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जमशेदपुर के सिदगोड़ा सूर्य मंदिर के शंख मैदान से बैरंग लौटे अधिकारी, मंदिर कमेटी ने किया जमकर हंगामा

जमशेदपुर के सिदगोड़ा सूर्य मंदिर के शंख मैदान में विधायक फंड से होनेवाले विकास कार्य को लेकर पहुंचे अधिकारियों को सोमवार को बैरंग लौटना पड़ा. मंदिर कमेटी ने इनका विरोध किया और मंदिर में घुसने नहीं दिया.

जमशेदपुर: सिदगोड़ा सूर्य मंदिर स्थित शंख मैदान में विधायक सरयू राय के फंड से होने वाले विकास कार्यों को लेकर पहुंचे प्रशासन को सोमवार को बैरंग लौटना पड़ा. प्रशासनिक पदाधिकारियों को भारी विरोध का सामना करना पड़ा. सुबह 11 बजे से शाम 3.30 बजे (साढ़े 4 घंटा) विरोध हुआ. इस दौरान लगभग चार घंटे जमकर हंगामा चला. विधायक निधि से यहां कुर्सियां लगानी है और सौंदर्यीकरण के साथ पौधरोपण किया जाना है, लेकिन जैसे ही मजिस्ट्रेट सुमित प्रकाश और सुदीप्त राज के साथ जमशेदपुर अक्षेस के पदाधिकारी और कर्मचारी पहुंचे, वैसे ही सूर्य मंदिर कमेटी के अध्यक्ष सह भाजपा नेता भूपेंद्र सिंह, पवन अग्रवाल, भाजपा के पूर्व जिला अध्यक्ष गुंजन यादव, दिनेश कुमार, कुलवंत सिंह बंटी समेत कई नेता और सूर्य मंदिर कमेटी के लोग पहुंच गये और नारेबाजी करने लगे.

प्रशासन के खिलाफ धरने पर बैठे

जमशेदपुर प्रशासन को सूर्य मंदिर के अंदर घुसने नहीं दिया. सभी धरना पर बैठ गये. इन लोगों का कहना था कि अभी सूर्य मंदिर से सटे शंख मैदान में यज्ञ और अनुष्ठान हो रहा है. इस कारण इसे डिस्टर्ब नहीं किया जाये. इन लोगों ने विधायक सरयू राय पर आरोप लगाया कि वे बेवजह सूर्य मंदिर कमेटी को परेशान कर रहे हैं. इस दौरान प्रशासन की कोशिश थी कि निर्माण से संबंधित सामग्रियों से लदी गाड़ी को अंदर ले जाया जाये, लेकिन ऐसा नहीं हुआ. इसके बाद प्रशासनिक दल लौट गया. प्रशासनिक टीम में दोनों मजिस्ट्रेट के अलावा विशेष पदाधिकारी मुकेश कुमार, अरविंद तिर्की, सचिन झा, नितेश कुमार, रवि भारती समेत अन्य शामिल थे.

सूर्य मंदिर परिसर में शुरू हुआ यज्ञ, तीन जुलाई तक चलेगा

सिदगोड़ा सूर्य मंदिर में पहले से तय था कि वहां सौंदर्यीकरण को लेकर फोर्स आने वाली है. इससे पहले ही सूर्य मंदिर परिसर से सटे शंख मैदान में यज्ञ शुरू हो गया, जो तीन जुलाई तक चलेगा. सूर्य मंदिर कमेटी का कहना है कि यह सालाना कार्यक्रम है. यह सौंदर्यीकरण के काम को लेकर नहीं किया गया है.

सूर्य मंदिर को बर्बाद करना चाहते हैं सरयू राय : भूपेंद्र सिंह


सूर्य मंदिर कमेटी के अध्यक्ष सह भाजपा नेता भूपेंद्र सिंह ने कहा कि जब से सरयू राय विधायक बने हैं, तब से आस्था के केंद्र सिदगोड़ा सूर्य मंदिर को बर्बाद करना चाहते हैं. पहले पार्क को बर्बाद किया. उसके बाद अब शंख मैदान में, जहां हर साल धार्मिक कार्यक्रम होता है, उसको खराब करने पर तुले हुए हैं. हम लोग इसी का विरोध कर रहे हैं.

चंद्रगुप्त सिंह और भूपेंद्र सिंह जमीन हड़प रहे हैं, प्रशासन किसके साथ

विधायक सरयू राय ने मामले में बयान जारी कर कहा है कि ज़िला प्रशासन स्थिति स्पष्ट करे कि वह शंख मैदान और समीपवर्ती करीब 6 एकड़ सरकारी जमीन को तथाकथित सूर्य मंदिर समिति के अध्यक्ष भूपेन्द्र सिंह और संरक्षक चंद्रगुप्त सिंह के चंगुल में जाने से रोकना चाहता है या नहीं? यह भूखंड सरकारी है, इस पर बनी संरचनाएं सरकारी पैसे से बनी हैं. इसके एक ओर सूर्य मंदिर की बाउंड्री है और दूसरी ओर चंद्रगुप्त सिंह के महलनुमा अवैध मकान की बाउंड्री है. भूपेंद्र सिंह ने सांसद निधि से बनी सूर्य मंदिर की बाउंड्री को ध्वस्त कर दिया है. चंद्रगुप्त सिंह अपने महल की बाउंड्री को बनाने के काम को तेज करने की फिराक में हैं. ये दोनों बीच की करीब छह एकड़ सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा करना चाहते हैं. इस सरकारी जमीन पर विधायक निधि से होने वाले विकास कार्यों से दोनों परेशान हैं और धार्मिक रंग देकर एक साल से सरकारी काम में बाधा डाल रहे हैं. विडंबना यह है कि जिला प्रशासन मौन और मूकदर्शक बनकर इनका मनोबल बढ़ा रहा है. श्री राय ने कहा कि विगत एक साल से ये झूठ फैला रहे हैं कि वे (सरयू राय) सूर्य मंदिर की धार्मिक आस्था पर चोट कर रहे हैं, पर प्रशासन ने कभी भी इस झूठ का खंडन नहीं किया है और असलियत से लोगों को अवगत नहीं कराया है, जबकि विधायक निधि से इस भूखंड पर प्रस्तावित विकास योजनाओं को जिला प्रशासन ने स्वीकृत किया है और इसके लिए निधि विमुक्त किया है. प्रशासन को बताना चाहिए कि उनके विकास कार्य प्रस्ताव किया हैं और भूपेंद्र-चंद्रगुप्त की जोड़ी के द्वारा फैलाया जा रहा झूठ या फरेब क्या है? प्रशासन अपना दायित्व पूरा नहीं करेगा, तो उपद्रवी तत्वों का हौसला बुलंद होगा.

सरयू राय की जन्म कुंडली में सिर्फ बुराई करना लिखा हुआ है : चंद्रगुप्त सिंह

सिदगोड़ा सूर्य मंदिर समिति के संरक्षक चंद्रगुप्त सिंह ने कहा कि सरयू राय की जन्म कुंडली में केवल बुराई करना ही लिखा हुआ है. वे हमेशा अच्छे कार्य में बाधा डालते रहे हैं. जमीन पर अवैध दखल का आरोप निराधार है. सूर्य मंदिर और शंख मैदान आज से नहीं है. उनके (चंद्रगुप्त सिंह) महामंत्री रहते उन्होंने पहली बार तत्कालीन मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी से आग्रह कर छठ घाट बनवाया. दूसरा छठ घाट पूर्व सीएम रघुवर दास के कोटे से बना. शंख मैदान में हमेशा से धार्मिक आयोजन होता रहा है. सरयू राय लिख लें. अब वे कभी सांसद, विधायक, सेवक नहीं बन सकते हैं. आगामी चुनाव में उनकी जमानत जब्त हो जायेगी.

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