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jamshedpur news : कैरव गांधी अपहरणकांड : 28 को अमित शाह से मिलेंगे आदित्य साहू, सीबीआइ जांच की करेंगे मांग

Updated at : 24 Jan 2026 12:41 AM (IST)
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jamshedpur

जमशेदपुर (फाइल फोटो)

कैरव के परिजनों से मिले भाजपा के दिग्गज, बोले प्रदेश अध्यक्ष- झारखंड में 'अपहरण उद्योग' फल-फूल रहा

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कैरव के परिजनों से मिले भाजपा के दिग्गज

बोले प्रदेश अध्यक्ष- झारखंड में ””अपहरण उद्योग”” फल-फूल रहा

प्रशासन को अल्टीमेटम : कैरव गांधी की सकुशल बरामदगी नहीं हुई, तो भाजपा करेगी उग्र आंदोलन

jamshedpur news :

झारखंड में बेलगाम होते अपराध और जमशेदपुर के युवा उद्यमी कैरव गांधी के अपहरण मामले ने अब राजनीतिक तूल पकड़ लिया है. भाजपा के नवनिर्वाचित प्रदेश अध्यक्ष सह सांसद आदित्य साहू ने शुक्रवार को राज्य की कानून-व्यवस्था पर कड़ा प्रहार करते हुए कहा कि झारखंड में अब अपहरण ने एक संगठित उद्योग का रूप ले लिया है. उन्होंने ऐलान किया कि कैरव गांधी मामले की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच के लिए वे आगामी 28 जनवरी को दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात करेंगे और सीबीआइ जांच की मांग पत्र सौंपेंगे.

रांची में अध्यक्ष का पदभार ग्रहण करने के तुरंत बाद जमशेदपुर पहुंच कर आदित्य साहू ने कैरव गांधी के पिता देवांग गांथी व परिवार के लोगों के साथ मुलाकात की. उनके साथ पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा, रघुवर दास, सांसद विद्युत वरण महतो और पूर्व प्रदेशाध्यक्ष डॉ दिनेशानंद गोस्वामी, जिलाध्यक्ष संजीव सिन्हा, पूर्व जिलाध्यक्ष अभय सिंह, नीरज सिंह समेत अन्य ने कैरव गांधी के आवास जाकर उनके पिता देवांग गांधी से मुलाकात की. नेताओं ने शोकाकुल परिवार को आश्वासन दिया कि पूरी भाजपा उनके साथ खड़ी है और कैरव की सुरक्षित वापसी के लिए हर संभव प्रयास किये जायेंगे.

प्रशासन की कार्यशैली पर खड़े किये सवाल

बिष्टुपुर स्थित सर्किट हाउस में संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए आदित्य साहू ने कहा कि एसिया के उपाध्यक्ष देवांग गांधी के पुत्र कैरव गांधी को अगवा हुए 10 दिन बीत चुके हैं, लेकिन पुलिस के हाथ अब तक खाली हैं. उन्होंने एसएसपी की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए पूछा, “एसएसपी को यह सोचना चाहिए कि यदि उनके परिवार का कोई सदस्य अपहृत होता, तो क्या वे इसी तरह हाथ पर हाथ धरे बैठे रहते? ” उन्होंने कहा कि पड़ोस के ही एक युवा का अपहरण हो जाना और पुलिस का सुराग न ढूंढ़ पाना प्रशासन की विफलता का प्रमाण है.

आंदोलन की रणनीति तैयार

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने स्पष्ट किया कि पार्टी इस मुद्दे पर चुप नहीं बैठेगी. रणनीति साझा करते हुए उन्होंने बताया कि शनिवार को भाजपा महानगर का प्रतिनिधिमंडल एसएसपी से मिलकर अब तक की कार्रवाई का ब्योरा मांगेगा. 27 जनवरी को प्रदेश स्तर के नेता रांची में डीजीपी से मुलाकात कर दबाव बनाएंगे. 28 जनवरी को वे खुद गृह मंत्री अमित शाह से मिलकर पूरे मामले में हस्तक्षेप की मांग करेंगे.

निकाय चुनाव में बड़ी साजिश का आरोप

आदित्य साहू ने हेमंत सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि सरकार ने नगर निकाय चुनावों को दलीय आधार और इवीएम के बिना कराकर बड़ी धांधली की साजिश रच रही है. उन्हें पता है कि जनता का समर्थन खो चुके हैं, इसलिए पिछले दरवाजे से चुनाव जीतना चाहते हैं. एक सवाल के जवाब में आदित्य साहू ने कहा कि निकाय चुनाव में भाजपा कार्यकर्ता पूरी ताकत के साथ चुनाव लड़ेंगे. उन्होंने भ्रष्टाचार, जमीन लूट और तस्करी के मुद्दों पर भी सरकार को घेरा.

स्वागत नहीं करने के निर्देश का कार्यकर्ताओं पर असर नहीं

भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने पार्टी कार्यकर्ताओं को साफ कह दिया था कि वे प्रदेश कार्यालय में पदभार ग्रहण के बाद जमशेदपुर आयेंगे. जमशेदपुर आने के पीछे उनका उद्देश्य साफ था कि वे कैरव गांधी के परिजनों से मिलने जायेंगे. इसके बाद वे मधुपुर से होते हुए फिर संसद सत्र में शामिल होने चले जायेंगे. इसलिए उनका स्वागत संबंधी कोई कार्यक्रम नहीं हो. इसके बाद भी काफी संख्या में पहुंचे कार्यकर्ताओं ने अपने नेता के स्वागत में गर्मजोशी दिखायी. भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा के अध्यक्ष मंजीत सिंह गिल, राजन सिंह, प्रेम झा, अनिल मोदी ने भगवा गमछा पहनाया, भाजपा जिंदाबाद, भारत माता की जय के नारे लगते रहे.

आधा घंटा में दो बार देवांग गांधी से मिले भाजपा के प्रमुख नेता

रांची से जमशेदपुर पहुंचे भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष आदित्य साहू ने आधे घंटे में दो बार अपहृत कैरव गांधी के परिजनों से मुलाकात की. इस बात को लेकर चर्चा होती रही कि आखिर दो बार क्यों मिले. पहली बार में उनके साथ पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा, सांसद विद्युत वरण महतो, पूर्व प्रदेशाध्यक्ष डॉ दिनेशानंद गोस्वामी, जिलाध्यक्ष संजीव सिन्हा, पूर्व जिलाध्यक्ष अभय सिंह समेत अन्य काफी नेतागण शामिल थे. वहां से मिलने के बाद वे नीचे उतरे तो मीडिया को बयान दिया. इसके बाद पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा, सांसद विद्युत वरण व अन्य कार्यक्रम के लिए रवाना हो गये. इसी दौरान भाजपा के एक वरीय नेता ने आदित्य साहू से कहा कि मामला दिल्ली पहुंचाना है, सीबीआइ जांच करानी है, तो एक बार परिवार की सहमति पर चर्चा जरूरी है. इसी बात को पुष्ट करने के लिए आदित्य साहू, रघुवर दास, डॉ दिनेशानंद व एक अन्य नेता, जिलाध्यक्ष भी नहीं, देवांग गांधी से बंद कमरे में मिले. बताया जाता है कि देवांग गांधी ने उन्हें जानकारी दी है कि पुलिस पूरजोर सहयोग कर रही है. ऐसी स्थिति में 2-3 दिनों का वक्त पुलिस प्रशासन को देना उचित होगा. परिवार की बात से सहमत होकर भाजपा नेताओं ने आंदोलन के पैटर्न को बदलने और सिस्टम वाइज तरीके से आगे बढ़ने का फैसला किया.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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