Jamshedpur News : एमजीएम अस्पताल में जांच के लिए लगेगा शुल्क, हॉस्पिटल मैनेजमेंट कमेटी का होगा गठन

जमशेदपुर (फाइल फोटो)
एमजीएम अस्पताल में इलाज कराने आने वाले मरीजों को कुछ जांच छोड़ कर बाकी का पैसा देना होगा. अस्पताल प्रशासन सेंट्रल पैथौलॉजी लैब में कुछ महंगी जांचों की दरें सीजीएचएस (केंद्रीय स्वास्थ्य योजना) रेट पर तय करने पर विचार कर रहा है.
सदर अस्पताल रांची के मॉडल को एमजीएम में लागू करने का निर्णय
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एमजीएम अस्पताल में इलाज कराने आने वाले मरीजों को कुछ जांच छोड़ कर बाकी का पैसा देना होगा. अस्पताल प्रशासन सेंट्रल पैथौलॉजी लैब में कुछ महंगी जांचों की दरें सीजीएचएस (केंद्रीय स्वास्थ्य योजना) रेट पर तय करने पर विचार कर रहा है. ये दरें निजी लैबों की तुलना में काफी कम होती हैं. जांच शुल्क तय करने का उद्देश्य लैब को आर्थिक रूप से सक्षम बनाना है, ताकि यह 24 घंटे और सप्ताह के सातों दिन सुचारू रूप से काम कर सके. इसके साथ ही एमजीएम मेडिकल कॉलेज एंड अस्पताल में पहली बार हॉस्पिटल मैनेजमेंट कमेटी का गठन किया जा रहा है. इसका निर्णय अस्पताल की प्रशासनिक व्यवस्था को सुदृढ़ करने और मरीजों को बेहतर, पारदर्शी व समयबद्ध स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से लिया गया है. एमजीएम में यह पहल स्वास्थ्य विभाग की हाल में हुई राज्यस्तरीय बैठक के बाद सामने आयी. पांच जनवरी को रांची के सदर अस्पताल में आयोजित बैठक में एमजीएम के अधीक्षक डॉ. बलराम झा ने हिस्सा लिया था. बैठक में सदर अस्पताल के हॉस्पिटल मैनेजमेंट कमेटी मॉडल को प्रस्तुत किया गया, जहां इस व्यवस्था के तहत अस्पताल संचालन, संसाधनों का उपयोग और मरीज सुविधाओं पर नियमित निगरानी की जा रही है. इसी मॉडल को एमजीएम में लागू करने का निर्णय लिया गया है.वरिष्ठ अधिकारियों की बैठक में बनी रूपरेखा
बुधवार को एमजीएम कॉलेज के प्राचार्य डॉ. दिवाकर हांसदा, डॉ. संजय कुमार और अधीक्षक डॉ. बलराम झा के बीच इस विषय को लेकर महत्वपूर्ण बैठक हुई. बैठक में कमेटी की संरचना, अधिकार और कार्यप्रणाली पर विस्तृत चर्चा की गयी. प्राचार्य डॉ दिवाकर हांसदा ने कहा कि हॉस्पिटल मैनेजमेंट कमेटी में जिला प्रशासन से एक अधिकारी, एमजीएम प्राचार्य, अधीक्षक तथा वरीय चिकित्सक शामिल होंगे. कमेटी के द्वारा निर्धारित समय पर होने वाली बैठकों में कमेटी अस्पताल की चिकित्सा व्यवस्था, जांच सुविधा, दवाओं की उपलब्धता, साफ-सफाई, मानव संसाधन और मरीजों की शिकायतों की समीक्षा करेगी. आवश्यक सुधारात्मक निर्णय मौके पर लिये जायेंगे. जिससे समस्याओं के समाधान में अनावश्यक देरी न हो. इससे अस्पताल के प्रशासनिक ढांचे में जवाबदेही भी तय होगी. वहीं एमजीएम अस्पताल परिसर में बने रहे सेंट्रल पैथोलाॅजी लैब लगभग अंतिम चरण में है. इसके शुरू होने के बाद एक ही स्थान पर छोटे-बड़े सभी तरह के पैथोलॉजिकल जांच संभव हो सकेंगे. मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य ने कहा कि आयुष्मान भारत योजना और लाल कार्डधारी मरीजों के लिए सेंट्रल पैथोलाॅजी की जांच पूरी तरह नि:शुल्क होगी. इससे आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के मरीजों को सीधा लाभ मिलेगा.
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