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Jamshedpur News : झारखंड में 10 हजार क्षेत्रीय भाषा के शिक्षकों की जल्द होगी बहाली

Updated at : 29 Dec 2024 8:16 PM (IST)
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Jamshedpur News : झारखंड में 10 हजार क्षेत्रीय भाषा के शिक्षकों की जल्द होगी बहाली

Jamshedpur News : रविवार को दो दिवसीय 37वें इंटरनेशनल संताली राइटर्स कॉन्फ्रेंस एंड लिटरेरी फेस्टिवल का रविवार को समापन हो गया. समापन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में मंत्री दीपक बिरुआ व विशिष्ट अतिथि के रूप में मंत्री रामदास सोरेन शामिल हुए.

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-चुंडा सोरेन सिपाही को मिला वर्ष 2024 का लाइफटाइम एचीवमेंट अवाॅर्ड

-एक-दूसरे का सहयोग कर अपनी भाषा-संस्कृति को समृद्ध व विकसित बनायें : दीपक बिरूआ

-करनडीह दिशोम जाहेर में रविवार को दो दिवसीय 37वें इंटरनेशनल संताली राइटर्स कॉन्फ्रेंस एंड लिटरेरी फेस्टिवल का समापन

– संताली भाषा की 21 पुस्तकों का हुआ विमोचन

Jamshedpur News :

करनडीह स्थित दिशोम जाहेर में रविवार को दो दिवसीय 37वें इंटरनेशनल संताली राइटर्स कॉन्फ्रेंस एंड लिटरेरी फेस्टिवल का रविवार को समापन हो गया. समापन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में मंत्री दीपक बिरुआ व विशिष्ट अतिथि के रूप में मंत्री रामदास सोरेन शामिल हुए. इस दौरान संताली भाषा की 21 पुस्तकों का विमोचन किया गया. साथ ही संताली को विकसित करने में योगदान देने वाले नौ संताली साहित्यकारों को सम्मानित किया गया. चुंडा सोरेन सिपाही को लाइफटाइम एचीवमेंट अवाॅर्ड- 2024 से सम्मानित किया गया. मौके पर शिक्षा मंत्री रामदास सोरेन ने कहा कि 10 हजार क्षेत्रीय भाषा के माचेत व मास्टर (शिक्षक) की जल्द बहाली होगी. सरकार सभी जनजानीय व क्षेत्रीय भाषाओं की उन्नति व प्रगति के लिए गंभीर है. वहीं परिवहन मंत्री दीपक बिरूआ ने कहा कि भाषा-संस्कृति को बचाने के लिए तमाम आदिवासी समुदाय को एकजुट होना होगा. संताली की तरह अन्य क्षेत्रीय भाषाओं को भी संवैधानिक अधिकार दिलाना है. समापन समारोह में एमपीसी कॉलेज बारीपदा की पूर्व प्राचार्या सह पद्मश्री डॉ दमयंती बेसरा, मदन मोहन सोरेन भी मौजूद थे.

क्षेत्रीय भाषा के शिक्षकों की जल्द होगी बहाली : मंत्री रामदास सोरेन

मंत्री रामदास सोरेन ने कहा कि राज्य सरकार झारखंड के सभी जनजानीय व क्षेत्रीय भाषाओं की उन्नति व प्रगति के लिए काफी गंभीर है. राज्य में जल्द 10 हजार क्षेत्रीय भाषा के माचेत व मास्टर (शिक्षक) की बहाली होगी, ताकि झारखंड के आदिवासी-मूलवासी समाज की नयी पीढ़ी को अपनी मातृभाषा में पठन-पाठन का अवसर मिले सके. उन्होंने कहा कि पहले आदिवासी समाज अपने सामाजिक नियम, संस्कृति व कहानी को लिपिबद्ध नहीं करता था. दादा-दादी व समाज के बुद्धिजीवियों के माध्यम से दूसरी पीढ़ी को सिखाया जाता था. लेकिन वर्तमान समय में अपने समाज के वजूद को जीवित रखने के लिए उन्हें लिपिबद्ध करना जरूरी है. संताल समाज के साहित्यकार इस चीज को भलीभांति समझ रहे हैं. वे अपनी साहित्य सृजन कार्य को लगातार जारी रखें. साहित्यकारों की बदौलत ही संताली साहित्य आज बहुत समृद्ध व विकसित है. उनकी कड़ी मेहनत की बदौलत ही समाज का देश व दुनिया में अलग नाम है.

अन्य जनजातीय भाषाओं को भी दिलानी है संवैधानिक मान्यता : दीपक बिरूआ

मुख्य अतिथि परिवहन मंत्री दीपक बिरूआ ने कहा कि आदिवासी-मूलवासी समुदाय को संविधान में कई संवैधानिक अधिकार दिये गये हैं. बावजूद इसके आदिवासियों की भाषा-संस्कृति बच नहीं पा रही है. यह गंभीर चिंता का विषय है. इसलिए आदिवासी समुदाय को मिलकर अपनी भाषा-संस्कृति को बचानी होगी. उन्होंने कहा कि संताली को आठवीं अनुसूची में शामिल किया गया है. उसी तरह अन्य जनजातीय भाषाओं को भी मिलकर संवैधानिक मान्यता दिलानी है. तमाम जनजातीय समुदाय एक-दूसरे का सहयोग कर अपनी भाषा-संस्कृति को समृद्ध व विकसित करें. समापन समारोह में कलिंग इंस्टीच्यूट ऑफ इंडस्ट्रियल टेक्नोलॉजी भुवनेश्वर ओडिशा के उप निदेशक कादे सोरेन, रिसर्च स्कॉलर सलमा टुडू, रामचंद्र सोरेन, लालपुर कॉलेज के असिस्टेंट प्रोफेसर शशिकांत मुर्मू समेत अन्य साहित्यकारों ने वर्तमान संताली साहित्य पर अपनी बातों को रखा. लिटरेरी फेस्टिवल में साहित्य सृजन के क्षेत्र में बेहतर काम करने वाले नौ साहित्यकारों को विभिन्न पुरस्कारों से सम्मानित किया गया. कार्यक्रम का सफल आयोजन करने में ऑल इंडिया संताली राइटर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष- लक्ष्मण किस्कू, महासचिव रवींद्रनाथ मुर्मू, मानसिंह माझी, गणेश टुडू, जोबा मुर्मू, ताला टुडू, पीतांबर हांसदा, शंकर सोरेन, सुचित्रा हांसदा, मदन मोहन सोरेन, दीजापदो हांसदा, कुशल हांसदा समेत अन्य ने योगदान दिया.

इन्हें किया गया सम्मानित

गुरु गोमके पंडित रघुनाथ मुर्मू अवाॅर्ड 2024 – रायसेन हेंब्रम

साधु रामचांद मुर्मू अवाॅर्ड 2024 – रघुनाथ हेंब्रम

रामदास टुडू रास्का अवाॅर्ड 2024 – सालहो सोरेनआरआर किस्कू रापाज अवाॅर्ड 2024 – हाजाम बास्के

शारदा प्रसाद किस्कू अवाॅर्ड 2024 – सुखचांद सोरेनकोयल पंचानन अवाॅर्ड 2024 – फागु बास्के

बाबूलाल आदिवासी अवाॅर्ड 2024 – अनीता अन्नूडोमन हांसदा अवाॅर्ड 2024 – सुनील सोरेन

लाइफटाइम एचीवमेंट अवाॅर्ड 2024 – चुंडा सोरेन सिपाही

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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