Jamshedpur news. जिले में खुलेंगे तीन नये अल्ट्रा साउंड सेंटर और चार ने बदले अपने नाम, 12 आवेदन निरस्त

Published by : PRADIP CHANDRA KESHAV Updated At : 24 Apr 2025 6:57 PM

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एडीएम लॉ एंड ऑर्डर की अध्यक्षता में हुई पीसीपी एंड डीटी की बैठक, एसडीओ धालभूम, सिविल सर्जन व अन्य पदाधिकारी रहे मौजूद, तीन नये अल्ट्रासाउंड सेंटर खोलने व चार के नाम में बदलाव की अनुमति समेत अल्ट्रासाउंड सेंटर की औचक जांच का दिया गया निर्देश

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Jamshedpur news.

समाहरणालय सभागार में पीसीपी एंड डीटी एक्ट से संबंधित बैठक एडीएम लॉ एंड ऑर्डर अनिकेत सचान की अध्यक्षता में आहूत की गयी. बैठक में मुख्य रूप से जिले में स्थापित अल्ट्रासाउंड क्लिनिक-सेंटर का जांच प्रतिवेदन, पीसीपी एंड डीटी एक्ट के तहत रजिस्टर्ड क्लीनिक, पिछले बैठक में लिए गये निर्णय का अनुपालन, नये अल्ट्रासाउंड केंद्र के लिए प्राप्त आवेदन एवं रिन्युअल पर कमेटी ने विचार-विमर्श किया. बैठक में 20 प्रस्ताव अल्ट्रासाउंड सेंटर से संबंधित रखे गये, जिनमें तीन को नया लाइसेंस देने की स्वीकृति समिति ने प्रदान की. एक सेंटर का लाइसेंस रिन्युअल तथा चार अल्ट्रासाउंड सेंटर के नाम में बदलाव की स्वीकृति दी गयी. अन्य आवेदनों में जांचोपरांत पायी गयी त्रुटियों को दूर करते हुए पुन: समिति के समक्ष अगली बैठक में प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया.

एडीएम लॉ एंड ऑर्डर ने जिला में अनधिकृत रूप से संचालित अल्ट्रासाउंड सेंटर की जांच के निर्देश देते हुए कहा कि अवैध रूप से संचालित क्लीनिक को तत्काल बंद करायें. उन्होंने प्लान पर चर्चा कर प्रखंड व जिला स्तर पर लोगों को जागरूक करने का निर्देश दिया. उन्होंने बताया कि राज्य सरकार के दिशा-निर्देशानुसार जिला में लिंगानुपात में सुधार के प्रयास जारी हैं. गर्भधारण व प्रसव पूर्व निदान तकनीक अधिनियम 1994 (पीसीपी एंड डीटी एक्ट) का मुख्य उद्देश्य प्रसव पूर्व लिंग चयन का निषेध करना तथा लिंग आधारित गर्भपात पर प्रतिबंध लगाकर लिंगानुपात को सुधारना है. लिंग चयन या लिंग निर्धारण के विभिन्न चिकित्सीय तकनीकों के दुरुपयोग पर रोक लगाने व पीसीपी एंड डीटी अधिनियम के उचित क्रियान्वयन के लिए दोनों अनुमंडल पदाधिकारी को निर्देश दिया गया. उन्होंने सख्त निदेश दिया कि सभी अल्ट्रासाउंड सेंटर ‘लिंग निर्धारण/जांच कानूनन अपराध है’ के संबंध में आमजनमानस में जागरूकता लाने के लिए परिसर में बोर्ड जरूर लगाएं तथा कोई भी ऐसा कृत्य नहीं करें, जिससे प्रसव पूर्व लिंग निर्धारण हो सके, अन्यथा शिकायत प्राप्त होने या औचक जांच में पकड़े जाने पर विधि सम्मत कठोरतम कार्रवाई सुनिश्चित की जायेगी. बैठक में एसडीओ धालभूम शताब्दी मजूमदार, सिविल सर्जन डॉ साहिर पाल, डॉ रंजीत पांडा समेत दोनों अनुमंडल के संबंधित पदाधिकारी मौजूद रहे.

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