प्रतिमा स्थापित मामले में दोनों पक्षों पर मामला दर्ज

Updated at : 06 Jul 2018 5:49 AM (IST)
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प्रतिमा स्थापित मामले में दोनों पक्षों पर मामला दर्ज

लक्ष्मी नारायण प्रसाद उनकी धर्मपत्नी मंजू देवी व उनके दो पुत्र व एक अन्य समेत 10 से 15 अज्ञात को बनाया आराेिपत प्रमानंद यादव, माधव भारती, सुरेश ठाकुर, कमल गुप्ता, पप्पू यादव, धन्नु, कलिया तथा कई अज्ञात को बनाया आरोपित मिहिजाम : शहीद स्थल पर सीआरपीएफ जवान की प्रतिमा को स्थापित करने एवं मारपीट की […]

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लक्ष्मी नारायण प्रसाद उनकी धर्मपत्नी मंजू देवी व उनके दो पुत्र व एक अन्य समेत 10 से 15 अज्ञात को बनाया आराेिपत

प्रमानंद यादव, माधव भारती, सुरेश ठाकुर, कमल गुप्ता, पप्पू यादव, धन्नु, कलिया तथा कई अज्ञात को बनाया आरोपित
मिहिजाम : शहीद स्थल पर सीआरपीएफ जवान की प्रतिमा को स्थापित करने एवं मारपीट की घटना के मामले में पुलिस ने दोनों पक्षों के आवेदन पर अलग-अलग शिकायत दर्ज कर ली है. मामला तूल पकड़ा हुआ है. जिसे लेकर एक पक्ष शहीद जवान के भाई प्रमानंद यादव के आवेदन पर पुलिस ने लक्ष्मी नारायण प्रसाद उनकी धर्मपत्नी मंजू देवी व उनके दो पुत्र मनीष कुमार एवं एक अन्य तथा करीब 10 से 15 की संख्या में अज्ञात लोगों के खिलाफ शिकायत दर्ज की है. पुलिस ने कांड संख्या 82/18 भादवि की धारा 147, 149, 341, 307, 323, 364, 379 के तहत मामला दर्ज किया है. वहीं दूसरे पक्ष में लक्ष्मी नारायण प्रसाद के आवेदन पर कांड संख्या 83/18 भादवि की धारा
147,149,347,341, 323, 307,337 के तहत मामला दर्ज किया गया है. जिसमें प्रमानंद यादव, माधव भारती, सुरेश ठाकुर, कमल गुप्ता, पप्पू यादव, धन्नु, कलिया तथा कई अज्ञात के खिलाफ शिकायत दर्ज करायी गयी है.
जानें आवेदन में क्या है ?
पुलिस सूत्रों के मुताबिक घटना में दोनों पक्षों ने पुलिस को आवेदन देकर कार्रवाई की मांग की है. इसमें सीआरपीएफ के शहीद जवान परशुराम यादव के भाई प्रमानंद यादव ने कहा है कि उन्हें अनुमंडल कार्यालय से पत्रांक 1326/18 दिनांक 14 जून 2018 को सूचित किया गया कि 03 जुलाई सुबह दस बजे शहीद की प्रतिमा का अनावरण किया जायेगा. इसकी तैयारी 2 जुलाई से आरंभ कर दी गयी थी. रात लगभग 10 बजे स्थानीय लोगों के साथ मिल कर शहीद की प्रतिमा बेदी पर स्थापित कर दी गयी. शहीद स्थल पर एक युवक दिनेश लाल उर्फ धन्नु श्रीवास्तव देखभाल करने को रुक गया था. बाकी सभी लोग घर लौट गये. रात्रि करीब 2 से 3 बजे के करीब लक्ष्मी नारायण प्रसाद, उनकी धर्मपत्नी मंजु देवी, उनका दो पुत्र मनीष कुमार एवं एक अन्य तथा करीब 10 से 15 की संख्या में अज्ञात लोगों को लेकर शहीद स्थल पहुंचे. दिनेश उर्फ धन्नू से बुरी तरह मारपीट कर शहीद स्थल पर स्थापित प्रतिमा को उखाड़ कर स्कॉर्पियो नंबर जेएच 10वाई 6216 में ले गये. साथ में एक और स्कॉर्पियो वाहन जिस पर नंबर नहीं लगा था. धन्नु को जबरन लादकर अपने साथ ले गये. रात्रि पहर नगर अध्यक्ष उपाध्यक्ष कमल गुप्ता, शांति देवी तथा वार्ड पार्षद झिमली मजूमदार के द्वारा सूचना दिये जाने पर वाहन का पीछा कर धन्नु को उनके चुंगल से छुड़ाया गया तथा पुलिस को घटना की जानकारी दी गयी.
प्रतिमा लगाने के दौरान स्टे ऑर्डर के बारे में बताया तो करने लगे गाली-गलौज
दूसरे पक्ष में शहीद डीएसपी के बड़े भाई लक्ष्मीनारायण प्रसाद ने अपने आवेदन में कहा है कि 2 जुलाई की रात्रि रांची में संताल परगना के आयुक्त से मुलाकात कर मिहिजाम अपने आवास लौट रहे. आयुक्त ने शहीद स्थल पर किसी अन्य की प्रतिमा को स्थापित करने के आदेश को निरस्त करने का आदेश दिया था. रात्रि करीब ढ़ाई बजे जब पानी टंकी के पास पहुंचे तो उनके वाहन को रोका और स्टे ऑर्डर के बारे में जानकारी देने पर गाली-गलौज कर ईंट, पत्थर, रड से जानलेवा हमला किया गया. जिससे उनके आंखों में चोट लगी व पुत्र मनीष घायल हो गया. जान बचा कर किसी तरह अपने वाहन पर बैठे. क्रम में उनके वाहन में प्रतिमा रख दिया. इसकी जानकारी पुलिस को देने पर पुलिस प्रतिमा आकर ले गयी.
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