पेपरलेस कैसे होगी झारखंड विधानसभा? ट्रेनिंग के पहले ही दिन 35 माननीय रहे गायब

झारखंड का विधानसभा भवन.
Jharkhand Assembly Paperless: झारखंड विधानसभा को पेपरलेस बनाने की दिशा में ई-विधान एप्लीकेशन के तहत डिजिटाइजेशन की प्रक्रिया शुरू हो गई है. बजट सत्र से आंशिक रूप से लागू होगी नई व्यवस्था. विधायकों को प्रशिक्षण दिया गया और ई-विधान सेवा केंद्र का उद्घाटन मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने किया. पूरी खबर नीचे पढ़ें.
Jharkhand Assembly Paperless: झारखंड की विधानसभा पूरी तरह पेपरलेस हो जाएगी. स्पीकर रबींद्रनाथ महतो विधानसभा को पेपरलेस करने में जुटे हैं. राष्ट्रीय ई-विधान एप्लीकेशन परियोजना के तहत झारखंड विधानसभा के काम-काज के डिजिटाइजेशन की कवायद हो रही है. इसके तहत बुधवार को विधानसभा में विधायकों का प्रशिक्षण कार्यक्रम था. विधायकों को डिजिटल विधायी कार्यों की जानकारी दी गयी. बताया गया कि विधानसभा को पेपरलेस बनाने में विधायकों की बड़ी भूमिका होगी. वहीं प्रशिक्षण कार्यक्रम में मंत्री, प्रतिपक्ष के नेता बाबूलाल मरांडी सहित 35 विधायक शामिल नहीं हो पाये.
ट्रेनिंग में नहीं पहुंच रहे विधायक
विधानसभा को पेपरलेस करने के लिए झारखंड के विधायकों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है. लेकिन, कई विधायक इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में शामिल नहीं हो रहे हैं. बुधवार को प्रशिक्षण कार्यक्रम में संसदीय कार्यमंत्री राधाकृष्ण किशोर भी मौजूद नहीं थे. श्री किशोर दिल्ली में हैं. वहीं बातचीत के क्रम में विधायकों ने बताया कि वे अपने क्षेत्र में हैं या फिर राजधानी से बाहर है. हालांकि, प्रशिक्षण कार्यक्रम में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, स्पीकर रबींद्रनाथ महतो, मंत्री दीपक बिरुआ, दीपिका पांडेय, योगेंद्र महतो और शिल्पी नेहा तिर्की पहुंची थीं. प्रशिक्षण कार्यक्रम में पहुंचे 46 विधायकों को बीच टैब का वितरण किया गया. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने विधानसभा में ई-विधान सेवा केंद्र का उदघाटन किया.
माननीयों को लाइन से मिली मुक्ति
बजट सत्र से सदन की कार्यवाही को डिजिटल करने की प्रक्रिया शुरू होगी. इससे माननीयों को रात दो बजे लाइन लगने से मुक्ति मिल जायेगी. स्पीकर रबींद्र नाथ महतो ने कार्यक्रम में बताया कि विधानसभा के बजट सत्र में आंशिक रूप से इसे लागू किया जायेगा. प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान ही तय हुआ कि शून्य काल की सूचना ऑनलाइन ली जाये. प्रशिक्षकों द्वारा एप को संचालित करने की जानकारी दी गयी. बताया गया कि शून्य काल की 25 सूचनाएं ग्रहण की जायेंगी. समय सीमा में साइट खुलेगी और पहले दर्ज 25 सूचना मान्य होंगी. विधायकों का कहना था कि सूचना के लिए 50 शब्दों की सीमा को बढ़ाया जाये. स्पीकर श्री महतो का कहना था कि सदन से इसे पारित कराना होगा. इसके बाद कार्य संचालन नियमावली में कोई परिवर्तन हो सकता है.
अब कमरे में कागज का ढेर नहीं होगा : हेमंत
मुख्यमंत्री ने ई-विधान सेवा केंद्र का उदघाटन करते हुए कहा कि देश डिजिटलाइजेशन की ओर बढ़ रहा है. 25 वर्ष का झारखंड हो गया. झारखंड भी खुद को मौजूदा समय के साथ ढाल रहा है. आज गर्व का क्षण है. उन्होंने कहा कि यह बेहतर पहल है. अब कमरे के कोने में कागजों का ढेर नहीं होगा. कागज के बंडल नहीं होंगे. देश के 19-20 राज्यों ने डिजिटलाइजेशन कर लिया है. आनेवाले समय में झारखंड भी इसी प्रक्रिया से सदन चलाने का काम करेगा. सीएम ने कहा : केंद्र और राज्य समन्वय स्थापित करते हुए इसे पूरा करेंगे. झारखंड देश-दुनिया के साथ चलने के लिए तैयार है. श्री सोरेन ने कहा कि डिजिटलाइजेशन के साथ कई तरह की चुनौतियां भी हैं. सुरक्षा को लेकर चिंता रहती है. साइबर अपराध भी एक तत्व है.
इसे भी पढ़ें: मंईयां सम्मान के लाभुकों को जल्द मिलेगा पैसा, देने की तैयारी में सरकार
डिजिटल होने से एकरूपता आयेगी: स्पीकर
स्पीकर रबींद्र नाथ महतो ने कहा कि डिजिटल इंडिया के तहत देश के विधानसभा को एक प्लेटफॉर्म पर लाना है. डिजिटल होने से एकरूपता आयेगी. पूरे राज्य के विधानसभा एक साथ होंगे. स्पीकर ने कहा कि आने वाले बजट सत्र में इसे आंशिक रूप से लागू किया जायेगा. आने वाले समय में इसका दायरा बढ़ेगा. उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय ई-विधान एप्लिकेशन के अलग-अलग प्वाइंट हैं. इसमें प्रश्न, सूचना और प्रस्ताव को ऑनलाइन करना है. सदन की कार्यवाही और कामकाज डिजिटली ट्रैक किये जा सकेंगे. पूरा कार्य प्रबंधन डिजिटल ही करना है.
इसे भी पढ़ें: नए श्रम कानून के खिलाफ हड़ताल आज, कोलियरी-बैंक और ट्रांसपोर्टिंग बंद
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
लेखक के बारे में
By KumarVishwat Sen
कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए




