दामोदर में डूबने से एक की मौत

Updated at : 12 Aug 2016 7:22 AM (IST)
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दामोदर में डूबने से एक की मौत

खलारी : धमधमिया निवासी सीसीएलकर्मी प्रयाग भुइयां (56)की मौत दामोदर नदी में डूबने से हो गयी. वे एनके एरिया अंतर्गत पुरनाडीह परियोजना में ऑपरेटर के पद पर कार्यरत थे. वे बुधवार को द्वितीय पाली में ड्यूटी करने पुरनाडीह गये थे. सहकर्मी ने बताया कि शाम सात बजे वे शौच के लिए दामोदर नदी के किनारे […]

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खलारी : धमधमिया निवासी सीसीएलकर्मी प्रयाग भुइयां (56)की मौत दामोदर नदी में डूबने से हो गयी. वे एनके एरिया अंतर्गत पुरनाडीह परियोजना में ऑपरेटर के पद पर कार्यरत थे. वे बुधवार को द्वितीय पाली में ड्यूटी करने पुरनाडीह गये थे. सहकर्मी ने बताया कि शाम सात बजे वे शौच के लिए दामोदर नदी के किनारे गये थे. जहां वे दामोदर में डूब गये. गुरुवार सुबह रोहिणी विद्युत सबस्टेशन के निकट दामोदर नदी के रेत पर उनका शव मिला. सूचना मिलते ही परिजन व अन्य लोग वहां पहुंचे.

पुलिस को भी सूचना दे दी गयी. थाना क्षेत्र को लेकर असमंजस की स्थिति बनी रही. दरअसल पुरनाडीह परियोजना कार्यालय पिपरवार थाना क्षेत्र अंतर्गत आता है, परंतु जहां शव मिला वह खलारी थाना क्षेत्र है. अंतत: करीब 10.30 बजे खलारी इंस्पेक्टर राजदेव प्रसाद के निर्देश पर पुलिस शव के करीब पहुंची. परंतु प्रयाग भुइयां के आश्रित को नियुक्ति पत्र दिलाने के लिए लोग आंदोलनरत हो गये और शव को उठाने नहीं देने लगे.

पुल बनाने की मांग

धमधमिया और पुरनाडीह परियोजना कार्यालय के बीच से दामोदर बहती है. पूर्व में प्रबंधन ने दामोदर में डाला पुल बनवाया था. लेकिन नदी प्रदूषण को लेकर दायर एक जनहित याचिका के बाद हाईकोर्ट ने डाला पुल तत्काल हटाने का आदेश दे दिया.

डाला पुल हटने के बाद एनके एरिया के लोगों के लिए केडीएच के समीप दामोदर पर बना पुल ही पुरनाडीह के लिए एकमात्र मार्ग बच गया. परंतु इस पुल से होकर जाने में 15 किलोमीटर से ज्यादा की दूरी तय करनी होती है. वहीं दामोदर नदी को सीधे पार कर पुरनाडीह जाने में आधा किलोमीटर की दूरी तय करनी होती है. जब पानी कम होता है तो अधिकतर कामगार इसी रास्ते से ड्यूटी आना-जाना करते हैं. धमधमिया के लोगों ने प्रबंधन से इस जगह पर भी एक बड़ा पुल बनाने की मांग की है.

नियुक्ति पत्र मिलने के बाद पुरनाडीह का काम शुरू

दामोदर में डूब कर मरे प्रयाग भुइयां के बेटे को नियुक्ति पत्र मिलने के बाद ही पुरनाडीह का काम शुरू हो सका. लोग गुरुवार की सुबह शव मिलने के बाद से ही प्रयाग के बेटे को नौकरी देने की मांग पर पुरनाडीह का काम बंद करा दिये थे.

अपराह्न वार्ता के बाद शाम चार बजे प्रयाग के पुत्र फुटानी भुइयां को नियुक्ति पत्र दिया गया. उसके बाद लोगों ने आंदोलन वापस लिया. वार्ता में प्रबंधन की ओर से पुरनाडीह के परियोजना पदाधिकारी पीएल केवट, एसके गोस्वामी, एसके घोष, प्रताप रंजन, ग्रामीणों व यूनियन प्रतिनिधियों की ओर से जिप सदस्य रतिया गंझू, रंथू उरांव, अशोक सिंह, जयंत पांडेय, सोनू ठाकुर, बालेश्वर उरांव, सुरेश उरांव, महेंद्र उरांव शामिल थे. शाम चार बजे के बाद खलारी पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया.

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