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ट्रेन हादसा : रेलवे के चीफ सेफ्टी कमिश्नर ने शुरू की जांच, हादसे की यह वजह आयी सामने

Updated at : 31 Jul 2024 8:32 PM (IST)
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ट्रेन हादसा : रेलवे के चीफ सेफ्टी कमिश्नर ने शुरू की जांच, हादसे की यह वजह आयी सामने

बड़ाबांबो के पास ट्रेन संख्या 12810 हावड़ा-सीएसएमटी मुंबई ट्रेन दुर्घटना मामले की जांच रेलवे के चीफ सेफ्टी कमिश्नर ने शुरू कर दी है. रेलवे के चीफ सेफ्टी कमिश्नर जनक कुमार गर्ग अपनी पूरी टीम के साथ घटनास्थल पर पहुंच गये हैं.

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चालक-सह चालक और गार्ड से की पूछताछ

कंट्रोल रुम से एक्शन में देरी की वजह से हुआ हादसा

रेल जीएम खुद कर रहे हैं कैंप, परिचालन जल्द शुरू कराने पर जोर

जमशेदपुर :

बड़ाबांबो के पास ट्रेन संख्या 12810 हावड़ा-सीएसएमटी मुंबई ट्रेन दुर्घटना मामले की जांच रेलवे के चीफ सेफ्टी कमिश्नर ने शुरू कर दी है. रेलवे के चीफ सेफ्टी कमिश्नर जनक कुमार गर्ग अपनी पूरी टीम के साथ घटनास्थल पर पहुंच गये हैं. बताया जाता है कि उन्होंने घायल लोको ड्राइवर और सहायक लोको ड्राइवर से भी बातचीत की है. इसके अलावा मालगाड़ी के चालक और सह चालक और गार्ड से भी पूछताछ की है. साथ ही घटनास्थल की वीडियोग्राफी और फोटोग्राफी करायी गयी है.

दुर्घटना के छह मिनट पहले मालगाड़ी के ड्राइवर ने कंट्रोल को दी थी डिरेलमेंट की जानकारी, एक्शन में हुई देर

रेल हादसे की अब तक की प्रारंभिक जांच में जो बातें सामने आयी है उसके अनुसार कंट्रोल रुम की एक्शन में देरी की वजह से यह हादसा हुआ. जानकारी के अनुसार मालगाड़ी जब पटरी से उतरी थी उसके करीब 6 मिनट के बाद मालगाड़ी के ड्राइवर और सहायक लोको ड्राइवर ने कंट्रोल रुम को जानकारी दी थी कि वहां डिरेलमेंट हो गयी है और बोगी गिर चुका है. इसके बाद भी एक्शन में काफी देर हुई. इस एक्शन में देरी के कारण ही यह हादसा हुआ. इससे दो लोगों की मौत हुई, जबकि 20 से अधिक लोग घायल हुए हैं. दुर्घटना के कारण दो दिनों से यह रेल लाइन बंद है. अगर ट्रैक्शन पावर कंट्रोल किया जाता तो इससे ट्रेन को मिलने वाली बिजली बंद हो जाती, जिसके बाद ट्रेन स्वत: कुछ दूरी पर जाकर रुक जाती. लेकिन ऐसा कुछ नहीं किया गया.

पैसेंजर ट्रेन के ड्राइवर की सूझ-बूझ से बची सैंकड़ों यात्रियों की जान

पैसेंजर ट्रेन के ड्राइवर और सहायक ड्राइवर की समझ से बड़ा हादसा टल गया. रेल सेफ्टी कमिश्नर की टीम ने पाया कि इमरजेंसी ब्रेक लगाने की वजह से बड़ा हादसा होने से बच गया. अगर समय पर इमरजेंसी ब्रेक नहीं लगायी जाती तो 120 की स्पीड में जब ट्रेन की टक्कर होती तो हादसा की भयावहता का सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है. हालांकि, गार्डवाल ने भी काफी सहयोग किया और ट्रेन उसी बीच में रह गयी, जिससे नुकसान कम हुआ. रेलवे मंत्रालय ने दुर्घटना की जांच रिपोर्ट तत्काल मांगी है, ताकि दुर्घटना का मूल कारण जल्द सामने आ सके. दूसरी ओर दुर्घटना के बाद से घटनास्थल पर रेल जीएम अनिल कुमार मिश्रा और डीआरएम अरुण जे राठौर खुद कैंप कर रहे हैं, ताकि रेल परिचालन को तत्काल चालू कराया जा सके.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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