JAMSHEDPUR NEWS : कुसुम घाट के पास पाइपलाइन से चौबीसों घंटे पानी बहकर हो रहा बरबाद

कुसुम घाट के पास नल में प्यास बुझाती गाय
JAMSHEDPUR NEWS : शहर हो या गांव हर ओर पीने का पानी को लेकर हाहाकार मचा हुआ. दरअसल भू-गर्भीय जलस्तर काफी तेजी से नीचे जा रहा है. बावजूद इसके कई लोग अभी भी पानी की एक-एक बूंद की कीमत को समझ नहीं पा रहे हैं. वर्तमान समय में पानी को बचाना किसी एक आदमी का काम नहीं है. हर व्यक्ति को पानी बचाने के लिए सोचना होगा और काम भी करना होगा.
JAMSHEDPUR NEWS : बागबेड़ा, सोमायझोपड़ी, हरहरगुट्टू और अन्य बस्तियों में पीने के पानी के लिए हाहाकार मचा हुआ है. चारों ओर त्राहि-त्राहि मची है और लोग बूंद-बूंद पानी के लिए तरस रहे हैं. ऐसे में, बागबेड़ा प्रधानटोला कुसुम घाट के पास एक विरोधाभास देखने को मिलता है. यहां जुगसलाई नगर परिषद द्वारा लगाई गई पाइपलाइन से प्रतिदिन हजारों लीटर पानी व्यर्थ बह रहा है. कुसुम घाट के पास जुगसलाई नगर परिषद का इंटकवेल है, जहां से पानी नदी से एकत्र होकर जुगसलाई नगर परिषद को जाता है. लेकिन वर्तमान में, मेन पाइपलाइन से जुड़े होने के कारण, पाइपलाइन से चौबीसों घंटे पानी बह रहा है. पानी की यह बर्बादी पंचायत प्रतिनिधियों, समाज के मुखिया और बुद्धिजीवियों की आंखों के सामने हो रही है, फिर भी सब मौन हैं. ऐसा लगता है जैसे उन्हें पानी की अहमियत का कोई ज्ञान ही नहीं है. जबकि पाइपलाइन में एक साधारण नल का टेप लगाकर पानी की बर्बादी को रोका जा सकता है. प्रतिदिन बस्तीवासी और आसपास के लोग अपने जार लेकर पानी भरने आते हैं, लेकिन किसी को भी इस बर्बादी की चिंता नहीं है. यह दृश्य एक विडंबना है, जहां एक ओर लोग पानी के लिए तरस रहे हैं, वहीं दूसरी ओर पानी व्यर्थ बह रहा है.
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