JAMSHEDPUR NEWS : केरूआडुंगरी के मुखिया कान्हू मुर्मू बने जलदूत

Updated at : 23 Mar 2025 12:22 PM (IST)
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JAMSHEDPUR NEWS : कान्हू मुर्मू ने जल संरक्षण के लिए अपने पंचायत क्षेत्र में 10 तालाब और 45 शॉकपीट बनवाये. गांव की उन्नति व प्रगति को लेकर हमेशा स्वशासन व्यवस्था के प्रमुखों से चर्चा करते हैं. इसके साथ ही ग्रामीणों के साथ भी चर्चा करते हैं. इस तरह उन्हें ग्रामीणों की मूल जरूरतों रूबरू होते हैं.

शोकपीट को दिखाते मुखिया कान्हू मुर्मू

JAMSHEDPUR NEWS : कान्हू मुर्मू ने जल संरक्षण के लिए अपने पंचायत क्षेत्र में 10 तालाब और 45 शॉकपीट बनवाये. गांव की उन्नति व प्रगति को लेकर हमेशा स्वशासन व्यवस्था के प्रमुखों से चर्चा करते हैं. इसके साथ ही ग्रामीणों के साथ भी चर्चा करते हैं. इस तरह उन्हें ग्रामीणों की मूल जरूरतों रूबरू होते हैं.

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JAMSHEDPURNEWS : शहर और आसपास के इलाकों में गिरते भूजल स्तर ने एक गंभीर जल संकट की स्थिति पैदा कर दी है. ऐसे में, केरूआडुंगरी पंचायत के मुखिया कान्हू मुर्मू ने जल संरक्षण के लिए एक सराहनीय पहल की है. उन्होंने “जल ही जीवन है” के नारे के साथ अपने पंचायत क्षेत्र में पानी बचाने का अभियान शुरू किया है.कान्हू मुर्मू ने अपने पंचायत क्षेत्र के सभी चापाकलों में शॉकपिट का निर्माण अनिवार्य कर दिया है. वर्तमान में उनके प्रयास से 45 शॉकपीटबनाये गये हैं. इससे वर्षा जल को भूमि में समाहित किया जा सकता है, जिससे भूजल स्तर को बनाए रखने में मदद मिलती है. उन्होंने ग्रामीणों को अपने घरों में भी शॉकपिट बनाने के लिए प्रोत्साहित किया है, ताकि नहाने और धोने के बाद निकलने वाला पानी सीधे भूमि में जा सके. मुखिया के प्रयासों से केरूआडुंगरी पंचायत क्षेत्र में जल संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ी है. उन्होंने न केवल अपने पंचायत क्षेत्र के लोगों को जल संरक्षण के महत्व के बारे में जागरूक किया है, बल्कि उन्होंने इसे एक आंदोलन बना दिया है. उनके प्रयासों से यह साबित होता है कि अगर हर कोई अपनी जिम्मेदारी समझे, तो जल संकट जैसी गंभीर समस्या का भी समाधान किया जा सकता है.कान्हू मुर्मू जैसे लोग समाज के लिए एक प्रेरणास्रोत हैं, जो अपने कार्यों से दूसरों को भी प्रेरित करते हैं.

वर्षा जल संचयन के लिए गांव में तालाब बनवाया

मुखिया कान्हू मुर्मू ने स्थानीय कंपनियों के सहयोग से गांव में 10 तालाबों का निर्माण करवाया है. इन तालाबों में वर्षा जल को संचित किया जाता है, जिससे चापाकलों में साल भर पानी रहता है. यहां तक कि भीषण गर्मी में भी गांव में पीने के पानी की कोई समस्या नहीं होती है.सालोंभर तालाब में पानी रहने से किसानों को अपने कृषि कार्य में भी काफी मदद मिलती है. इस तरह यहां के किसान धान के अलावा साक-सब्जी की भी खेती कर अच्छी खासी आमदनी कर रहे हैं.

किसानों को अपने खेतों में मेढ़बंदी करने के लिए प्रोत्साहित किया

कान्हू मुर्मू ने अपने पंचायत क्षेत्र के किसानों को अपने खेतों की मेढ़बंदी को दुरुस्त रखने के लिए प्रोत्साहित किया है. इससे वर्षा जल खेतों में ही रुक जाता है और बहकर व्यर्थ नहीं जाता है. उनका मानना है कि अगर हजारों खेतों में वर्षा जल को रोका जा सके, तो भूजल स्तर को बनाए रखा जा सकता है और पानी की कमी की समस्या से बचा जा सकता है.

माझी बाबा, पंचायत प्रतिनिध व ग्रामीणों के सहयोग से अभियान हो रहा सफल: कान्हू मुर्मू

मुखिया कान्हू मुर्मू ने बताते हैं कि “जल ही जीवन है” पानी बचाने का अभियान भले ही उनकी परिकल्पना है. लेकिन गांव के माझी बाबा, पंचायत प्रतिनिधि व ग्रामीणों ने अभियान को सफल बनाने में महती रोल अदा किया है. उन्होंने बताया कि उनके पहल पर पंचायत क्षेत्र में 10 तालाब व 45 शॉकपीटबनाये गये हैं. आने वाले दिनों में और भी तालाब व शॉकपीटबनायेजायेंगे. किसी भी अभियान को सफल बनाने के लिए लोगों को जागगरू करना बहुत ही जरूरी है.

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