सहरसा के कुमार प्रवीण को मिला इंटरनेशनल सम्मान, AI और सॉफ्टवेयर इनोवेशन में बढ़ाया बिहार का मान
Published by : Pratyush Prashant Updated At : 31 May 2026 3:22 PM
अवार्ड के साथ कुमार प्रवीण
Saharsa Success Story: सहरसा के एक युवा उद्यमी ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट के क्षेत्र में ऐसा मुकाम हासिल किया है, जिसकी चर्चा अब अंतरराष्ट्रीय मंचों पर हो रही है. ग्लोबल रिसर्च फाउंडेशन यूएसए ने उनके नवाचार और तकनीकी योगदान को सम्मानित किया है.
सहरसा से विनय कुमार मिश्र की रिपोर्ट
Saharsa Success Story: बिहार के सहरसा जिले के युवा उद्यमी और टेक्नोलॉजी विशेषज्ञ कुमार प्रवीण ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बड़ी उपलब्धि हासिल कर जिले और राज्य का नाम रोशन किया है. आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, सॉफ्टवेयर इनोवेशन और डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन के क्षेत्र में उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए उन्हें ग्लोबल रिसर्च फाउंडेशन यूएसए की ओर से प्रतिष्ठित नेशनल प्रेस्टीज अवार्ड से सम्मानित किया गया है. यह सम्मान 29 मई को कर्नाटक के हुबली में आयोजित एक भव्य समारोह में प्रदान किया गया.
सहरसा से ग्लोबल टेक्नोलॉजी मंच तक का सफर
नगर निगम क्षेत्र के गौतम नगर गंगजला निवासी कुमार प्रवीण ने अपनी मेहनत और तकनीकी कौशल के दम पर आईटी क्षेत्र में अलग पहचान बनाई है. मनोज कुमार झा और महालक्ष्मी देवी के पुत्र प्रवीण पहले भी अपने नवाचारों के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित हो चुके हैं. उनकी नई उपलब्धि ने एक बार फिर यह साबित किया है कि छोटे शहरों की प्रतिभाएं भी वैश्विक मंच पर अपनी पहचान बना सकती हैं.
सॉफ्टवेयर डेवलपर से सफल CEO बनने की कहानी
कुमार प्रवीण द्वारा स्थापित मायटेस्टा टेक्नोलॉजी ने कम समय में तकनीकी दुनिया में अपनी मजबूत पहचान बनाई है. एक सॉफ्टवेयर डेवलपर के रूप में करियर शुरू करने वाले प्रवीण आज एक सफल सीईओ के रूप में जाने जाते हैं. उनकी कंपनी अत्याधुनिक वेब सॉल्यूशंस, कस्टमाइज्ड सॉफ्टवेयर और स्केलेबल डिजिटल आर्किटेक्चर विकसित करने के लिए जानी जाती है.
विशेषज्ञों के अनुसार उनकी तकनीकी सोच और नवाचार आधारित दृष्टिकोण ने कई स्टार्टअप्स और व्यवसायों को डिजिटल रूप से सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है.
“तकनीक का उद्देश्य समस्याओं का समाधान होना चाहिए”
सम्मान प्राप्त करने के बाद कुमार प्रवीण ने कहा कि उनका हमेशा से मानना रहा है कि तकनीक का वास्तविक उद्देश्य लोगों की समस्याओं का समाधान करना है. उन्होंने इस उपलब्धि का श्रेय अपनी पूरी टीम को देते हुए कहा कि यह सम्मान उन्हें और बेहतर तकनीकी समाधान विकसित करने के लिए प्रेरित करेगा.
बिहार के युवाओं के लिए बने प्रेरणा
कुमार प्रवीण की यह सफलता केवल व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं, बल्कि बिहार के उभरते आईटी और टेक्नोलॉजी टैलेंट के लिए प्रेरणादायक उदाहरण है. सहरसा समेत पूरे प्रदेश में उनकी इस उपलब्धि पर खुशी का माहौल है और उन्हें लगातार बधाइयां मिल रही हैं. उनकी सफलता यह संदेश देती है कि प्रतिभा और मेहनत के दम पर वैश्विक मंच तक पहुंचना संभव है.
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लेखक के बारे में
By Pratyush Prashant
महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में एम.ए. तथा जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) से मीडिया और जेंडर में एमफिल-पीएचडी के दौरान जेंडर संवेदनशीलता पर निरंतर लेखन. जेंडर विषयक लेखन के लिए लगातार तीन वर्षों तक लाडली मीडिया अवार्ड से सम्मानित रहे. The Credible History वेबसाइट और यूट्यूब चैनल के लिए कंटेंट राइटर और रिसर्चर के रूप में तीन वर्षों का अनुभव. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल, बिहार में राजनीति और समसामयिक मुद्दों पर लेखन कर रहे हैं. किताबें पढ़ने, वायलिन बजाने और कला-साहित्य में गहरी रुचि रखते हैं तथा बिहार को सामाजिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक दृष्टि से समझने में विशेष दिलचस्पी.
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