Table of Contentsबरकट्ठा विधानसभा में अब तक 10 बार हुए हैं चुनाव1977 में पहली बार विधायक बने जनता पार्टी के सुखदेव यादवहैट्रिक लगाने से चूके खगेंद्र प्रसाद ने ले लिया राजनीति से संन्यासविधानसभा क्षेत्र में विकास के रिकॉर्ड बनाए : अमित कुमार यादवबरकट्ठा विधानसभा क्षेत्र के ये हैं प्रमुख मुद्देभ्रष्टाचार व अफसरशाही का बोलबाला : जानकी प्रसाद यादव2024 के लोस चुनाव में बरकट्ठा क्षेत्र से इन्हें मिले सर्वाधिक मतकब-कब कौन-कौन बने बरकट्ठा के विधायक2019 विधानसभा चुनाव के परिणाम2014 विधानसभा चुनाव के परिणाम2009 विधानसभा चुनाव के परिणामझारखंड विधानसभा की आरक्षित सीटें कौन-कौन सी हैं?झारखंड विधानसभा चुनाव 2024 resultझारखंड विधानसभा चुनाव 2019 का परिणामAlso Read Jharkhand Assembly Election|बरकट्ठा (हजारीबाग), रेयाज खान : बरकट्ठा विधानसभा क्षेत्र हजारीबाग जिले की एक सामान्य सीट है. बरकट्ठा विधानसभा क्षेत्र का अस्तित्व 1977 में एकीकृत बिहार विधानसभा के चुनाव में आया था. बरकट्ठा में अब तक 10 बार विधानसभा के चुनाव हो चुके हैं. बरकट्ठा विधानसभा में अब तक 10 बार हुए हैं चुनाव एकीकृत बिहार में 5 तथा झारखंड राज्य गठन के बाद 5 विधानसभा चुनाव अब तक हो चुके हैं. बरकट्ठा विधानसभा सीट से अब तक 3 लोग 2-2 बार विधायक चुने गये हैं. लगातार 3 बार कोई भी प्रत्याशी नहीं जीता. बरकट्ठा सीट से वर्ष 1980 एवं 2000 में भुवनेश्वर प्रसाद मेहता, वर्ष 1990 एवं 1995 में खगेंद्र प्रसाद तथा वर्ष 2009 एवं 2019 के झारखंड विधानसभा चुनाव में अमित कुमार यादव चुनाव जीतकर विधायक बने. 1977 में पहली बार विधायक बने जनता पार्टी के सुखदेव यादव हजारीबाग जिले में बरकट्ठा विधानसभा क्षेत्र से पहली बार वर्ष 1977 में जनता पार्टी के टिकट पर सुखदेव यादव विधायक बने थे. दूसरी बार 1980 में भाकपा प्रत्याशी भुवनेश्वर प्रसाद मेहता विधायक चुने गये. तीसरी बार वर्ष 1985 में कांग्रेस के लंबोदर पाठक व भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के टिकट पर खगेंद्र प्रसाद वर्ष 1990 व 1995 में विधायक बने. हजारीबाग जिले का एक प्रमुख पर्यटन स्थल है सूरजकुंड, जो बरकट्ठा विधानसभा क्षेत्र में आता है. फोटो : प्रभात खबर हैट्रिक लगाने से चूके खगेंद्र प्रसाद ने ले लिया राजनीति से संन्यास वर्ष 2000 में 875 मत से हारने के बाद खगेंद्र प्रसाद हैट्रिक लगाने से चूक गए. इसके बाद उन्होंने राजनीति को अलविदा कह दिया. उन्हें वर्ष 2000 में भाकपा उम्मीदवार भुवनेश्वर प्रसाद मेहता ने पराजित किया था. वर्ष 2005 में भाजपा के चितरंजन यादव, वर्ष 2009 में भाजपा के अमित कुमार यादव, वर्ष 2014 में झाविमो प्रजातांत्रिक के जानकी प्रसाद यादव व वर्ष 2019 में निर्दलीय प्रत्याशी अमित कुमार यादव इस सीट से विधायक बने. Also Read सिमडेगा विधानसभा सीट पर कांग्रेस-भाजपा के लिए फैक्टर रही है झारखंड पार्टी, ये हैं बड़े चुनावी मुद्दे Jharkhand Assembly Election: चक्रधरपुर में झामुमो-भाजपा की होती रही है भिड़ंत, जिला बनाने की मांग मुख्य मुद्दा विधानसभा क्षेत्र में विकास के रिकॉर्ड बनाए : अमित कुमार यादव विधायक अमित कुमार यादव ने कहा कि कोरोना काल के 2 वर्ष छोड़कर मैंने ढाई साल में रिकॉर्ड काम किया है. प्राथमिकता के आधार पर 800 किमी सड़क का कार्य पीडब्ल्यूडी से करवा रहा हूं. ग्रामीण क्षेत्र में जलापूर्ति योजना वृहद रूप से चल रही है, जिसमें जयनगर के ग्राम तेतरोन, नईटांड, दिघा, खैरियोडीह, डंडाडिह, चलकुशा के ग्राम चौबे, खरगु, बरकट्ठा के जो गांव छूट गये हैं, वहां नल-जल योजना से पानी पहुंचाने का काम किया. पूरे विधानसभा क्षेत्र में 15 पुल बन रहे हैं. ढाई वर्ष में युवाओं को रोजगार नहीं दे पाया. इस बार पहला काम होगा कि क्षेत्र में बड़ा उद्योग या लघु उद्योग लगाकर यहां के लोगों को पलायन से रोकना और रोजगार उपलब्ध कराना रहेगा. बरकट्ठा के सूरजकुंड में पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास के समय डिग्री कॉलेज बनना शुरू हुआ था, लेकिन जेएमएम की सरकार ने बदले की भावना से काम किया और वहां पढ़ाई शुरू नहीं हो पाई. वहां पढ़ाई शुरू करवानी है. जयनगर के गोहाल में बने पॉलिटेक्निक कॉलेज में कोडरमा में चल रहे माइनिंग कॉलेज को शिफ्ट किया जा रहा है. Also Read Jharkhand: सिमरिया एससी सीट पर 4 बार जीती भाजपा, विस्थापन और सिंचाई आज भी बड़ी समस्या गुमला विधानसभा सीट पर भाजपा को पछाड़ झामुमो ने किया था कब्जा, 24 साल से जिंदा है बाइपास का मुद्दा बरकट्ठा विधानसभा क्षेत्र के ये हैं प्रमुख मुद्दे बरकट्ठा में आजादी के बाद से लेकर आज तक किसानों के लिए कोल्ड स्टोरेज का निर्माण नहीं किया गया. जिससे प्रखंड क्षेत्र के किसानों को अपनी फसल रखने में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है. जीटी रोड पर अवस्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बरकट्ठा में गंभीर बीमारी की चिकित्सीय व्यवस्था नहीं है. इसके कारण बरकट्ठा और चलकुशा प्रखंड क्षेत्र की लाखों की आबादी वाले इलाके के लोगों को काफी परेशानी होती है. बरकट्ठा मुख्यालय में बस स्टैंड नहीं होने से गाड़ी चालकों एवं यात्रियों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है. बरकट्ठा से चलनेवाले यात्री वाहन जीटी रोड पर खड़े रहते हैं, जिससे कभी भी कोई बड़ी घटना हो सकती है. यात्री पड़ाव नहीं है. गर्मी, बरसात और ठंड के दिनों में सड़क पर खड़े होकर लोगों को वाहनों का इंतजार करना पड़ता है. महिला यात्रियों के लिए बैठने और शौचालय की व्यवस्था नहीं है. भ्रष्टाचार व अफसरशाही का बोलबाला : जानकी प्रसाद यादव पूर्व विधायक जानकी प्रसाद यादव ने कहा कि मेरा 5 साल का कार्यकाल सर्वांगीण विकास का रहा. मैंने दर्जनों स्थानों को पीडब्ल्यूडी सड़क से जोड़कर बनवाया और ग्रामीण सड़कों का जाल बिछाया. उच्च शिक्षा के लिए जयनगर के गोहाल में पॉलिटेक्निक कॉलेज और बरकट्ठा के सूरजकुंड में डिग्री कॉलेज बनवाया. वर्तमान विधायक शिक्षा विरोधी हैं. दोनों जगह अब तक पढ़ाई शुरू नहीं हो पाई. मैंने अपने कार्यकाल में बरकट्ठा में आलीशान अस्पताल भवन, इचाक व जयनगर अस्पताल का आधुनिकीकरण करवाया. पर्यटक स्थल सूरजकुंड में पहले सिर्फ शिलापट दिखते थे, मैंने आलीशान भवन, विवाह मंडप, स्नानागार, हाई मास्क लाइट, शौचालय इत्यादि बनवाया. वर्तमान विधायक के कार्यकाल में सिर्फ भ्रष्टाचार और अफसरशाही बढ़ी है. विधायक ने जल-नल योजना को छोड़कर कोई काम नहीं कराया है. 2024 के लोस चुनाव में बरकट्ठा क्षेत्र से इन्हें मिले सर्वाधिक मत प्रत्याशी का नामपार्टी/दल का नामप्राप्त मतअन्नपूर्णा देवीभारतीय जनता पार्टी1,52,750विनोद कुमार सिंहभाकपा माले55,874 बरकट्ठा के लोग पूर्व विधायकों के कार्य से असंतुष्ट हैं. पूर्व विधायक खगेंद्र प्रसाद का योगदान इस विधानसभा के चतुर्दिक विकास का रहा. उनके लोगों का बहुत काम हुआ. कुमकुम देवी, जिला परिषद सदस्य कब-कब कौन-कौन बने बरकट्ठा के विधायक चुनाव का वर्षविधायक का नामपार्टी का नाम1977सुखदेव यादवजनता पार्टी1980भुवनेश्वर मेहताभाकपा1985लंबोदर पाठककांग्रेस1990खगेंद्र प्रसादभाजपा1995खगेंद्र प्रसादभाजपा2000भुवनेश्वर मेहताभाकपा2005चितरंजन यादवभाजपा2009अमित यादवभाजपा2014जानकी यादवजेवीएम2019अमित यादवनिर्दलीय मुख्यालय में वर्षों पूर्व बनायी गयी जल मीनार से एक बूंद पानी नसीब नहीं हुआ है. इस दिशा में आज तक किसी जनप्रतिनिधि ने ध्यान नहीं दिया. यह शोभा की वस्तु बनकर रह गयी है. दर्शन सोनी, समाजसेवी 2019 विधानसभा चुनाव के परिणाम उम्मीदवार का नामपार्टी का नामप्रत्याशी को मिले मतअमित कुमार यादवनिर्दलीय72,572जानकी प्रसाद यादवभाजपा47,760 जीटी रोड सिक्स लेन सड़क चौड़ीकरण निर्माण कार्य वर्षों से अधूरा है. इसकी वजह से आये दिन सड़क दुर्घटनाएं होती रहती हैं. कई बार इसे पूरा करने की मांग हुई, लेकिन कोई सुनवाई नहीं होती. बसंत साव, पूर्व मुखिया 2014 विधानसभा चुनाव के परिणाम उम्मीदवार का नामपार्टी का नामप्रत्याशी को मिले मतजानकी प्रसाद यादवजेवीएम63,336अमित कुमार यादवभाजपा55,129 2009 विधानसभा चुनाव के परिणाम उम्मीदवार का नामपार्टी का नामप्रत्याशी को मिले मतअमित कुमार यादवभाजपा39,485जानकी प्रसाद यादवजेवीएम30,117 झारखंड में विधानसभा चुनाव कब है? झारखंड विधानसभा का कार्यकाल 5 जनवरी 2025 तक है. इसके पहले राज्य में विधानसभा के चुनाव कराना अनिवार्य है. झारखंड में नवंबर-दिसंबर में मतदान कराया जा सकता है. झारखंड विधानसभा की आरक्षित सीटें कौन-कौन सी हैं? झारखंड विधासनभा की ये सीटें आरक्षित हैं. बोरियो (एसटी), बरहेट (एसटी), लिट्टीपाड़ा (एसटी), महेशपुर (एसटी), शिकारीपाड़ा (एसटी), दुमका (एसटी), जामा (एसटी), देवघर (एससी), घाटशिला (एसटी), पोटका (एसटी), जुगसलाई (एससी), सरायकेला (एसटी), खरसावां (एसटी), चाईबासा (एसटी), मझगांव (एसटी), जगन्नाथपुर (एसटी), मनोहरपुर (एसटी), चक्रधरपुर (एसटी), सिमरिया (एससी), चतरा (एससी), जमुआ (एससी), चंदनकियारी (एससी), तमाड़ (एसटी), खिजरी (एसटी), कांके (एससी), मांडर (एसटी), तोरपा (एसटी), खूंटी (एसटी), सिसई (एसटी), गुमला (एसटी), बिशुनपुर (एसटी), सिमडेगा (एसटी), कोलेबिरा (एसटी), लोहरदगा (एसटी), छतरपुर (एससी), मनिका (एसटी) और लातेहार (एससी). झारखंड विधानसभा चुनाव 2024 result झारखंड विधानसभा चुनाव 2024 की तारीखों की घोषणा अभी नहीं हुई है. राज्य की 81 विधानसभा सीटों पर मतदान के बाद झारखंड विधानसभा चुनाव 2024 के Result घोषित किए जाएंगे. झारखंड विधानसभा चुनाव 2019 का परिणाम झारखंड विधानसभा चुनाव 2019 में झामुमो, कांग्रेस और राजद ने मिलकर चुनाव लड़ा था. भाजपा के खाते में मात्र 25 सीटें आईं थीं. झामुमो-कांग्रेस-राजद के महागठबंधन ने बहुमत के साथ सरकार बनाई. Also Read झामुमो का अभेद्य किला है बरहेट, झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन हैं यहां से विधायक लिट्टीपाड़ा में 44 साल से अपराजेय झामुमो, शुद्ध पेयजल को आज भी तरस रहे लोग Jharkhand Assembly Election|हजारीबाग में हारे थे बिहार के मुख्यमंत्री केबी सहाय, क्या हैं विधानसभा क्षेत्र के चुनावी मुद्दे घाटशिला विधानसभा सीट पर कांग्रेस को हराकर झामुमो ने गाड़ा झंडा, भाजपा को हराकर जीते रामदास सोरेन