ePaper

झामुमो, कांग्रेस के सांसदों का करें सामाजिक बहिष्कार, झारखंड की जनजातियों से रघुवर दास की अपील

Updated at : 03 Apr 2025 6:51 PM (IST)
विज्ञापन
Raghubar Das

झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास (फाइल फोटो)

Waqf Bill: झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और वरिष्ठ भाजपा नेता रघुवर दास ने संसद में वक्फ संशोधन बिल का विरोध करने के लिए झामुमो और कांग्रेस के सांसदों का सामाजिक बहिष्कार करने की अपील अनुसूचित जनजातियों से की है. कहा है कि वक्फ संशोधन बिल पर वोटिंग के दौरान झामुमो का आदिवासी विरोधी चेहरा सामने आ गया. उन्होंने हेमंत सोरेन पर भी हमला बोला.

विज्ञापन

Waqf Bill| जमशेदपुर, संजीव भारद्वाज : झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास ने कहा है कि लोकसभा में वक्फ संशोधन विधेयक के दौरान झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) और कांग्रेस जैसे दलों का चेहरा साफ हो गया है. यह स्पष्ट हो गया है कि वे आदिवासियों के कितने हिमायती हैं. रघुवर दास ने कहा कि वक्फ बिल के कई संशोधन झारखंड के संदर्भ में भी महत्वपूर्ण हैं. संशोधन बिल के कानून बनने के बाद आदिवासी क्षेत्रों में पांचवीं एवं छठी अनुसूची के तहत वक्फ संपत्ति घोषित नहीं की जा सकेगी. इस संशोधन से आदिवासी समुदाय की मूल संस्कृति और संवैधानिक अधिकारों का भी संरक्षण हो सकेगा. लोकसभा में इस संशोधन विधेयक का झामुमो ने विरोध किया. उसने इस बिल के विरोध में मतदान किया.

झामुमो-कांग्रेस का चेहरा अच्छी तरह पहचान लें झारखंड के आदिवासी – रघुवर दास

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता रघुवर दास ने कहा कि सदन में झामुमो का आदिवासी विरोधी चेहरा सामने आ गया. एग्रिको स्थित आवासीय कार्यालय में बृहस्पतिवार को संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए रघुवर दास ने कहा कि वे झारखंड के आदिवासी-मूलवासियों से अपील करना चाहते हैं कि सदन में उनके खिलाफ वक्फ संशोधन बिल के तहत साजिश रचने वाले झामुमो-कांग्रेस के सांसदों के चेहरों को अच्छी तरह पहचान लें.

‘कांग्रेस के संपर्क में आते ही तुष्टीकरण की राजनीति के जाल में फंस चुका है झामुमो’

ओड़िशा के पूर्व राज्यपाल रघुवर दास ने कहा कि कांग्रेस के संपर्क में आते ही झामुमो तुष्टीकरण की राजनीति के जाल में फंस चुका है. झामुमो ने यह साबित कर दिया कि आदिवासियों के हितों की रक्षा के नाम पर वह आदिवासियों को भ्रमित कर रहा है. प्रधानमंत्री नरेंद्र के नेतृत्व में केंद्र की एनडीए सरकार ने जब वक्फ (संशोधन) विधेयक में आदिवासियों के हितों और जमीन की रक्षा के प्रावधान किये, तो झामुमो के सांसदों ने इस बिल का विरोध करते हुए उसके विरोध में वोट किया.

झारखंड की ताजा खबरें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें

झारखंड के आदिवासियों को जवाब दें मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन – रघुवर

रघुवर दास ने कहा कि मुस्लिम तुष्टीकरण के लिए आदिवासी हितों के खिलाफ जाने के झामुमो के इस कदम को झारखंड के आदिवासी समाज को समझना चाहिए. झामुमो और हेमंत सोरेन को झारखंड के आदिवासियों को इस बात का जवाब देना चाहिए कि क्या वे चाहते हैं कि आदिवासी क्षेत्र की जमीन को वक्फ संपत्ति घोषित कर दिया जाये. संविधान की 5वीं अनुसूची राष्ट्रपति द्वारा घोषित है. इसके जरिये आदिवासी की मूल संस्कृति और संवैधानिक अधिकारों को संरक्षित किया गया है.

‘अनुसूचित क्षेत्रों में कब्रिस्तान, मजार, मसजिद और दरगाह आदिवासियों की मूल संस्कृति के विपरीत’

पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि अनुसूचित क्षेत्रों में कब्रिस्तानों, मजारों, मकबरों, मसजिदों और दरगाहों का निर्माण एवं विस्तार आदिवासियों की मूल संस्कृति के विपरीत है. अनुसूचित क्षेत्र में वक्फ की संपत्ति संविधान की मूल भावना के खिलाफ है. आदिवासियों के लिए घोषित अनुसूचित क्षेत्र में वक्फ बोर्ड की किसी भी प्रकार की संपत्ति से क्षेत्र की पहचान, संस्कृति और विरासत लगातार कमजोर होती रही है.

‘वक्फ संशोधन बिल से होगी आदिवासी हितों की रक्षा’

रघुवर दास ने कहा कि पीएम मोदी के नेतृत्व में एनडीए सरकार ने वक्फ (संशोधन) बिल में आदिवासी क्षेत्रों में अनुसूची 5वीं एवं अनुसूची छठी के तहत वक्फ संपत्ति घोषित नहीं जा सकने का प्रावधान कर झारखंड के आदिवासियों के हितों की रक्षा की है. झारखंड में बड़े पैमाने पर धर्म परिवर्तन कराकर जमीन हड़पकर उसे वक्फ घोषित कर दिये जाने पर भी नया बिल रोक लगायेगा.

‘मुस्लिम तुष्टीकरण की वजह से ही सरहुल पूजा के दौरान पिठोरिया में पाहन पर हुआ हमला’

पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के मुस्लिम तुष्टीकरण की कोशिशों का ही परिणाम है कि रांची के पिठोरिया थाना क्षेत्र में सरहुल पूजा की शोभायात्रा के दौरान पाहन पर हमला किया गया. उन्होंने आदिवासी समाज से जागने और हकीकत को पहचानने की अपील की. कहा कि अगर आदिवासी समाज नहीं जागा, तो मुस्लिमों को खुश करने के लिए झामुमो आदिवासियों की पहचान, विरासत और संस्कृति को खत्म कर देगा. उन्होंने झारखंड की जनजातियों से अपील की कि वे झामुमो और कांग्रेस के सांसदों का सामाजिक बहिष्कार करें. उनसे पूछें कि आखिर वे क्यों वक्फ (संशोधन) विधेयक में मुसलमानों के पक्ष में खड़े हुए.

इसे भी पढ़ें

3 अप्रैल को आपको कितने में मिलेगा 14 किलो का एलपीजी सिलेंडर, एक-एक शहर की कीमत यहां चेक करें

रांची के रास्ते बिहार, महाराष्ट्र और दक्षिण भारत जाने वाली 4 ट्रेनें रहेंगी रद्द, यहां चेक करें डिटेल

पलामू पुलिस की बड़ी सफलता, टीएसपीसी के 1 लाख के इनामी उग्रवादी जीबलाल यादव को किया गिरफ्तार

सरहुल की तरह रामनवमी के दिन नहीं होनी चाहए बिजली कटौती, JBVNL को हाईकोर्ट का आदेश

विज्ञापन
Mithilesh Jha

लेखक के बारे में

By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola