जमशेदपुर : उत्कल एक्सप्रेस हादसे में मरने वाले चार में से दो की हुई पहचान हुई, दो की शिनाख्त का चल रहा प्रयास

दुमका जिले के जामा थाना क्षेत्र के जामा गांव के रहने वाले नंदकिशोर राय का 26 वर्षीय पुत्र जयराम राय और गिरीडीह जिले के देवड़ी थाना क्षेत्र के खाजमुंडा गांव के रहने वाले 46 वर्षीय विजय चौधरी शामिल हैं.
जमशेदपुर : गम्हरिया रेलवे स्टेशन के पास उत्कल एक्सप्रेस की चपेट में आने से चार लोगों की मौत के दूसरे दिन दो लोगों की पहचान हो गयी है. दो लोगों को लेकर अभी संशय बरकरार है. दो लोगों की जो पहचान हुई है उनमें दुमका जिले के जामा थाना क्षेत्र के जामा गांव के रहने वाले नंदकिशोर राय का 26 वर्षीय पुत्र जयराम राय और गिरीडीह जिले के देवड़ी थाना क्षेत्र के खाजमुंडा गांव के रहने वाले 46 वर्षीय विजय चौधरी शामिल हैं. उनके पिता का नाम स्वं पोखन चौधरी थे. जानकारी के अनुसार कांड्रा की ओर से कहीं से ये लोग आ रहे होंगे और रात के अंधेरे व धुंध के कारण ट्रेन की दूरी समझ नहीं सके और उसकी चपेट में आ गये. दो लोगों का आइडी जो मिला है, उससे उनका मिलान नहीं हो पाया है. कोई परिजन भी अब तक नहीं आ पाया है. इसमें से एक आदित्यपुर आशियाना टच प्वाइंट का रवींद्र कुमार दास का आइडी था जबकि दूसरा दुमका निवासी जयराम राय का पाया गया है. इन दोनों के परिजन नहीं सामने आये है और ना ही आइडी से लोकेशन फाइनल हो पाया है.
इस घटना के दौरान रेल पुलिस ने कई सारे सामान और बैग भी बरामद किये थे. एक बैग में मोबाइल था, जो पूरी तरह चकनाचूर हो गया था. लेकिन उसका सिम निकालकर रेल पुलिस ने दूसरे मोबाइल में डाला और फिर उसको ऑन किया गया तो किसी का फोन आया, जिसके बाद एक गिरीडीह के रहने वाले की पहचान हुई, जिसके बाद गिरीडीह निवासी परिजन से बातचीत की गयी. परिजनों ने बताया कि वह घर लौटा नहीं है. इसके बाद रेल पुलिस ने घटना की जानकारी दी. उनके माध्यम से ही जामा के व्यक्ति की पहचान हुई.
चार लोगों की मौत के मामले में अब तक रेल पुलिस को कोई ठोस जानकारी नहीं मिल पायी है कि आखिर हादसा कैसे हुआ. चूंकि, ट्रेन रफ्तार में थी और सभी लोग चपेट में आकर कट गये, इस कारण कुछ मालूम नहीं चल सका है. जहां घटना घटी है, वहां काफी अंधेरा है. आसपास कोई आबादी वाला एरिया भी नहीं है, जिस कारण कोई देख भी नहीं पाया कि कैसे हादसा हुआ. आशंका और संभावनाओं को तलाशा जा रहा है. यह संभावना जतायी जा रही है कि दो ट्रेन की चपेट में आने से भी यह हादसा हो सकता है. इसको लेकर भी जांच की जा रही है.
गम्हरिया रेलवे स्टेशन के पास वेस्ट यार्ड के पोल संख्या 260/18-22 के मध्य गुरुवार की शाम उत्कल एक्सप्रेस गाड़ी संख्या 18478 की चपेट में आने वाले मृतकों की पहचान को लेकर घटनास्थल पर रेल पुलिस फिर से पहुंची. घटना को लेकर अब तक कोई प्रत्यक्षदर्शी सामने नहीं आया है. इसकी वजह से तरह-तरह की चर्चा हो रही है, हालांकि मृतक स्थानीय नहीं लग रहे हैं. आशंका व्यक्त की जा रही है कि ट्रेन से उतरकर स्टेशन आने के समय सभी ट्रेन की चपेट में आ गये होंगे. जानकारी के अनुसार घटना के कुछ देर पहले ही दानापुर एक्सप्रेस ट्रेन गम्हरिया होकर गुजरी थी, जो गम्हरिया रेलवे स्टेशन पर नहीं रुकती है. संभावना व्यक्त किया जा रहा है कि घटनास्थल के आसपास दानापुर एक्सप्रेस की गति धीमी हुई होगी. इसी दौरान वे उतरकर स्टेशन की ओर आ रहे थे, तभी अंधेरे व धुंध की वजह से उत्कल एक्सप्रेस की चपेट में आकर उनकी मौत हुई होगी, हालांकि घटना कैसे हुई है. इसकी पुष्टि अभी तक नहीं हो पायी है. विभागीय पदाधिकारी घटना के कारण व मृतकों की पहचान करने में लगे हुए हैं.
रेल एसपी ऋषभ ने बताया कि दो मृतकों की पहचान हो चुकी है. दो की पुख्ता जानकारी अभी बाकी है. जानकारी लेने का प्रयास किया जा रहा है. इसको लेकर कोशिशें तेज कर दी गयी है.
एक ही ट्रेन से कटे है चारों लोग : एरिया मैनेजर
टाटानगर स्टेशन के एरिया मैनेजर अभिषेक सिंघल ने बताया कि एक ही ट्रेन से यह घटना घटी है. जीआरपी को हर सहयोग किया जा रहा है. स्थानीय पुलिस के साथ मिलकर जीआरपी काम कर रही है. निश्चित तौर पर यह पता लग जायेगा कि कैसे यह हादसा हुआ है.
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By Prabhat Khabar News Desk
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