बंगाल में ओवैसी की दहाड़- ममता दीदी को लगेगा करारा झटका, मुसलमानों को वोट बैंक समझा, इंसान नहीं

नोदा की रैली में हुमायूं कबीर और असदुद्दीन ओवैसी.
Asaduddin Owaisi in Bengal: असदुद्दीन ओवैसी ने नाओडा रैली में ममता बनर्जी और कांग्रेस पर साधा निशाना. बोले- 50 साल में मुस्लिम समुदाय का विकास नहीं हुआ. जानें बंगाल चुनाव 2026 में ओवैसी और AJUP का नया गठबंधन क्या रंग लाएगा.
Asaduddin Owaisi in Bengal: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के दूसरे चरण से पहले सूबे की सियासत में ‘वोट बैंक’ की जंग तेज हो गयी है. बुधवार को मुर्शिदाबाद के नोदा में एक विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए एआईएमआईएम (AIMIM) प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस (TMC) और बंगाल की चीफ मिनिस्टर ममता बनर्जी पर सीधा हमला बोला. ओवैसी ने आरोप लगाया कि ममता बनर्जी और अन्य दलों ने दशकों से मुसलमानों का इस्तेमाल केवल सत्ता की सीढ़ी चढ़ने के लिए किया. बदले में मुसलमानों को सिवाय पिछड़ेपन के कुछ नहीं मिला.
50 साल का हिसाब मांगेगा मुसलमान : ओवैसी
हुमायूं कबीर के नेतृत्व वाली पार्टी आम जनता उन्नयन पार्टी (AJUP) के उम्मीदवारों के समर्थन में रैली करने पहुंचे AIMIM चीफ ओवैसी ने कांग्रेस और वाम मोर्चा को भी नहीं बख्शा. उन्होंने कहा कि पिछले 50 सालों से बंगाल के मुसलमानों ने कभी कांग्रेस, कभी वामपंथ और अब टीएमसी को एकतरफा वोट दिया. लेकिन, आज भी आपकी आर्थिक और सामाजिक स्थिति जस की तस है. इन दलों ने आपको केवल वोट बैंक समझा, इंसान नहीं.
टीएमसी के लिए चौंकाने वाले होंगे चुनावी नतीजे : ओवैसी
असदुद्दीन ओवैसी ने रैली में ऐलान किया कि इस बार चुनावी नतीजे टीएमसी के लिए चौंकाने वाले होंगे. हमने हुमायूं कबीर के साथ हाथ मिलाया है, ताकि मुस्लिम समुदाय को राजनीति में असली प्रतिनिधित्व मिल सके. हम सब मिलकर ममता बनर्जी और उनकी पार्टी को ऐसा झटका देंगे कि वे संभल नहीं पायेंगे. उन्होंने जनता से अपील की कि वे अब ‘डराने वाली राजनीति’ से बाहर निकलें. अपने बीच से अपना नेता चुनें.
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Asaduddin Owaisi in Bengal: मुर्शिदाबाद बना सत्ता की चाबी
मुर्शिदाबाद जिला मुस्लिम बहुल इलाका है. यहां असदुद्दीन ओवैसी की सक्रियता ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के लिए खतरे की घंटी मानी जा रही है. टीएमसी अल्पसंख्यक वोटों के बिखराव को रोकने की कोशिश में है, तो ओवैसी का ‘पॉलिटिकल लीडरशिप’ का नारा सीधे तौर पर युवा मुस्लिम मतदाताओं को अपनी ओर खींच रहा है.
2 चरणों में वोटिंग, 4 मई को आयेगा फैसला
पश्चिम बंगाल की 294 सीटों के लिए 23 और 29 अप्रैल को मतदान होगा. बंगाल चुनाव में ओवैसी की एंट्री ने मुर्शिदाबाद और मालदा जैसे मुस्लिम बहुल जिलों में चुनावी मुकाबले को त्रिकोणीय बना दिया है. देखना यह है कि ‘वोट बैंक’ की यह नयी केमिस्ट्री 4 मई को किसके पक्ष में नतीजे लाती है.
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By Mithilesh Jha
मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 30 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.
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