दुगनी बराज निर्माण का चामारू के लोगों ने किया विरोध
Updated at : 22 Jul 2019 6:18 AM (IST)
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गम्हरिया : सरायकेला अंचल अंतर्गत दुगनी गांव स्थित रामबाबा आश्रम के समीप संजय नदी पर बनने वाली दुगनी बराज का आसपास के प्रभावित गांव के ग्रामीणों ने विरोध किया. मामले को लेकर रविवार को जुटे चामारू गांव के ग्रामीणों ने किसी भी कीमत पर बराज के नाम पर अपनी कृषि योग्य जमीन नहीं देने का […]
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गम्हरिया : सरायकेला अंचल अंतर्गत दुगनी गांव स्थित रामबाबा आश्रम के समीप संजय नदी पर बनने वाली दुगनी बराज का आसपास के प्रभावित गांव के ग्रामीणों ने विरोध किया. मामले को लेकर रविवार को जुटे चामारू गांव के ग्रामीणों ने किसी भी कीमत पर बराज के नाम पर अपनी कृषि योग्य जमीन नहीं देने का निर्णय लिया.
ग्राम प्रधान प्रभात महतो की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में ग्रामीणों ने भूमि अधिग्रहण के खिलाफ चरणबद्ध आंदोलन करने की घोषणा की. श्री महतो ने बताया कि पूर्व में ही गंजिया बराज के नाम पर ग्रामीणों की जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया जारी है.
अब दुगनी बराज के नाम पर दोबारा जमीन अधिग्रहण किये जाने की जानकारी अंचलाधिकारी द्वारा दी जा रही है, जिसे ग्रामीण कभी बर्दाश्त नहीं करेंगे. शुक्रवार को अंचल कार्यालय से गांव में ग्रामसभा करने से संबंधित पत्र ग्राम प्रधान को दिये जाने से ग्रामीण भड़क गये.
ग्रामीणों ने बताया कि वे किसी भी परिस्थिति में जमीन अधिग्रहण के पक्ष में नहीं हैं. बैठक में वंशीधारी महतो, शास्त्री महतो, करुणा महतो, रवींद्रनाथ महतो, सानो महतो, भरत महतो, वनबिहारी महतो, लक्ष्मण महतो, दिलीप महतो, वानेश्वर महतो, नरेश महतो, दुखीराम लोहार, मनोज महतो, गुणाधर महतो, सुभाष महतो, दिगाम मुर्मू, चितो महतो, मनोहर महतो, रामप्रसाद महतो, प्रकाश महतो समेत काफी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे. विदित हो कि जून माह में रांगाटांड़ में जमीन अधिग्रहण को लेकर विभाग द्वारा ग्रामसभा का आयोजन किया गया था. वहां भी उन्हें ग्रामीणों के विरोध का सामना करना पड़ा था.
चरणबद्ध आंदोलन की रूपरेखा तैयार. बैठक में जमीन अधिग्रहण के खिलाफ चरणबद्ध आंदोलन की रूपरेखा तैयार की गयी. पहले चरण में प्रशासनिक पदाधिकारियों को ज्ञापन सौंपकर विरोध प्रकट करने, दूसरे चरण में विभागीय मंत्री व पदाधिकारियों से मिलकर मामले से अवगत कराकर अधिग्रहण प्रक्रिया रद्द करने की अपील, तीसरे चरण में उपायुक्त कार्यालय के समक्ष धरना-प्रदर्शन करने का निर्णय लिया गया. इसके बाद भी रैयती जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया रद्द नहीं होने पर विधानसभा चुनाव का बहिष्कार करने की घोषणा की गयी.
1975 से लिफ्ट एरिगेशन के नाम पर लगा है सिर्फ तीन खंभा. ग्रामीणों ने बताया कि वे विकास विरोधी नहीं हैं, लेकिन सरकारी नीति से उनका भरोसा उठ चुका है. सरकार द्वारा ग्रामीणों को सिंचाई व्यवस्था उपलब्ध कराने के लिए चामारू स्थित नदी से पाट डुंगरी तक लिफ्ट एरिगेशन निर्माण कराने की प्रक्रिया शुरू की गयी थी, लेकिन 44 वर्षों के दौरान अब तक कार्य के नाम पर मात्र तीन खंभा लगाकर छोड़ दिया गया है.
झारखंड निर्माण बनने के बाद 2015 तक चुनाव से पूर्व कई बार क्षेत्र का दौरा कर विभागीय पदाधिकारियों द्वारा निर्माणाधीन काम को पूरा करने का आश्वासन दिया गया, लेकिन काम में किसी प्रकार की प्रगति देखने को नहीं मिली. ग्रामीणों ने कहा कि अगर सरकार किसानों का हित चाहती है, तो बराज के लिए जमीन अधिग्रहण की मंशा को छोड़ लंबित लिफ्ट एरिगेशन को पूरा करे.
गंजिया बराज : गेट बंद होने से चामारू-कोलाबिरा संपर्क टूटा
गम्हरिया. एक ओर सरकार दुगनी बराज के नाम पर चामारू पंचायत में जमीन अधिग्रहण करने की प्रक्रिया शुरू कर रही है. वहीं गंजिया बराज के सभी गेट बंद कर दिये जाने का खामियाजा चामारू पंचायत के लोगों को भुगतना पड़ रहा है. बराज गेट को बंद कर दिये जाने से चामारू पंचायत व कोलाबिरा का संपर्क टूट गया है.
ग्रामीणों ने बताया कि चामारू पंचायत के लाभुकों का अधिकांश बैंक खाता कोलाबिरा स्थित बैंक व लैंपस में है. चामारू स्थित संजय नदी को पार करते ही ग्रामीण कोलाबिरा सीमा में प्रवेश कर जाते थे, लेकिन गंजिया बराज का सभी गेट बंद कर दिये जाने की वजह से नदी से होकर कोलाबिरा जाने वाला रास्ता बह गया.
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