मधेपुरा में बारिश से मिली गर्मी से राहत, लेकिन जलजमाव ने बढ़ाई शहरवासियों की मुश्किलें

Published by : Pratyush Prashant Updated At : 06 Jun 2026 1:25 PM

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मधेपुरा के विद्यापुरी मोहल्ले में जलजमाव

Madhepura weather: मधेपुरा में मौसम सुहाना हुआ, तापमान गिरा और लोगों ने राहत की सांस ली. लेकिन मधेपुरा में बारिश की फुहार अपने साथ एक बड़ी समस्या भी लेकर आई. शहर की कई सड़कें और गलियां पानी में डूब गईं, जिससे लोगों का घर से निकलना तक मुश्किल हो गया.

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मधेपुरा से अमन श्रीवास्तव की रिपोर्ट.

Madhepura Weather: मधेपुरा में पिछले कुछ दिनों से पड़ रही भीषण गर्मी और उमस के बीच हुई बारिश ने मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल दिया है. तापमान में गिरावट आने से लोगों को राहत मिली है और सुबह-शाम ठंडी हवाओं ने वातावरण को खुशनुमा बना दिया है. हालांकि इस राहत के साथ शहर में जलजमाव की समस्या भी गहरा गई है. कई प्रमुख सड़कों और गलियों में पानी जमा होने से आम जनजीवन प्रभावित हो रहा है.

राहत भरी बारिश के बाद बढ़ी नई चुनौती

बारिश के बाद शहर का मौसम काफी सुहावना हो गया है. कई दिनों से गर्मी और उमस से परेशान लोग अब राहत महसूस कर रहे हैं. सुबह के समय लोग घरों से निकलकर ठंडी हवा और बदले मौसम का आनंद लेते दिखाई दे रहे हैं.

लेकिन जैसे ही लोग मुख्य सड़कों पर पहुंचते हैं, उन्हें जलजमाव की समस्या का सामना करना पड़ता है. जगह-जगह जमा पानी ने आवागमन को प्रभावित कर दिया है.

शहर की कई प्रमुख सड़कें बनीं जलभराव का केंद्र

मुख्य बाजार, स्टेशन रोड, कॉलेज चौक, कर्पूरी चौक और आजाद टोला समेत कई इलाकों में बारिश का पानी जमा हो गया है. स्थानीय लोगों का कहना है कि नालियों की नियमित सफाई नहीं होने के कारण पानी की निकासी नहीं हो पाती और सड़कें जलमग्न हो जाती हैं.

कई स्थानों पर सड़कें तालाब जैसी दिखाई दे रही हैं. पैदल चलने वाले लोगों, स्कूली बच्चों और दोपहिया वाहन चालकों को सबसे अधिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.

व्यापार और स्वास्थ्य पर भी पड़ रहा असर

जलजमाव का असर बाजारों पर भी दिखाई देने लगा है. दुकानदारों का कहना है कि पानी भरी सड़कों के कारण ग्राहकों की संख्या कम हो गई है. कई दुकानों के सामने पानी जमा होने से लोगों को खरीदारी करने में भी दिक्कत हो रही है.

वहीं गंदे पानी के जमाव से मच्छरों का प्रकोप बढ़ने लगा है. स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसी स्थिति डेंगू और मलेरिया जैसी बीमारियों का खतरा बढ़ा सकती है. कई इलाकों में दुर्गंध फैलने की शिकायत भी सामने आ रही है.

स्थायी समाधान की मांग तेज

स्थानीय लोगों का कहना है कि हर वर्ष बारिश के मौसम में यही स्थिति बनती है, लेकिन समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो पाता. हालांकि शहर में बुडको द्वारा नाला निर्माण का कार्य चल रहा है, फिर भी पुराने नालों की सफाई और जल निकासी व्यवस्था को लेकर सवाल उठ रहे हैं.

शहरवासियों ने प्रशासन और नगर परिषद से जल्द प्रभावी कदम उठाने की मांग की है ताकि बारिश राहत का कारण बने, परेशानी का नहीं. जलजमाव की समस्या दूर होने पर ही लोगों को मौसम के इस बदलाव का पूरा लाभ मिल सकेगा.

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Pratyush Prashant

लेखक के बारे में

By Pratyush Prashant

महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में एम.ए. तथा जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) से मीडिया और जेंडर में एमफिल-पीएचडी के दौरान जेंडर संवेदनशीलता पर निरंतर लेखन. जेंडर विषयक लेखन के लिए लगातार तीन वर्षों तक लाडली मीडिया अवार्ड से सम्मानित रहे. The Credible History वेबसाइट और यूट्यूब चैनल के लिए कंटेंट राइटर और रिसर्चर के रूप में तीन वर्षों का अनुभव. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल, बिहार में राजनीति और समसामयिक मुद्दों पर लेखन कर रहे हैं. किताबें पढ़ने, वायलिन बजाने और कला-साहित्य में गहरी रुचि रखते हैं तथा बिहार को सामाजिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक दृष्टि से समझने में विशेष दिलचस्पी.

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