रेणु स्वाधीनता संघर्ष की चेतना के कथाकार हैं: यायावर

रेणु स्वाधीनता संघर्ष की चेतना के कथाकार हैं: यायावर
हजारीबाग : महान कथाकार फणीश्वरनाथ रेणु की जन्म शताब्दी पर विभावि हिंदी विभाग में संगोष्ठी हुई. अध्यक्षता विभागाध्यक्ष डॉ शारदा शर्मा ने की. रेणु साहित्य विशेषज्ञ एवं सुप्रसिद्ध कवि भारत यायावर ने कहा कि रेणु स्वाधीनता संघर्ष की चेतना के कथाकार हैं. हिंदी कथा जगत में प्रेमचंद के बाद यदि किसी को सबसे अधिक सम्मान मिला है, तो वह रेणु हैं.
आंचलिक संवेदना से भरी उनकी रचनाएं दरअसल भारतीय समाज के निम्न वर्गीय मेहनतकशों एवं कारीगरों की जिंदगी को प्रस्तुत करती हैं. डॉ कृष्ण कुमार गुप्ता ने रेणु की कहानियों के जीवन यथार्थ पर विचार रखा.
वहीं डॉ प्रेम रंजन भारती ने रेणु के व्यक्तित्व पर प्रकाश डाला. शारदा शर्मा ने कहा कि रेणु के साहित्य में सदियों से पिछड़े गांव की जिंदगी के संघर्ष एवं आत्मीयता का स्वर हैं. इनकी रचनाएं आधुनिक चेतना से जोड़ती है. इनके अलावा डॉ सामदेव सिंह, डॉ सुबोध कुमार सिंह शिवगीत ने भी रेणु के कथा-साहित्य पर रोशनी डाली. इस दौरान सोशल डिस्टैंस का पालन किया गया.
posted by : Pritish Sahay
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar News Desk
यह प्रभात खबर का न्यूज डेस्क है। इसमें बिहार-झारखंड-ओडिशा-दिल्ली समेत प्रभात खबर के विशाल ग्राउंड नेटवर्क के रिपोर्ट्स के जरिए भेजी खबरों का प्रकाशन होता है।
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए




