न स्लाइड है न दवा, कैसे होगा इलाज
Updated at : 09 Jul 2018 3:34 AM (IST)
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जमशेदपुर : बरसात शुरू हो चुकी है. जिले में मलेरिया और डेंगू फैलने का खतरा बढ़ गया है. लेकिन, अधिकतर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में वर्षाजनित बीमारियों की जांच के लिए सुविधाएं उपलब्ध नहीं हैं. शनिवार को मलेरिया ऑफिस में समीक्षात्मक बैठक में भाग लेने आये पदाधिकारियों ने बताया कि मलेरिया की दवा खत्म हो गयी […]
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जमशेदपुर : बरसात शुरू हो चुकी है. जिले में मलेरिया और डेंगू फैलने का खतरा बढ़ गया है. लेकिन, अधिकतर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में वर्षाजनित बीमारियों की जांच के लिए सुविधाएं उपलब्ध नहीं हैं. शनिवार को मलेरिया ऑफिस में समीक्षात्मक बैठक में भाग लेने आये पदाधिकारियों ने बताया कि मलेरिया की दवा खत्म हो गयी है.
मलेरिया जांच के लिए स्लाइड तक नहीं है. ऐसे में मरीजों का इलाज कैसे होगा? इस संबंध में मलेरिया पदाधिकारी डॉ साहिर पाल ने बताया कि जिला में कुछ दवाओं व स्लाइड की कमी है जिसके लिए विभाग को लिखा गया है. जल्द ही आवश्यक दवा व जांच सामग्री उपलब्ध हो जायेगी. मलेरिया व डेंगू को लेकर हर जगह एंटी लार्वा का छिड़काव किया जा रहा है साथ ही इन बीमारियों से बचने के लिए जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है.
जमशेदपुर. एमजीएम अस्पताल में मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए इमरजेंसी में 10 बेड की जगह 40 बेड लगाये गये हैं. इससे एक बेड से दूसरे बेड की दूरी काफी कम हो गयी है. यहां तक कि डॉक्टरों और कर्मचारियों को भी इलाज करने में परेशानी हो रही है. एमसीआइ की गाइड लाइन के मुताबिक मरीज के बेड से बेड की दूरी कम से कम डेढ़ फीट होनी चाहिए. बेड सटा होने के कारण यह दूरी मेंटेन नहीं हो रही है. इससे एक मरीज से दूसरे में इंफेक्शन फैलने का खतरा बढ़ गया है.
अस्पताल की मजबूरी : अस्पताल के कर्मियों व पदाधिकारियों के मुताबिक पूरे अस्पताल में बेड की कमी है. इमरजेंसी में बेड को लेकर हर समय हो रहे हंगामा की वजह से बेड बढ़ाये गये हैं लेकिन जगह के अभाव में ज्यादा बेड नहीं लगाया जा सकता है. बेड बढ़ाने के लिए विभाग को लिखा गया लेकिन अभी तक इस दिशा में ज्यादा कुछ नहीं हो सका है.
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