कलियुग में हरिनाम संकीर्तन से ही उद्धार संभव

Updated at : 04 May 2025 8:38 PM (IST)
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कलियुग में हरिनाम संकीर्तन से ही उद्धार संभव

कलियुग में हरिनाम संकीर्तन से ही उद्धार संभव

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प्रतिनिधि, कुंडहित: कुंडहित प्रखंड के बेलडंगाल गांव में रविवार को 16 पहर हरिनाम संकीर्तन कुंजविलास के साथ संपन्न हुआ. संकीर्तन अनुष्ठान के दौरान पश्चिम बंगाल के दुबराजपुर निवासी चंपा माजी ने आकर्षक ढंग से कीर्तन प्रस्तुत कर उपस्थित लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया. उन्होंने कीर्तन के माध्यम से समझाया कि मानव जीवन बहुत तपस्या के बाद मिलता है और यह अत्यंत सीमित है. इसके बावजूद हम अपनी संपत्ति, संतान और धन के पीछे भागते हैं, लेकिन भगवान को याद करना भूल जाते हैं. उन्होंने कहा कि हम मां के गर्भ से भगवान से यह वादा करके आए थे कि पृथ्वी पर जाकर उन्हें नहीं भूलेंगे, फिर भी दिनचर्या की व्यस्तता में उन्हें भूल जाते हैं. कलयुग में केवल श्री हरि नाम संकीर्तन से ही जीवन का उद्धार संभव है, इसलिए सभी को हरिनाम सुनना चाहिए और ऐसे आयोजनों में सहयोग करना चाहिए. कीर्तन के समापन पर सभी भक्तों के बीच खिचड़ी प्रसाद का वितरण किया गया. इस अवसर पर जिला परिषद सदस्य रीना मंडल, पूर्व जिला परिषद सदस्य भजहरि मंडल सहित नगरी, सुलंगा, ईनयातपुर, लखीबाद, सिउलीबोना, कुंडहित आदि गांवों के अनेक भक्तजन उपस्थित थे.

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