ePaper

Jharkhand News: अब ट्रेन से कटकर नहीं होगी हाथियों की मौत, AI करेगा गजराज की रक्षा

Updated at : 06 Mar 2025 8:54 PM (IST)
विज्ञापन
jharkhand news elephant ai indian railways news

हाथियों को ट्रेन की चपेट में आने से बचाने के लिए दक्षिण पूर्व रेलवे ने की बड़ी पहल.

Jharkhand News: झारखंड के कोल्हान प्रमंडल में अब गजराज की ट्रेन से कटकर मौत नहीं होगी. दक्षिण पूर्व रेलवे ने हाथियों की सुरक्षा के लिए एआई का इस्तेमाल करने का फैसला किया है.

विज्ञापन

Jharkhand News: रेलवे ट्रैक पर हाथियों के कटने की घटनाओं को रोकने के लिए दक्षिण पूर्व रेलवे के चक्रधरपुर और रांची रेल मंडल में नया आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) आधारित इंट्रूजन डिटेक्शन सिस्टम (आइडीएस) तकनीक का इस्तेमाल किया जायेगा. रेलवे ने उन स्थानों को चिह्नित किया है, जहां अक्सर हाथियों की आवाजाही होती है. इन स्थानों पर इस प्रणाली को स्थापित किया जायेगा.

  • ट्रैक पर हाथियों के आने पर लगेगा झटका, अलार्म से ट्रेन को मिलेगी खबर
  • रेलवे और वन विभाग का संयुक्त प्रयास, ट्रैक किनारे लगायी जायेगी मशीन
  • कोल्हान प्रमंडल में 7 साल में ट्रेन से कटने से हो चुकी है 12 हाथियों की मौत

रेलवे ट्रैक के किनारे इसे स्थापित किया जायेगा

यह पहल रेलवे और वन विभाग के सहयोग से की जा रही है, ताकि हाथियों को ट्रेन की चपेट में आने से रोका जा सके. इस इंट्रूजन डिटेक्शन सिस्टम के जरिये रेलवे ट्रैक के पास हाथियों की गतिविधियों का शीघ्र पता लगाया जा सकेगा. यह मूलतः एक थर्मल उपकरण है, जिसे रेलवे ट्रैक के किनारे स्थापित किया जायेगा. जैसे ही कोई हाथी ट्रैक के पास पहुंचेगा, यह डिवाइस अलार्म बजा देगा, जिससे ट्रेन के ड्राइवर को चेतावनी मिलेगी और हाथियों को भी झटका लगेगा, जिससे वे ट्रैक से दूर हो जायेंगे.

प्रभात खबर प्रीमियम स्टोरी : झारखंड की इकलौती लिस्टेड कंपनी की कहानी: जहां कहीं कोई सोच नहीं सकता, उस गांव में कैसे पहुंचा म्यूचुअल फंड

कोल्हान में रेलवे ट्रैक से गुजरते हैं हाथी

यह सिस्टम फाइबर ऑप्टिक्स और सेंसर के माध्यम से संचालित होगा. इस तकनीक का पहले भी कुछ रेलवे डिवीजन में इस्तेमाल किया जा चुका है. कोल्हान क्षेत्र में, जहां बड़ी संख्या में हाथी रेलवे ट्रैक के पास से गुजरते हैं, यह कदम बहुत महत्वपूर्ण साबित होगा. रेलवे ट्रैक के पास हाथियों के मूवमेंट के लिए अंडरपास भी बनाये जा रहे हैं, ताकि हाथी ट्रैक पर न आये, लेकिन उनका आंदोलन सुगम बना रहे.

रेलवे के सहयोग से हाथियों की मौत को रोका जायेगा

आरसीसीएफ स्मिता पंकज ने कहा कि रेलवे के सहयोग से हाथियों की मौत को रोकने का प्रयास किया जा रहा है. उन्होंने बताया कि इंट्रूजन डिटेक्शन सिस्टम की स्थापना पर काम प्रगति पर है.

झारखंड की ताजा खबरें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें

कोल्हान के तीनों जिलों में 7 साल में 12 हाथियों की गयी जान

  • 29 सितंबर 2017: गिधनी रेलवे स्टेशन पर 1 हाथी की मौत
  • 16 अप्रैल 2018: धुतरा और बागडीह रेलवे स्टेशनों के बीच 1 हाथी की मौत
  • 14 सितंबर 2017: बंडामुंडा और किरीबुरू सेक्शन में 1 हाथी की मौत
  • 4 फरवरी 2021: जराईकेला और भालूलता रेलवे स्टेशनों के बीच महीपानी में 2 हाथियों की मौत
  • 19 मई 2022: बांसपानी जुरुली के बीच 1 हाथी की मौत
  • अगस्त 2018: चाकुलिया के कानीमहुली हॉल्ट और पश्चिम बंगाल के गिधनी स्टेशन के बीच 3 हाथियों की मौत
  • 2020: चाकुलिया के सुनसुनिया के पास 1 हाथी की मौत
  • 10 जून 2023: नीमडीह प्रखंड के गुंडा विहार में 1 दो माह के हाथी के बच्चे की मौत
  • 9 मई 2024: कुकडू प्रखंड के लेटेमदा रेलवे स्टेशन के पास 1 हाथी की मौत

इसे भी पढ़ें

Project Dolphin: साहिबगंज में गंगा में हैं 162 डॉल्फिन, देश में 5वें स्थान पर झारखंड

Viral Video: कांग्रेस की बैठक में हंगामा, कार्यकर्ताओं ने जिलाध्यक्ष पर लगाये गंभीर आरोप

ऑनलाइन गेम के चक्कर में लुटा दिये पिता के 9 लाख रुपए, भरपाई के लिए की चोरी, अब पहुंचा जेल

होली से पहले आरपीएफ का ‘ऑपरेशन सतर्क’, सिंगरौली-पटना एक्सप्रेस से 133 पैकेट देशी शराब जब्त

विज्ञापन
Mithilesh Jha

लेखक के बारे में

By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola