...जब फेसबुक पर लिखे झारखंड आंदाेलनकारी बेसरा, एक दिन का सीएम बनना चाहता हूं, लोगों ने दिया ये जवाब
Published by :Prabhat Khabar Digital Desk
Published at :03 Aug 2019 7:52 AM (IST)
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किसी ने कहा : सॉरी दादा, तो कोई बोला- इच्छा पूर्ण हो जमशेदपुर : झारखंड आंदाेलनकारी सह पूर्व विधायक सूर्य सिंह बेसरा ने फेसबुक पर अपने मन की बात लिखकर पाेस्ट किया. इसके बाद लाेगाें ने पोस्ट पर जमकर भड़ास निकाली. बेसरा ने फेसबुक पेज पर लिखा ‘मैं भी एक दिन का सीएम बनना चाहता […]
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किसी ने कहा : सॉरी दादा, तो कोई बोला- इच्छा पूर्ण हो
जमशेदपुर : झारखंड आंदाेलनकारी सह पूर्व विधायक सूर्य सिंह बेसरा ने फेसबुक पर अपने मन की बात लिखकर पाेस्ट किया. इसके बाद लाेगाें ने पोस्ट पर जमकर भड़ास निकाली. बेसरा ने फेसबुक पेज पर लिखा ‘मैं भी एक दिन का सीएम बनना चाहता हूं’. इसके बाद लाेगाें ने कमेंट में तरह-तरह की प्रतिक्रिया व्यक्त की. गुलशन टुडू ने लिखा भगवान करे आपकी इच्छा पूर्ण हाे. चंद्रमाेहन किस्कू ने ताे लेखनी पर ही सवाल खड़े करते हुए लिखा ‘दील’ नहीं ‘दिल’ लिखिये, ‘बन्ना’ नहीं ‘बनना’ लिखिए. साेनाराम महाली ने लिखा आपका ख्वाब पूरा हाेगा, देर है अंधेर नहीं.
मनाेज प्रताप ने लिखा बनिये बॉस किसने राेका है, इस पर आलाेक वाजपेयी ने उन्हें जवाब देते हुए लिखा कि जाे लाेग पहले वनांचल बाेलते थे, आज वे झारखंड बाेल रहे हैं. बेसराजी काे जितनी नॉलेज है, उतनी आज किसी काे नहीं. अफसाेस बेसराजी यदि दलाली नहीं किया करते ताे आज? मनाेज ने फिर आलाेक के जवाब में लिखा, आप खुश रहिये, बेसरा से, जिसकाे लिखना नहीं आता उसे ज्ञानी मानिये. राखा हरि षाड़ंगी ने दाे टूक कहा नॉट पॉसिबल.
मुकेश मनाेज ने लिखा सॉरी दादा, काेई भी पार्टी नायक फिल्म देखने के बाद एक दिन का मुख्यमंत्री बनाने की गलती नहीं करेगी. शहनवाज आलम ने बेसरा काे सलाह दी कि वे यदि कांग्रेस का हाथ थाम लेते हैं, ताे यह संभव है. माेहन चंद्र मुर्मू ने लिखा वाेट जीत कर सबसे बड़ी पार्टी के नेता काे ही सीएम बनते देखा है, कभी वाेट कटवा काे सीएम बनते नहीं देखा. केशव आर्या ने कहा कि सपने देखने में इनकम टैक्स फ्री है, देख सकते हैं.
मेरे पैराें में बांध दें घुंघरू, फिर मेरी चाल देख ले
फेसबुक पर शुक्रवार काे पूर्व विधायक सूर्य सिंह बेसरा ने अगली पोस्ट लिखी, जिसमें उन्होंने लिखा ‘हमारे गांव में हमारा राज, बाहरी लाेगाें का क्या है कामकाज’. मेरे पैराें में बांध दें घुंघरू, फिर मेरी चाल देख लें. झारखंड में 1985 की स्थानीय नीति नहीं चलेगी. संविधान के अनुच्छेद 371-1932 का खतियान चलेगा, माझी-महताे भाई-भाई, बाहरी बिहारी बाय-बाय, झारखंड दिशुम आबुवाक, दिकू जारी काबुवाक, झारखंड में रहना है, ताे जय झारखंड बाेलाे. जय श्रीराम बाेलना है, ताे झारखंड छाेड़ाे.
सूर्य सिंह बेसरा झारखंड आंदोलकारी हैं. अलग राज्य के लिए त्याग किया है. अगर वह सीएम बनने की बात कर रहे हैं, तो यह उनका हक बनता है. उन्होंने झारखंड के आदिवासी-मूलवासी के लिए संघर्ष किया है. वह एक दिन के लिए नहीं, वर्षों तक मुख्यमंत्री होने के लायक हैं.
प्रभाकर तिर्की, झारखंड आंदोलकारी
कोई फेसबुक पर लिख कर मुख्यमंत्री नहीं बनता. जनता चाहेगी, तो एक दिन क्या पांच साल के लिए बन जाएंगे. झारखंड के लिए सबसे ज्यादा भाजपा ने किया. अलग झारखंड बनाया. यहां के आदिवासी और मूलवासी की चिंता की. मुख्यमंत्री रघुवर दास ने राज्य के विकास की गाथा लिखी है.
प्रवीण प्रभाकर, भाजपा प्रवक्ता
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