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एमजीएम पहुंचते ही भड़के स्वास्थ्य सचिव, बोले- अस्पताल में कर्मचारी कम, नेता अधिक हो गये

Updated at : 23 Jun 2019 3:40 AM (IST)
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एमजीएम पहुंचते ही भड़के स्वास्थ्य सचिव, बोले- अस्पताल में कर्मचारी कम, नेता अधिक हो गये

जमशेदपुर : एमजीएम अस्पताल का निरीक्षण करने पहुंचे स्वास्थ्य सचिव डॉ नितिन मदन कुलकर्णी शनिवार को व्यवस्था के सामने असहाय नजर आये. परिसर में हर ओर गंदगी, जलजमाव, टूटी सीलिंग से सचिव का सामना हुआ, तो किसी कार्य की विधिवत मॉनीटरिंग नहीं होने पर उन्होंने नाराजगी जतायी. बर्न यूनिट, लेबर रूम, गायनिक, बच्चा वार्ड, मेडिसिन […]

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जमशेदपुर : एमजीएम अस्पताल का निरीक्षण करने पहुंचे स्वास्थ्य सचिव डॉ नितिन मदन कुलकर्णी शनिवार को व्यवस्था के सामने असहाय नजर आये. परिसर में हर ओर गंदगी, जलजमाव, टूटी सीलिंग से सचिव का सामना हुआ, तो किसी कार्य की विधिवत मॉनीटरिंग नहीं होने पर उन्होंने नाराजगी जतायी.

बर्न यूनिट, लेबर रूम, गायनिक, बच्चा वार्ड, मेडिसिन व ब्लड बैंक के निरीक्षण में यह बात सामने आयी कि सही मॉनीटरिंग नहीं होने से बेहतर रिजल्ट सामने नहीं आ पा रहा है. जांच में यह बात आयी कि लाइसेंस नहीं मिलने से ब्लड सेपरेटर मशीन बंद पड़ी है. लाॅड्री में कपड़ा धुलाई तक की मॉनीटरिंग नहीं की जा रही.

सचिव ने व्यवस्था में सुधार लाने का निर्देश प्राचार्य व अधीक्षक को दिया. सचिव ने निरीक्षण के दौरान जर्जर एएनएम स्कूल व क्वार्टर को तोड़ने और नयी बिल्डिंग बनाने की प्रक्रिया शुरू करने समेत सभी जर्जर भवनों की मरम्मत कराने का निर्देश भी दिया. बीएससी नर्सिंग कॉलेज की भी जानकारी ली. निरीक्षण के बाद सचिव ने अधीक्षक डॉ अरुण कुमार, उपाधीक्षक डॉ नकुल चौधरी, प्राचार्य डॉ एसी अखौरी समेत सभी विभागाध्यक्ष, पीडब्ल्यूडी, पीएचडी व बिजली पदाधिकारियों के साथ बैठक कर बरसात से पूर्व चल रहे सभी कार्यों को हर हाल पूरा करने का निर्देश दिया.

सर्जरी में मेजर ऑपरेशन कम होने पर सचिव नाराज : विभागीय समीक्षा में सर्जरी में मेजर ऑपरेशन कम होने पर सचिव ने विभागाध्यक्ष को फटकार लगायी. सचिव को बताया गया कि अस्पताल में एनेस्थीसिया के डॉक्टर कम है, इससे परेशानी होती है. सचिव ने जल्द एनेस्थीसिया डॉक्टर की नियुक्ति की बात कही. सचिव ने सर्जरी सहित अन्य विभाग में मॉड्यूलर ओटी बनाने के अलावा सभी जगह पर पानी-बिजली व शौचालय को दुरुस्त करने को कहा.

कॉलेज की 100 सीट बचाने पर सरकार गंभीर : सचिव ने अधीक्षक व प्राचार्य से कहा कि कॉलेज की 100 सीट बचाने के लिए सरकार गंभीर है. कॉलेज में प्रोफेसर की नियुक्ति व बिल्डिंग निर्माण की प्रक्रिया चल रही है. अभी 41 सीनियर रेजीडेंट दिये गये हैं और 15 दिनों में सहायक प्रोफेसरों की भी नियुक्ति कर दी जायेगी. इससे पढ़ाई के साथ ही 100 सीट की मान्यता बढ़ायी जा सकेगी.

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