गयी. इसके लिए कई दौर का प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया गया. प्रशिक्षण के लिए भारतीय लाख अनुसंधान केंद्र के वैज्ञानिकों का सहयोग लिया गया.
लाह की खेती कुसुम व बेर के पेड़ पर किया जा रहा है. वर्तमान में प्रखंड के दस नये गांवों में लाह की खेती का काम शुरू किया गया है. जिसका फसल इस वर्ष नवंबर माह तक आ जाने की संभावना है. मनहातु, चुरगी, हुसीर, पोढ़ोटोली, कमड़ा, चटकपुर, पतराटोली, कनकलोया, कोरकोटोली तथा कोंकेया में लाह की खेती किसान कर रहे हैं.
लाह की खेती की अपार सभावनाएं हैं इस क्षेत्र में : सिस्टर डेफिनी
महिला विकास केंद्र की निदेशक सिस्टर डेफिनी कहती है कि इस क्षेत्र में लाह की खेती की अपार संभावना है. पहले भी लोग इस क्षेत्र में पारंपरिक ढंग से लाह की खेती करते आ रहे हैं. हमारा प्रयास है कि उन्हें तकनीकी जानकारी तथा सहयोग देकर उनके लाह की पैदावार को बढ़ायी जाये. यह नकदी फसल है.
बच्चों का साल बरबाद नहीं होगा
मैट्रिक व इंटर संपूरक परीक्षा का रिजल्ट जारी, जैक अध्यक्ष ने कहा
जैक ने गुरुवार को मैिट्रक व इंटर संपूरक परीक्षा का रिजल्ट जारी कर दिया़ दोनों संपूरक परीक्षाओं में छात्राओं ने बाजी मारी.
रांची : झारखंड एकेडमिक काउंसिल (जैक) द्वारा आयोजित मैट्रिक व इंटर संपूरक परीक्षा-2016 का रिजल्ट गुरुवार को जारी कर दिया गया. मौके पर आयोजित कार्यक्रम में जैक अध्यक्ष अरविंद प्रसाद सिंह ने कहा कि रिकार्ड समय में संपूरक परीक्षा आयोजित कर रिजल्ट तैयार किया गया है, ताकि बच्चों का साल बरबाद न हो.
बिहार में मैट्रिक व इंटर संपूरक परीक्षा नवंबर माह में लेने की घोषणा की गयी है, जबकि झारखंड में परीक्षा लेने के बाद रिजल्ट भी जारी कर दिया गया. इस मामले में झारखंड, बिहार से काफी आगे है. श्री सिंह ने कहा कि काउंसिल पांच प्रकार के स्कॉलरशिप की परीक्षा लेता है. इसमें विद्यार्थियों की भागीदारी काफी कम हो रही है. जितना कोटा तय रहता है, उतना भी आवेदन नहीं आ रहा है.
इस संबंध में विद्यार्थियों आैर उनके अभिभावकों को जागरूक किये जाने की जरूरत है. काउंसिल इस दिशा में अपने स्तर से प्रयास कर रहा है. कार्यक्रम का संचालन सचिव रजनीकांत वर्मा व धन्यवाद ज्ञापन संयुक्त सचिव सच्चिदानंद दिवेंंदु तिग्गा ने किया. इस अवसर पर उप सचिव यूजीन मिंज, परीक्षा नियंत्रक डाॅ सत्यजीत कुमार सिंह, उमेश यादव सहित काफी संख्या में जैककर्मी व शिक्षक उपस्थित थे.
इंटर संपूरक परीक्षा भी छात्राओं ने बाजी मारी
इंटर संपूरक परीक्षा में कला संकाय में 76.1%, विज्ञान में 71.6% व वाणिज्य संकाय में 84.7 प्रतिशत विद्यार्थी उत्तीर्ण घोषित किये गये है. कला संकाय में 13,990 में से 10,635 विद्यार्थी सफल रहे. वहीं विज्ञान संकाय में 13,067 में से 9363 विद्यार्थी उत्तीर्ण घोषित किये गये. वाणिज्य संकाय की परीक्षा में 6,256 विद्यार्थी शामिल हुए, जिसमें से 5301 उत्तीर्ण रहे. सफल होनेवालों में छात्रों की अपेक्षा छात्राअों का प्रतिशत अधिक रहा.
विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola