जमशेदपुर : डीएसपी, इंस्पेक्टर समेत अन्य अभियुक्तों को क्लीन चिट

Updated:
विज्ञापन

मानगो सहारा सिटी दुष्कर्म मामला. 13 माह की जांच के बाद सीआइडी ने हाइकोर्ट को सौंपी चार्जशीट जमशेदपुर : मानगो सहारा सिटी की नाबालिग से दुष्कर्म मामले की जांच कर रही सीआइडी ने 13 माह बाद डीएसपी, इंस्पेक्टर समेत अन्य अभियुक्तों को क्लीन चिट दे दी है. सीआइडी डीएसपी विनोद रब्बानी ने इस मामले में […]

विज्ञापन
मानगो सहारा सिटी दुष्कर्म मामला. 13 माह की जांच के बाद सीआइडी ने हाइकोर्ट को सौंपी चार्जशीट
जमशेदपुर : मानगो सहारा सिटी की नाबालिग से दुष्कर्म मामले की जांच कर रही सीआइडी ने 13 माह बाद डीएसपी, इंस्पेक्टर समेत अन्य अभियुक्तों को क्लीन चिट दे दी है.
सीआइडी डीएसपी विनोद रब्बानी ने इस मामले में 16 सितंबर को हाइ कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की. चार्जशीट के मुताबिक, पीड़िता का मोबाइल लोकेशन उसके द्वारा बताये गये जगहों पर नहीं पाया गया. एमजीएम थाना परिसर में थाना प्रभारी पर लगाये गये आरोप का साक्ष्य भी नहीं मिला. सीडी की भी जांच की गयी, लेकिन उसमें पुलिस अधिकारी की संलिप्तता नहीं मिली.
पीड़िता द्वारा अलग-अलग जगहों पर दुष्कर्म की बात कही गयी थी, लेकिन जब मोबाइल टावर के लोकेशन की जांच की गयी, तो वह सहारा सिटी में पाया गया. सहारा सिटी के सुरक्षागार्ड मो. अहमद, विजय कुमार दास और रमेश प्रसाद झा ने पूछताछ में बताया, पीड़िता सहारा सिटी के बाहर किसी के साथ नहीं गयी थी. जांच अधिकारी पीड़िता के साथ 24 सितंबर को दस स्थान पर गये, जहां उसने घटना होने की बात बतायी थी, लेकिन पूर्व में दिये गये बयान से समानता नहीं पायी गयी.
सीएम ने 26 अगस्त 2018 को सीआइडी को सौंपा था जांच का जिम्मा, एक माह में मांगी थी रिपोर्ट
पुलिस जांच से संतुष्ट नहीं होने पर पीड़िता ने सीएम से की थी शिकायत
पुलिस की जांच से संतुष्ट नहीं होने पर पीड़िता ने मामले की शिकायत मुख्यमंत्री से की थी. इसके बाद 26 अगस्त 2018 को मुख्यमंत्री ने मामले की जांच का जिम्मा सीआइडी को सौंपा था. इस मामले में सीआइडी के तीन अनुसंधानकर्ता बदल चुके हैं. मुख्यमंत्री ने एक माह के अंदर जांच रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया था.
चार्जशीट में गवाहों ने भी घटना से जुड़े साक्ष्य का समर्थन नहीं किया
चार्जशीट के मुताबिक, चार सितंबर को जांच अधिकारी द्वारा गवाह प्रियंका सिंह,राहुल पांडेय और सौरव कुमार का बयान लिया गया, जिसमें उन्होंने घटना से जुड़े किसी भी साक्ष्य का समर्थन नहीं किया. वहीं, पीड़िता द्वारा दर्ज प्राथमिकी और कोर्ट में दिये गये धारा 164 के बयान में भी किसी पुलिस अधिकारी का नाम नहीं बताया है.
विज्ञापन

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola