बीसीजी का टीका लगने के बाद जमशेदपुर के एमजीएम में नवजात की मौत, परिजनों ने अस्पताल में किया हंगामा

Published by :KumarVishwat Sen
Published at :11 May 2026 6:55 PM (IST)
विज्ञापन
Jamshedpur News

जमशेदपुर के एमजीएम में परिजनों को सांत्वना देते पूर्व भाजपा नेता विकास सिंह. फोटो: प्रभात खबर

Jamshedpur News: जमशेदपुर के एमजीएम अस्पताल में बीसीजी टीका लगने के कुछ घंटे बाद नवजात बच्ची की मौत हो गई. घटना के बाद परिजनों ने गलत टीका लगाने का आरोप लगाते हुए हंगामा किया. डॉक्टरों ने टीके से मौत की संभावना से इनकार किया है. मामले की जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है. इससे जुड़ी खबर नीचे पढ़ें.

विज्ञापन

जमशेदपुर से चंद्रशेखर की रिपोर्ट

Jamshedpur News: झारखंड के जमशेदपुर स्थित महात्मा गांधी मेमोरियल (एमजीएम) अस्पताल में एक नवजात बच्ची की मौत के बाद हड़कंप मच गया. बच्ची को बीसीजी का टीका लगने के लगभग तीन घंटे बाद उसकी तबीयत बिगड़ गई और बाद में डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया. घटना के बाद परिजनों ने अस्पताल में जमकर हंगामा किया और गलत टीका लगाने का आरोप लगाते हुए दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की. मामले की सूचना मिलने के बाद एमजीएम थाना पुलिस अस्पताल पहुंची और किसी तरह स्थिति को शांत कराया. घटना के बाद अस्पताल परिसर में काफी देर तक तनाव का माहौल बना रहा.

प्रसव के बाद अस्पताल से मिली थी छुट्टी

जानकारी के अनुसार, गुरुद्वारा रोड निवासी उमेश कुमार ने अपनी पत्नी को प्रसव के लिए शुक्रवार को एमजीएम अस्पताल में भर्ती कराया था. शनिवार को उनकी पत्नी ने एक बच्ची को जन्म दिया. प्रसव के बाद मां और बच्ची की स्थिति सामान्य बताई गई थी. रविवार को अस्पताल प्रबंधन की ओर से दोनों को छुट्टी दे दी गई. इस दौरान अस्पताल से वैक्सीनेशन कार्ड भी जारी किया गया था. परिजन नवजात को लेकर घर चले गए थे.

बीसीजी टीका लगवाने पहुंचे थे अस्पताल

परिजनों के मुताबिक, सोमवार को नवजात को बीसीजी का टीका लगवाने के लिए वे दोबारा एमजीएम अस्पताल पहुंचे थे. अस्पताल में बच्ची को बीसीजी वैक्सीन दी गई. टीका लगने के बाद परिजन बच्ची को लेकर घर लौट रहे थे. उमेश कुमार ने बताया कि घर लौटने के दौरान उन्होंने महसूस किया कि बच्ची सामान्य रूप से रो नहीं रही है. कुछ समय बाद घर पहुंचने पर देखा गया कि बच्ची का शरीर नीला पड़ने लगा और वह बेसुध हो गई. बच्ची की हालत बिगड़ते देख परिजन तुरंत उसे लेकर दोबारा एमजीएम अस्पताल पहुंचे.

डॉक्टरों ने मृत घोषित किया

अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने बच्ची की जांच की. जांच के बाद चिकित्सकों ने नवजात को मृत घोषित कर दिया. बच्ची की मौत की खबर मिलते ही परिजनों का गुस्सा फूट पड़ा. उन्होंने अस्पताल प्रबंधन पर लापरवाही और गलत टीका लगाने का आरोप लगाते हुए हंगामा शुरू कर दिया. परिजन लगातार दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे थे. स्थिति बिगड़ती देख अस्पताल प्रशासन ने पुलिस को सूचना दी. इसके बाद एमजीएम थाना पुलिस मौके पर पहुंची और लोगों को समझाकर मामला शांत कराया.

परिजनों ने थाने में दी लिखित शिकायत

इस मामले में अनिल रवानी ने एमजीएम थाना में लिखित शिकायत देकर पूरे मामले की जांच कराने और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है. परिजनों का आरोप है कि बच्ची की मौत टीका लगने के बाद हुई है, इसलिए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए. परिवार के लोगों का कहना है कि बच्ची पूरी तरह स्वस्थ थी और टीका लगने के कुछ घंटे बाद ही उसकी हालत बिगड़ गई. ऐसे में अस्पताल प्रबंधन की भूमिका की जांच जरूरी है.

क्या कहते हैं डॉक्टर

एमजीएम अस्पताल के शिशुरोग विशेषज्ञ और शिशु विभाग के एचओडी डॉ रवींद्र कुमार ने टीके से मौत होने की संभावना से इनकार किया है. उन्होंने कहा कि बीसीजी का टीका लगने से किसी बच्चे की मौत नहीं हो सकती है. डॉ रवींद्र कुमार ने बताया कि बीसीजी वैक्सीन की एक वाइल से करीब 20 बच्चों को टीका दिया जाता है. जिस वाइल से नवजात को इंजेक्शन दिया गया था, उसी से 19 अन्य बच्चों को भी टीका लगाया गया और वे सभी स्वस्थ हैं. उन्होंने कहा कि यदि किसी बच्चे को वैक्सीन का रिएक्शन होता है, तो उसका असर 10 से 15 मिनट के भीतर दिखाई देने लगता है. इसी वजह से टीका लगने के बाद मरीजों को कुछ समय अस्पताल में रुकने के लिए कहा जाता है.

इसे भी पढ़ें: गुमला में भारतमाला प्रोजेक्ट का विरोध, ग्रामीणों ने मुंशी को दौड़ा-दौड़ाकर पीटा

पोस्टमार्टम रिपोर्ट से साफ होगी मौत की वजह

डॉक्टरों के अनुसार, बच्ची की तबीयत करीब साढ़े तीन बजे खराब हुई, जबकि उसे दोपहर करीब 12 बजे टीका लगाया गया था. ऐसे में सीधे तौर पर टीके को मौत का कारण नहीं माना जा सकता. डॉ रवींद्र कुमार ने आशंका जताई कि बच्ची को कार्डियक अरेस्ट भी हो सकता है. हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि मौत की वास्तविक वजह पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो पाएगी. फिलहाल, पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और अस्पताल प्रशासन से भी जानकारी जुटाई जा रही है. घटना के बाद अस्पताल में सुरक्षा व्यवस्था भी बढ़ा दी गई है.

इसे भी पढ़ें: धनबाद में भाजपा का घड़ा फोड़ प्रदर्शन, बिजली-पानी संकट और प्रिंस खान मामले पर सरकार को घेरा

विज्ञापन
KumarVishwat Sen

लेखक के बारे में

By KumarVishwat Sen

कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola