बंगाल चुनाव 2026: बीजेपी को झटका, मतिउर रहमान तृणमूल कांग्रेस में शामिल

तृणमूल कांग्रेस में शामिल हुए भाजपा नेता मतिउर रहमान (बीच में).
Bengal Chunav 2026: बंगाल विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा के एक युवा नेता ने तृणमूल कांग्रेस का दामन थाम लिया है. बीजेपी छोड़ने वाले मतिउर रहमान ने पत्रकारों को बताया कि पश्चिम बंगाल में 14-15 साल पहले कुछ नहीं था. ममता बनर्जी और अभिषेक बनर्जी के आने के बाद यहां सड़कें बनीं और विकास के काम शुरू हुए.
Bengal Chunav 2026: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 से पहले भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) को तृणमूल कांग्रेस ने तगड़ा झटका दिया है. भाजपा के युवा नेता मतिउर रहमान को टीएमसी ने अपने पाले में कर लिया है. मतिउर रहमान ने शनिवार को पश्चिम बंगाल के मंत्री ब्रात्य बसु की मौजूदगी में अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस (AITC) में शामिल होने की घोषणा की.
14-15 साल पहले बंगाल में सड़क तक नहीं थी – रहमान
कोलकाता में तृणमूल कांग्रेस के कार्यालय में टीएमसी में शामिल होने के बाद मतिउर रहमान ने कहा कि 14-15 साल पहले पश्चिम बंगाल में कुछ नहीं था. ममता बनर्जी जब सत्ता में आयीं, तो दीदी और अभिषेक बनर्जी ने राज्य में सड़कें बनायीं. विकास के काम किये. विकास के सारे काम ममता बनर्जी की सरकार में ही हुए हैं.
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एक साल पहले भाजपा से दूर हो गया – मतिउर रहमान
मतिउर रहमान ने कहा कि यही वजह है कि आज वह तृणमूल कांग्रेस में शामिल हुए हैं. उन्होंने यह भी कहा कि एक साल पहले ही उनका भाजपा से मोहभंग हो गया था. उन्होंने बीजेपी से अपना नाता तोड़ लिया था. आज तृणमूल कांग्रेस में शामिल होकर पूरी तरह से भाजपा से अलग हो गये हैं.
मालदा के हरिश्चंद्रपुर विधानसभा से लड़ चुके हैं चुनाव
मालदा जिले के व्यवसायी और गरीबों के मसीहा के रूप में जाने जाते हैं मतिउर रहमान. समाजसेवा के जरिये उन्होंने अपनी अलग पहचान बनायी है. हरिश्चंद्रपुर विधानसभा क्षेत्र के गरीबों के लिए लंबे समय से काम करते रहे हैं. 2021 में उन्होंने भाजपा के टिकट पर हरिश्चंद्रपुर से चुनाव लड़ा था. अल्पसंख्यक बहुल इस विधानसभा सीट पर उन्हें 45 हजार वोट मिले. वह दूसरे नंबर पर रहे थे.

हरिश्चंद्रपुर में 90 हजार से अधिक लोग ‘विचाराधीन’
इस अवसर पर ब्रात्य बसु ने कहा कि मालदा के हरिश्चंद्रपुर विधानसभा सीट पर 2021 के बंगाल विधानसभा चुनाव में भाजपा दूसरे स्थान पर रही थी. ब्रात्य बसु ने दावा किया कि तब भाजपा को नहीं, मतिउर रहमान को जनता ने वोट दिया था. उन्होंने कहा कि SIR में हरिश्चंद्रपुर विधानसभा क्षेत्र में करीब 90 हजार लोग एडजुडिकेशन यानी विचाराधीन की श्रेणी में रखे गये हैं. इससे दखी होकर मतिउर रहमान ने भाजपा छोड़कर तृणमूल में शामिल होने का फैसला किया.
तृणमूल में शामिल होने से होगा मतिउर रहमान को फायदा – हक
तृणमूल कांग्रेस के राज्यसभा सांसद नदीमुल हक ने कहा कि नदीमुल हक ने एक समाजसेवी के रूप में मालदा जिले में अपनी पहचान बनायी है. तृणमूल कांग्रेस में शामिल होने से उनका काफी फायदा होगा. हक ने कहा कि तृणमूल कांग्रेस ऐसे लोगों की तलाश में रहती है, जो समाज के लिए काम करते हैं.
बंगाल में किसी हद तक जा सकती है भाजपा – ब्रात्य बसु
ब्रात्य बसु ने भाजपा पर हमला बोलते हुए कहा कि यह पार्टी बंगाल में चुनाव जीतने के लिए किसी भी हद तक जा सकती है. इसलिए राष्ट्रपति शासन लगाने की धमकी दी जा रही है. ब्रात्य ने कहा कि मिथुन चक्रवर्ती जहां-जहां भाजपा के लिए प्रचार करने गये हैं, वहां-वहां तृणमूल कांग्रेस भारी बहुमत के साथ जीती है. हम चाहेंगे कि वे बार-बार भाजपा के लिए प्रचार करें और तृणमूल कांग्रेस की जीत सुनिश्चित करें.
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By Mithilesh Jha
मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.
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