प्रकृति की रक्षा का संदेश देता है सरहुल
Updated at : 09 Apr 2019 1:31 AM (IST)
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खूंटी : सरना धम सोतो: समिति डौगड़ा में सोमवार को सरहुल का त्याेहार धूमधाम से मनाया गया. इसकी शुरुआत पूजा-अर्चना के साथ हुई. धर्मगुरु सोमा कंडीर ने कहा कि सरहुल पर्व प्रकृति संरक्षण के साथ-साथ मानवता, प्रेम और भाईचारगी का पाठ पढ़ाता है. इससे सभी जीव, जंतु व मानव के बीच समन्वय बनाना है. ताकि […]
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खूंटी : सरना धम सोतो: समिति डौगड़ा में सोमवार को सरहुल का त्याेहार धूमधाम से मनाया गया. इसकी शुरुआत पूजा-अर्चना के साथ हुई. धर्मगुरु सोमा कंडीर ने कहा कि सरहुल पर्व प्रकृति संरक्षण के साथ-साथ मानवता, प्रेम और भाईचारगी का पाठ पढ़ाता है. इससे सभी जीव, जंतु व मानव के बीच समन्वय बनाना है.
ताकि प्रकृति की सुरक्षा हो सके. धर्मगुरु बागराय ऑड़ेया सरकार ने सरहुल की छुट्टी दी है, इसलिए सभी क्षेत्राें में चैत्र तृतीया को ही सरहुल का त्योहार मनाना चाहिए. कार्यक्रम में जिले के विभिन्न प्रखंडों के सैकड़ों लोगों ने हिस्सा लिया. कार्यक्रम के मौके पर भैयाराम ऑड़ेया, मनय मुंडा, सुगना पाहन, मथुरा कंडीर, टूटी ऑड़ेया, सुखराम पूर्ति, रामसहाय पाहन, मोहन सिंह ऑड़ेया, एतवा ऑड़ेया, के ऑड़ेया आदि मौजूद थे.
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