कुचायकोट में विकास के बावजूद रेल सुविधा बदहाल, यात्रियों में नाराजगी

Updated:
विज्ञापन
Gopalganj News

सिपाया स्टेशन की तस्वीर

Gopalganj News : गोपालगंज: छात्रों और मरीजों को राहत देने के लिए ट्रेन ठहराव की मांग

विज्ञापन

Gopalganj News (राजेश पांडेय) : कहने को तो कुचायकोट एक ग्रामीण क्षेत्र है, लेकिन प्रशासनिक, शैक्षणिक और स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में इसकी अहमियत किसी बड़े शहर से कम नहीं है. प्रखंड मुख्यालय, थाना और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के साथ-साथ यह क्षेत्र शिक्षा एवं कृषि के प्रमुख केंद्र के रूप में तेजी से विकसित हो रहा है. इसके बावजूद बुनियादी यातायात सुविधाओं के मामले में स्थिति चिंताजनक बनी हुई है. सिपाया रेलवे स्टेशन पर एक्सप्रेस ट्रेनों का ठहराव नहीं होने से छात्र, मरीज और स्थानीय लोग भारी परेशानियों का सामना कर रहे हैं.

एक्सप्रेस ट्रेनों के ठहराव की मांग फिर हुई तेज

कुचायकोट और सिपाया क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण तकनीकी एवं कृषि संस्थान संचालित हैं, जबकि कुछ संस्थान प्रस्तावित हैं. इनमें सिपाया पॉलिटेक्निक कॉलेज, राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेज, कृषि विज्ञान केंद्र, बिहार राज्य बीज निगम तथा प्रस्तावित बिहार कृषि विश्वविद्यालय प्रमुख हैं. इन उच्च शिक्षण संस्थानों में बिहार के विभिन्न जिलों से हजारों छात्र-छात्राएं शिक्षा प्राप्त करने आते हैं. इसके अतिरिक्त, यहां स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की सेवाओं का लाभ लेने के लिए पड़ोसी राज्य उत्तर प्रदेश से भी बड़ी संख्या में मरीज पहुंचते हैं. इसके बावजूद रेलवे सुविधाओं की कमी क्षेत्र के विकास में बाधक बनी हुई है.

व्यापारियों और मरीजों में नाराजगी

सिपाया स्टेशन पर किसी भी एक्सप्रेस या लंबी दूरी की ट्रेन का ठहराव नहीं है. इसका सीधा असर बाहर से आने वाले छात्रों, मरीजों और व्यापारियों पर पड़ रहा है. छात्रों का कहना है कि उन्हें बिहार के दूर-दराज क्षेत्रों से पढ़ाई के लिए यहां आना पड़ता है, लेकिन एक्सप्रेस ट्रेनों के ठहराव की सुविधा नहीं होने के कारण उन्हें दूसरे स्टेशनों पर उतरना पड़ता है. वहां से कुचायकोट पहुंचने के लिए ऑटो या निजी वाहनों का सहारा लेना पड़ता है, जिससे समय और धन दोनों की अतिरिक्त बर्बादी होती है. परीक्षा के दौरान यह समस्या और भी गंभीर हो जाती है. व्यापारियों और मरीजों की स्थिति भी इससे अलग नहीं है. एक ओर सरकार क्षेत्र के विकास के बड़े-बड़े दावे कर रही है, वहीं दूसरी ओर इस गंभीर बुनियादी समस्या की ओर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया जा रहा है.

जनप्रतिनिधियों से रेल सुविधा बढ़ाने की मांग की

क्षेत्र की उपेक्षा से नाराज स्थानीय बुद्धिजीवियों, व्यापारियों, छात्रों और युवाओं ने अब इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाना शुरू कर दिया है. क्षेत्रवासियों का कहना है कि सिपाया स्टेशन के महत्व और यहां आने-जाने वाले लोगों की संख्या को देखते हुए प्रमुख एक्सप्रेस एवं लंबी दूरी की ट्रेनों का ठहराव सुनिश्चित किया जाना चाहिए. स्थानीय लोगों ने रेल मंत्रालय और जनप्रतिनिधियों से मांग की है कि सिपाया स्टेशन पर जल्द से जल्द महत्वपूर्ण ट्रेनों का ठहराव दिया जाए, ताकि छात्रों, मरीजों और आम यात्रियों को राहत मिल सके.

Also Read : सीवान के गुठनी में ग्रामीणों ने मादक पदार्थ के साथ 5 आरोपितों को पकड़ा, पुलिस पर उठाए सवाल

विज्ञापन
युवराज रतन

लेखक के बारे में

By युवराज रतन

पटना जन्मस्थली है मेरी, निष्पक्ष, तथ्यात्मक और जनहित आधारित पत्रकारिता में विश्वास करता हूं. वर्तमान में मेरा उद्देश्य बिहार के स्थानीय मुद्दों को प्रमुखता से उठाना और पाठकों तक सत्यापित जानकारी पहुंचाना है. किसी भी समाचार को प्रकाशित करने से पहले उपलब्ध तथ्यों और स्रोतों का सत्यापन करना मेरी प्राथमिकता है. पाठकों को विश्वसनीय, निष्पक्ष और जनहितकारी जानकारी उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध हूं.

प्राथमिक शिक्षा संत जेवियर्स हाई स्कूल, पटना से पूरी करने के बाद संत जेवियर्स कॉलेज ऑफ मैनेजमेंट एंड टेक्नॉलजी से बैचलर्स ऑफ मास कम्यूनिकेशन से स्नातक किया हूं. 2020 से पटना स्थित मीडिया संस्थान न्यूज 4 नेशन में एंकर सह प्रोड्यूसर के पद पर डेढ़ वर्षों तक काम किया. इसके उपरांत जून 2022 से इंडियन पॉलिटिकल एक्शन कमिटी (I-PAC) में सीनियर एग्जीक्यूटिव के पद पर रहते हुए डिजिटल कम्यूनिकेशन टीम में कार्य करने का मौका मिला. वर्तमान में प्रभात खबर में कंटेंट राइटर के पद पर हूं इसके माध्यम से नागरिकों के पास तथ्यात्मक और सही सूचनाएँ, खबर और अपडेट देने का कार्य कर रहा हूं.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन