ePaper

आपातकाल की बरसी पर मां को याद कर क्यों भावुक हुए झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास

Updated at : 25 Jun 2025 8:26 PM (IST)
विज्ञापन
raghubar das on emergency congress and maa jharkhand news

झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास.

Raghubar Das on Emergency Day: रघुवर दास प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान अपनी मां को याद कर भावुक हो गये. कहा कि जब उनकी घर से रात के 2 बजे गिरफ्तारी हुई, तो मां न केवल मजबूती के साथ उनके साथ खड़ी थी, बल्कि उन्हें ताकत भी देतीं थीं. मां की आंखों में उमड़ा वह स्नेह उन्हें आज भी याद आता है. कहा कि आपातकाल लगने के दौरान कई दिनों तक वे अपना घर छोड़कर दूसरों के घरों में छिपते रहे.

विज्ञापन

Raghubar Das on Emergency Day| जमशेदपुर, संजीव भारद्वाज : झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और ओडिशा के पूर्व राज्यपाल रघुवर दास ने कहा है कि आपातकाल लगाकर संविधान की हत्या करने वाली कांग्रेस पार्टी और उसके नेताओं को संविधान की नैतिक दुहाई देने का कोई अधिकार नहीं है. कांग्रेस पार्टी की तत्कालीन प्रमुख और देश की प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने बिना कैबिनेट की बैठक बुलाये आपातकाल लगाने के फैसले पर राष्ट्रपति फखरुद्दीन अली अहमद से हस्ताक्षर करा लिये थे. कांग्रेस ने 60 वर्षों के शासनकाल में 90 गैर कांग्रेसी सरकारों को गिरा दिया.

आपातकाल को स्कूली शिक्षा में शामिल करे केंद्र – रघुवर

रघुवर दास ने कहा है कि केंद्र सरकार को स्कूली शिक्षा में आपातकाल के अध्याय को भी शामिल करना चाहिए, ताकि आनेवाली पीढ़ी संविधान के साथ मजबूती से खड़ी रहे. आपातकाल के 50 साल पूरा होने के अवसर पर साकची स्थित भाजपा कार्यालय में बुधवार को आयोजित संवाददाता सम्मेलन में रघुवर दास ने कहा कि आपातकाल के बाद देश की जनता ने कांग्रेस को करारा जवाब दिया और उसे सत्ता से उखाड़ फेंका.

इमरजेंसी को हमेशा काले अध्याय के रूप में याद किया जायेगा – रघुवर दास

भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष रघुवर दास ने कहा कि स्वतंत्र भारत के इतिहास में आपातकाल काले अध्याय के रूप में हमेशा याद किया जायेगा. तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने विपरीत परिस्थितियों में सिर्फ अपनी कुर्सी बचाने के लिए देश को परेशानियों में धकेला. बिना किसी आदेश के आरएसएस, आनंद मार्ग, जमात-ए-इस्लामी समेत समाजसेवी संगठनों के प्रमुख सदस्यों व देश की राजनीति में विपक्ष की आवाज बुलंद करने वाले अटल बिहारी वाजपेयी, लाल कृष्ण आडवाणी, मोरारजी देसाई व लोकनायक जयप्रकाश नारायण समेत देश के विपक्षी नेताओं जेल में ठूंस दिया गया.

झारखंड की ताजा खबरें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें

‘इंदिरा गांधी ने लोकतंत्र के चौथे स्तंभ का गला घोंट दिया’

उन्होंने कहा कि देश के नेताओं को जेल में डालकर उनके मौलिक अधिकारों का हनन किया गया. आपातकाल की घोषणा के साथ ही कई अखबारों के कार्यालयों की बिजली काट दी गयी. कई संपादक-पत्रकारों को जेल भेजकर लोकतंत्र के चौथे स्तंभ का गला घोंट दिया गया. ऐसा करके कांग्रेस ने खुद को अंग्रेजी हुकूमत से भी क्रूर बताने का प्रयास किया. प्रेस को झुकाया गया, उस पर सेंसर लगाये गये. उन्होंने कहा कि जो भी आवाज आपातकाल के खिलाफ उठी, सबको कुचल दिया गया. बावजूद इसके भाजपा की पंच निष्ठा में एक निष्ठा मजबूत लोकतंत्र भी है.

‘12 जून को छात्र संघ चुनाव में कांग्रेस हारी, इंदिरा गांधी के खिलाफ आया फैसला’

रघुवर दास ने कहा कि आज लोकतंत्र की जड़ें इतनी मजबूत हैं कि आपातकाल जैसी परिस्थिति फिर से पैदा करने का कोई दल साहस नहीं करेगा. 12 जून को दो बड़ी घटनाएं हुई, पहली कांग्रेस छात्र संघ का चुनाव, जिसमें वह गुजरात में बुरी तरीके से हारी. दूसरी घटना इलाहाबाद की अदालत ने इंदिरा गांधी के खिलाफ फैसला दिया.

मां को याद कर भावुक हुए रघुवर, बोले गिरफ्तारी के वक्त मां ने दी ताकत

रघुवर दास प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान अपनी मां को याद कर भावुक हो गये. कहा कि जब उनकी घर से रात के 2 बजे गिरफ्तारी हुई, तो मां न केवल मजबूती के साथ उनके साथ खड़ी थी, बल्कि उन्हें ताकत भी देतीं थीं. मां की आंखों में उमड़ा वह स्नेह उन्हें आज भी याद आता है. कहा कि आपातकाल लगने के दौरान कई दिनों तक वे अपना घर छोड़कर दूसरों के घरों में छिपते रहे.

6-7 जुलाई की रात 2 बजे रघुवर दास हुए थे गिरफ्तार

रघुवर दास ने कहा कि 6-7 जुलाई की रात काफी बारिश हो रही थी. वे यह सोचकर अपने घर आ गये कि खराब मौसम में पुलिस नहीं आयेगी, लेकिन किसी खबरी ने यह बात पुलिस को बता दी. रात के 2 बजे पुलिस ने उनके घर को घेर लिया. उन्होंने कपड़े पहने और बाहर निकले. एक माह तक उन्हें साकची जेल में रखा गया. फिर वहां से 16 अगस्त को गया जेल भेज दिया गया. वहां से निकलने के बाद भी पुलिस की उनको गिरफ्तार करने की योजना थी, लेकिन वे भागकर गुवहाटी चले गये और काफी दिनों तक वहीं रहे.

एक साइकिल सवार राहगीर ने कहा- भाग जाओ, इमरजेंसी लग गयी है

पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास ने कहा कि वर्ष 1975 में तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने जब देश पर आपातकाल थोपा, तो उस वक्त वे अपने साथियों के साथ भालूबासा (किशोर संघ) में बांस-पुआल से एक कार्यालय बना रहे थे. छात्र संघ की राजनीति के लिए. उसी वक्त एक साइकिल सवार राहगीर ने कहा, ‘जल्दी यहां से भागो… इमरजेंसी लग गयी है… किसी भी वक्त पुलिस आकर गिरफ्तार कर लेगी.’ रघुवर दास और उनके साथी वहीं थोड़ी देर के लिए छुप गये. आधे घंटे में ही पुलिस वहां पहुंची. कार्यालय बनाने के लिए रखे बांस-पुआल को उखाड़ ले गयी.

इसे भी पढ़ें

दिशोम गुरु शिबू सोरेन की हालत स्थिर, सर गंगाराम अस्पताल में भर्ती हैं झारखंड के पूर्व सीएम

Weather Alert: अगले 2 घंटे में झारखंड के 11 जिलों में वज्रपात का अलर्ट, हो जायें सावधान

Tiger Havoc in Ranchi: रांची के मरदु गांव में किसान के घर में घुसा बाघ, तो लोगों ने क्या किया, जानकर रह जायेंगे दंग

क्या है झरिया पुनर्वास संशोधित मास्टर प्लान! प्रभावितों को क्या-क्या मिलेगा, यहां पढ़ें

विज्ञापन
Mithilesh Jha

लेखक के बारे में

By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola