झारखंड निकाय चुनाव: दुमका का मिठाई वाला बना अध्यक्ष, यह अनोखा चुनावी मंत्र बना गेम चेंजर

Published by : Sameer Oraon Updated At : 28 Feb 2026 4:28 PM

विज्ञापन

दुमका नगर परिषद के अध्यक्ष बने अभिषेक चौरसिया, Symbolic Pic Image Credit- Chatgpt AI

Jharkhand Municipal Election Result 2026: दुमका नगर परिषद चुनाव 2026 में भ्रष्टाचार को चुनावी मुद्दा बनाकर पहली बार अभिषेक चौरसिया अध्यक्ष बने. जानिए कैसे 15 साल बनाम 1 साल की रणनीति और जनता से सीधा जुड़ाव ने उन्हें एक बड़ी जीत दिलाई. पूरी कहानी और जश्न की झलक यहां देखें.

विज्ञापन

Jharkhand Municipal Election Result 2026, दुमका : दुमका नगर परिषद में व्याप्त भ्रष्टाचार के मुद्दे पर चुनाव लड़ कर अध्यक्ष पद पर पहली बार निर्वाचित हुए अभिषेक चौरसिया को लगभग सभी वार्ड में व्यापक जनसमर्थन मिला है. जमीनी स्तर पर पकड़ रखने वाले अभिषेक व्यवसायी हैं, उनकी मिठाई की दुकान है. दो बार पार्षद रह चुके अभिषेक चौरसिया यूं तो झारखंड मुक्ति मोर्चा के कार्यकर्ता रहे हैं. 2018 में उन्होंने पिछला निकाय चुनाव उपाध्यक्ष के पद के लिए पार्टी के उम्मीदवार के रूप में लड़ा था. भले तब वे जीत नहीं पाये थे, पर मजबूत उम्मीदवार साबित जरूर हुए थे.

झामुमो ने दुमका से किसी उम्मीदवार को नहीं दिया समर्थन

इस बार झारखंड मुक्ति मोर्चा ने दुमका में किसी भी उम्मीदवार का समर्थन नहीं किया था. यही वजह रही कि उन्हें आमजनों ने वोट तो दिया ही, पार्टी के कैडर भी उनके साथ प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष रूप से दिखे. अभिषेक चौरसिया ने इस बार के चुनाव में पूरी जान लगा दी थी. वोट नहीं वे मदद मांगते थे. भ्रष्टाचार पर खूब आवाज उठायी थी और दोनों पूर्व अध्यक्षों के कार्यकाल को लेकर सवाल खड़े किये थे. 15 साल बनाम एक साल का मुद्दा बनाया था और एक साल में ही दुमका को बदलने की बात कही थी. महिलाओं ने भी उनके लिए खूब जनसंपर्क किया था. रसिकपुर में नाली-पानी के अभाव को भी उन्होंने बड़ा मुद्दा बनाया था.

Also Read: धनबाद में कहीं जीत की हैट्रिक, कहीं टूटा तिलिस्म

जीत के बाद जगह-जगह जश्न का माहौल

दुमका नगर परिषद के अध्यक्ष पद पर अभिषेक चौरसिया के जीत के बाद समर्थकों द्वारा शहर में जगह-जगह जश्न मनाया जा रहा था. मतगणना केंद्र दुमका इंजीनियरिंग कालेज के गेट के बाहर समर्थक टार्च की माला लिए उनके स्वागत-अभिनंदन को आतुर दिखे, तो शिवपहाड़ समेत दूसरे मुहल्ले और चुनाव कार्यालय से बड़ी तादाद में समर्थक झूमते-नाचते अबीर-गुलाल उड़ाते इंजीनियरिंग काॅलेज की ओर जमा हो रहे थे. देर शाम तक जश्न में पूरा इलाका डूबा हुआ था.

जीत की पांच वजह

  • उपाध्यक्ष का चुनाव हारने के बाद आठ साल मैदान में डटे रहे.
  • हमेशा पैर छूकर आशीर्वाद व वोट की बजाय मदद मांगते दिखे.
  • 10 साल पार्षद का अनुभव भी काम आया. वहां के भ्रष्टाचार को मुद्दा बनाया.
  • महिलाओं का साथ मिला, जनसंपर्क की टीम में महिलाएं शामिल रहीं.
  • क्षेत्रवार नागरिक सुविधाओं में कमी को दूर करने का भरोसा दिलाया.

Also Read: झारखंड निकाय चुनाव: रांची की अनारक्षित सीटों पर आदिवासियों का जलवा, विरोधियों को कर दी चारो खाने चित्त

विज्ञापन
Sameer Oraon

लेखक के बारे में

By Sameer Oraon

समीर उरांव, डिजिटल मीडिया में सीनियर जर्नलिस्ट हैं और वर्तमान में प्रभात खबर.कॉम में सीनियर कटेंट राइटर के पद पर हैं. झारखंड, लाइफ स्टाइल और स्पोर्ट्स जगत की खबरों के अनुभवी लेखक समीर को न्यूज वर्ल्ड में 5 साल से ज्यादा का वर्क एक्सपीरियंस है. वह खबरों की नब्ज पकड़कर आसान शब्दों में रीडर्स तक पहुंचाना बखूबी जानते हैं. साल 2019 में बतौर भारतीय जनसंचार संस्थान से पत्रकारिता करने के बाद उन्होंने हिंदी खबर चैनल में बतौर इंटर्न अपना करियर शुरू किया. इसके बाद समीर ने डेली हंट से होते हुए प्रभात खबर जा पहुंचे. जहां उन्होंने ग्राउंड रिपोर्टिंग और वैल्यू ऐडेड आर्टिकल्स लिखे, जो रीडर्स के लिए उपयोगी है. कई साल के अनुभव से समीर पाठकों की जिज्ञासाओं का ध्यान रखते हुए SEO-ऑप्टिमाइज्ड, डेटा ड्रिवन और मल्टीपल एंगल्स पर रीडर्स फर्स्ट अप्रोच राइटिंग कर रहे हैं.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola