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जमशेदपुर : सर्दी के सितम से दगा दे रहा दिल, हर दिन 15-20 मौतें

Updated at : 30 Dec 2018 10:11 AM (IST)
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जमशेदपुर : सर्दी के सितम से दगा दे रहा दिल, हर दिन 15-20 मौतें

संजीव भारद्वाज जमशेदपुर : कनकनी बढ़ने के साथ हृदय, हाइ ब्लड प्रेशर, अस्थमा रोगियों की तबीयत बिगड़ने लगी है. लोगों का ब्लडप्रेशर अनियंत्रित हो रहा है. डायबिटीज के मरीजों की तकलीफ बढ़ रही है. जमशेदपुर में आलम यह है कि हर दिन 30 से 35 मौतें हो रही हैं, इनमें 15 से 20 मौत की […]

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संजीव भारद्वाज
जमशेदपुर : कनकनी बढ़ने के साथ हृदय, हाइ ब्लड प्रेशर, अस्थमा रोगियों की तबीयत बिगड़ने लगी है. लोगों का ब्लडप्रेशर अनियंत्रित हो रहा है. डायबिटीज के मरीजों की तकलीफ बढ़ रही है.
जमशेदपुर में आलम यह है कि हर दिन 30 से 35 मौतें हो रही हैं, इनमें 15 से 20 मौत की वजह हार्ट अटैक है. भुइयांडीह अाैर पार्वती घाट में शवाें का अंतिम संस्कार करने के लिए लाेगाें काे घंटाें इंतजार करना पड़ रहा है.
आम दिनाें में 4-6 शव श्मशान घाट पहुंचते थे, लेकिन इन दिनों आंकड़ा बढ़कर 18-20 तक पहुंच गया है. बिजली हीटर पर लंबी लाइन से हटकर लाेग अंत्येष्टि के लिए लकड़ियाें का भी सहारा ले रहे हैं. कब्रिस्तानाें में तकियादाराें की कमी है. एक दिन में तीन से अधिक कब्र नहीं खाेद पा रहे हैं.
कब्रिस्तान कमेटी ने अतिरिक्त कुलियाें की व्यवस्था की है. कब्रिस्तान में आैसतन दाे शव आते थे, इन दिनाें 8-10 तक पहुंच जा रहे हैं. पिछले दस दिनाें में अलग-अलग कारणों से 350 से अधिक लाेगाें की माैत हुई है. कार्डिक अटैक के मरीजाें की उम्र 35-75 के बीच की बतायी जा रही है. शहर के प्रमुख अस्पतालाें में कार्डियोलोजी विभाग में हार्ट संबंधी रोगियों के बेड फुल हाे गये हैं. सभी प्रमुख हॉस्पिटल के आइसीयू फुल हो गये हैं.
शमशान घाट-कब्रिस्तान में लग रही है कतार. भुइयांडीह सुवर्णरेखा घाट, बिष्टुपुर पार्वती घाट, साकची कब्रिस्तान, जाकिरनगर कब्रिस्तान, जवाहरनगर कब्रिस्तान, बारीनगर कब्रिस्तान, कैरेज कॉलाेनी कब्रिस्तान, जुगसलाई कब्रिस्तान, बेल्डीह कब्रिस्तान, बाबूडीह कब्रिस्तान, जसकंडी कब्रिस्तान. रोगी रात को तीन परतों में गर्म कपड़े पहनें. ब्लडप्रेशर और हृदय रोगी देर रात की पार्टियों में न जाये. गर्म कमरे से अचानक सर्दी में बाहर न निकलें. सीने में भारीपन महसूस हो तो फौरन ब्लडप्रेशर चेक करायें. हृदय रोगी रात में एस्प्रिन की टेबलेट लें. तड़के और रात में बाहर न निकलें.
गुर्दा रोगियों को छोड़कर सभी दिन में तीन लीटर पानी पीयें.अस्थमा, सांस की एलर्जी और ब्लडप्रेशर की मरीज दवाओं की डोज एडजस्ट करायें. हृदय रोगी ठंडा पानी न पिएं, ताजा या हल्का गुनगुना पानी लेंताजा और सादा खाना खाएं, गरिष्ठ भोजन न लें सोने के पहले तनाव मुक्त हो जाएं, स्ट्रेस लेकर न सोएं. मरीज कान, नाक, पैर गर्म कपड़े से ढंके रहें बीपी की जांच औरदवा की डोज दुरुस्त करवाते रहें. सांस के मरीज सूर्यास्त के बाद बाहर न निकलें.
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