Table of Contents1962 में पहली बार कांग्रेस के टिकट पर जीते ज्ञानी राम1967 में बिहार के सीएम केबी सहाय को रघुनंदन राम ने हरायाहजारीबाग विधानसभा सीट पर कोयरी महतो उम्मीदवारों का दबदबामैं जनता के लिए हमेशा सुलभ रहा हूं : मनीष जायसवालप्रखंड व अंचल में काफी भ्रष्टाचार है : डॉ आरसी मेहताहजारीबाग विधानसभा क्षेत्र के चुनावी मुद्देएक्सपर्ट प्रो एके मंडल बोलेहजारीबाग विधानसभा से अब तक कौन-कौन बने विधायकहजारीबाग विधानसभा सीट पर 1962 में पहली बार कौन जीते?1967 में हजारीबाग विधानसभा सीट पर केबी सहाय को किसने हराया? Jharkhand Assembly Election|Hazaribagh Assembly Constituency|हजारीबाग, जयनारायण : हजारीबाग सदर विधानसभा क्षेत्र से 1952 से 1962 तक पदमा राज परिवार के दो सदस्य कामाख्या नारायण सिंह और बसंत नारायण सिंह विधायक चुने गये थे. इसके बाद हजारीबाग सदर विधानसभा क्षेत्र से कोयरी महतो के उम्मीदवारों ने सात बार जीत दर्ज की. 1962 में पहली बार कांग्रेस के टिकट पर जीते ज्ञानी राम 1962 में पहली बार ज्ञानी राम ने कांग्रेस पार्टी से जीत दर्ज कर कोयरी प्रत्याशी सदर विधानसभा क्षेत्र से बिहार विधानसभा गये थे. इसके बाद रघुनंदन राम और देवदयाल कुशवाहा ने तीन-तीन बार इस विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व किया है. 1967 में बिहार के सीएम केबी सहाय को रघुनंदन राम ने हराया इस विधानसभा क्षेत्र से बिहार के मुख्यमंत्री केबी सहाय काे भी हार का सामना करना पड़ा था. 1967 में बिहार के मुख्यमंत्री केबी सहाय ने तत्कालीन विधायक ज्ञानी राम के स्थान पर इस सीट से खुद चुनाव लड़ने का निर्णय लिया था. चुनाव में छोटानागपुर संथाल परगना जनता पार्टी (सीएनएसपीजेपी) के प्रत्याशी रघुनंदन राम ने केबी सहाय को हरा कर सभी को चौंका दिया था. हजारीबाग का संत कोलंबस कॉलेज. फोटो : प्रभात खबर हजारीबाग विधानसभा सीट पर कोयरी महतो उम्मीदवारों का दबदबा तब से इस विधानसभा क्षेत्र में कोयरी महतो उम्मीदवारों को दबदबा रहा है. 2005 से 2009 तक सौरभ नारायण सिंह दो बार विधायक बने. 2014 से मनीष जायसवाल लगातार इस क्षेत्र से विधायक का चुनाव जीते. 2019 में भाजपा प्रत्याशी मनीष जायसवाल ने कांग्रेस प्रत्याशी डॉ रामचंद्र प्रसाद को 51812 मतों से हराया था. मैं जनता के लिए हमेशा सुलभ रहा हूं : मनीष जायसवाल विधायक से सांसद बने मनीष जायसवाल ने कहा कि विधायक रहते अपने कार्यकाल में मैं जनता के लिए हमेशा सुलभ रहा हूं. कार्यकाल के दौरान प्रत्येक महीने के 23 दिन जनता की समस्याओं को निपटाने में बिताया. विकास कार्यों की योजनाओं की अनुशंसा कराने के लिए कभी प्रोटोकॉल को ध्यान में नहीं रखा. जिसके कारण प्रत्येक विधायक को साल में 35 किलामीटर रोड़ निर्माण कराने का अधिकार है. जबकि मैंने 55 किलोमीटर प्रत्येक साल विधानसभा क्षेत्र में सड़क निर्माण कराया हूं. लोगों के सुख-दुख में हमेशा साथ रहा हूं. सामाजिक, धार्मिक कार्यों में सक्रिय रहा. कई नाला, नदी में पुल-पुलिया का निर्माण कराया. प्रखंड व अंचल में काफी भ्रष्टाचार है : डॉ आरस�� मेहता डॉ आरसी मेहता ने कहा कि सदर विधानसभा क्षेत्र में विकास का कोई कार्य नहीं हुआ है. कटकमसांडी, कटकमदाग, एनएच-522 सड़क जर्जर है. पुल-पुलिया बहुत ही कम बने हैं. प्रखंड व अंचल में काफी भ्रष्टाचार है. जमीन, म्यूटेशन के लिए रैयतों से पैसे की उगाही की जाती है. नगर निगम क्षेत्र में वाहनों के प्रवेश पर चुंगी वसूली हो रही है. विधायक के द्वारा इन मुद्दों पर कभी बड़ा आंदोलन नहीं किया गया है. नगवां टोल टैक्स में स्थानीय लोगों के लिए माफी की मांग को लेकर आंदोलन किया गया था. हजारीबाग प्रमंडलीय शहर में एयरपोर्ट की सुविधा होनी चाहिए. नगर निगम क्षेत्र के कई हिस्सों में बरसात का पानी घरों में घुस जाता है. कूड़ा उठाव का समुचित व्यवस्था नगर निगम की ओर से नहीं है. प्रो सजल मुखर्जी, सेवानिवृत अध्यापक हजारीबाग विधानसभा क्षेत्र के चुनावी मुद्दे सिंचाई : हजारीबाग सदर विधानसभा कृषि प्रधान क्षेत्र है. कटकमसांडी, कटकमदाग, सदर प्रखंड और दारू प्रखंड में सिंचाई की व्यवस्था नहीं है. कटकमदाग में गोंदा डैम से नहर तो बना है, लेकिन पानी नही आ रहा है. छड़वा डैम से सिंचाई के लिए बेहतर नहर की व्यवस्था नहीं की गयी है. जर्जर एनएच-522 : दारू से हजारीबाग शहर तक एनएच-522 सड़क काफी जर्जर है. पिछले कई सालों से इस सड़क पर चलना मुश्किल है. हर दिन दुर्घटनाएं हो रही है. इस सड़क की मरम्मत नहीं होने से क्षेत्र के लोगों में नाराजगी है. कल-कारखाना नहीं : यहां कोई भी बड़ा कल-कारखाना नहीं है. पिछले कई सालों से बड़े कल-कारखानों की मांग स्थानीय लोगों के द्वारा की जा रही है. यहां के लोग रोजगार के लिए दूसरे राज्य में पलायन करते हैं. यहां की सड़कें संकीर्ण हो रही हैं. वाहनों की संख्या बढ़ रही है. सड़कों का चौड़ीकरण जरूरी है. कई स्थानों पर ओवरब्रिज बना कर ट्रैफिक कंट्रोल होना चाहिए. प्रो डॉ यमुना प्रसाद, सेवानिवृत अध्यापक एक्सपर्ट प्रो एके मंडल बोले नौजवानों के लिए रोजगार की प्राथमिकता होनी चाहिए. पढ़े-लिखे युवा को अपनी आजीविका चलाने के लिए इस शहर में कुछ नहीं है. यहां के लोगों के रोजगार के लिए फैक्ट्री लगायी जानी चाहिए. युवकों को रोजगार नहीं मिलने से समाज में विकृतियां आ रही है. ड्रग्स, ब्राउन शूगर और नशीले पदार्थों का प्रचलन काफी कुछ समय में बढ़ा है. शहर में दिन प्रतिदिन जल संकट गहराता जा रहा है. इस पर भी जन प्रतिनिधियों को काम करने की जरूरत है. हजारीबाग रेलवे स्टेशन से पैंसेजर ट्रेन नही क्रॉस करती है. हजारीबाग से प्रत्येक दिन काफी संख्या में लोग महानगरों में आते-जाते है. जनप्रतिनिधियों को इन समस्याओं पर भी ध्यान देने की जरूरत है. ओम प्रकाश, सेवानिवृत अधिकारी हजारीबाग विधानसभा से अब तक कौन-कौन बने विधायक चुनाव का वर्षविजेता का नामपार्टी का नाम1952कामाख्या नारायणसीएनएसपीजेपी1957संत नारायण सिंहसीएनएसपीजेपी1962ज्ञानी रामकांग्रेस1967रघुनंदन रामसीएनएसपीजेपी1972रघुनंदन रामसीएनएसपीजेपी1977रानी डेजनता पार्टी1980रघुनंदन रामजनता पार्टी1985एचएच रहमानकांग्रेस1990देवदयाल कुशवाहाभाजपा1995देवदयाल कुशवाहाभाजपा2000देवदयाल कुशवाहाभाजपा2005सौरभ नारायण सिंहकांग्रेस2009सौरभ नारायण सिंहकांग्रेस2014मनीष जायसवालभाजपा2019मनीष जायसवालभाजपा हजारीबाग विधानसभा सीट पर 1962 में पहली बार कौन जीते? हजारीबाग विधानसभा सीट पर 1962 में पहली बार कांग्रेस के टिकट पर ज्ञानी राम जीते थे. वह सदर विधानसभा सीट से बिहार विधानसभा के सदस्य चुने गए थे. 1967 में हजारीबाग विधानसभा सीट पर केबी सहाय को किसने हराया? अविभाजित बिहार के तत्कालीन मुख्यमंत्री केबी सहाय को वर्ष 1967 में रघुनंदन राम ने पराजित किया था. केबी सहाय ने तत्कालीन विधायक ज्ञानी राम की जगह खुद चुनाव लड़ने का फैसला किया था. छोटानागपुर संथाल परगना जनता पार्टी के उम्मीदवार रघुनंदन राम ने सीएम को हराकर सभी को चौंका दिया था. Also Read Jharkhand Assembly Election: चक्रधरपुर में झामुमो-भाजपा की होती रही है भिड़ंत, जिला बनाने की मांग मुख्य मुद्दा घाटशिला विधानसभा सीट पर कांग्रेस को हराकर झामुमो ने गाड़ा झंडा, भाजपा को हराकर जीते रामदास सोरेन Jharkhand: सिमरिया एससी सीट पर 4 बार जीती भाजपा, विस्थापन और सिंचाई आज भी बड़ी समस्या