जमशेदपुर : छात्र आजसू का दावा-कंप्यूटर लैब में लगा ताला कॉलेज प्रशासन ने कहा- बंद होने का सवाल नहीं
Author Prabhat khabar digital desk
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जमशेदपुर : राष्ट्रीय उच्चतर शिक्षा अभियान के आवंटन से जमशेदपुर को-ऑपरेटिव कॉलेज में बने कंप्यूटर लैब को खोले जाने को लेकर शुरू हुआ विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है. करीब 60 लाख खर्च कर लैब का निर्माण किया गया है. गुरुवार को छात्र आजसू ने कंप्यूटर लैब के बंद गेट के सामने खड़े […]
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जमशेदपुर : राष्ट्रीय उच्चतर शिक्षा अभियान के आवंटन से जमशेदपुर को-ऑपरेटिव कॉलेज में बने कंप्यूटर लैब को खोले जाने को लेकर शुरू हुआ विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है. करीब 60 लाख खर्च कर लैब का निर्माण किया गया है.
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गुरुवार को छात्र आजसू ने कंप्यूटर लैब के बंद गेट के सामने खड़े होकर दावा किया कि संगठन की मांग के आगे झुकते हुए कॉलेज प्रशासन ने लैब का ताला बंद कर दिया. कॉलेज प्रशासन ने छात्र संगठन के दावे को कोरा झूठ करार दिया. कहा कि लैब का ताला फिर बंद करने का सवाल ही पैदा नहीं होता.
लैब खोलने व बंद होने की एक तय समय सीमा है. समय सीमा खत्म होने के बाद अगर कोई फोटो खिंचाकर दावा करे कि लैब बंद हो गया, तो यह पूरी तरह भ्रामक है. कॉलेज के सूत्रों की मानें, तो लैब को लेकर विवाद अब तक पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है.
कॉलेज के प्रभारी प्राचार्य डॉ वीके सिंह छात्र हित का हवाला देकर लैब खोले रखने के अपने फैसले पर कायम हैं. छात्र संगठनों की मांग है कि इस मामले में दोषी करार दिये गये लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाये. मामले के शिकायतकर्ता सह बर्शर आय डॉ एमएन तिवारी ने कहा कि जांच में उनकी शिकायत सही साबित हुई है. दोषियों पर कार्रवाई होने तक वह आवाज उठाते रहेंगे.
अगर जरूरत पड़ी तो राज्यपाल सह कुलाधिपति को मामले में पत्र लिखेंगे. दावा किया जा रहा है कि लैब खोलने के मुद्दे पर प्राचार्य ने गुरुवार को बर्शर आय डॉ एमएन तिवारी से वार्ता की है. उन्हें भरोसा दिया गया है कि कॉलेज प्रशासन भ्रष्टाचार के खिलाफ है. छात्रहित को ध्यान में रखकर सरकारी संपत्ति के उपयोग की अनुमति उन्हें दी गयी है. लैब के निर्माण में हुई अनियमितता को छिपाने का प्रश्न ही पैदा नहीं होता.
लैब बंद नहीं हुआ है. कोई संगठन विशेष कॉलेज के संपत्ति के उपयोग को लेकर फैसला नहीं कर सकता. अगर किसी की तरफ से लैब के बंद करने का दावा किया जा रहा है, तो यह गलत है.
डॉ वीके सिंह, प्राचार्य, को-ऑपरेटिव
करीब 60 लाख की लागत से को-ऑपरेटिव कॉलेज में बना कंप्यूटर लैब एक बार फिर से ताले में बंद हो गया है. छात्र आजसू ने इस संबंध में प्रिंसिपल डॉ वीके सिंह को ज्ञापन सौंपा था. इसी के बाद कॉलेज प्रशासन ने लैब को बंद कर दिया है.
दीपक पांडेय, छात्र नेता, छात्र आजसू
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