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Jharkhand Assembly Election|हजारीबाग में हारे थे बिहार के मुख्यमंत्री केबी सहाय, क्या हैं विधानसभा क्षेत्र के चुनावी मुद्दे

Updated at : 13 Jul 2024 8:55 AM (IST)
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हजारीबाग विधानसभा सीट पर हारे थे केबी सहाय.

Jharkhand Assembly Election|हजारीबाग विधानसभा सीट पर अविभाजित बिहार के मुख्यमंत्री केबी सहाय को हार का मुंह देखना पड़ा था. जानें क्या हैं क्षेत्र के मुद्दे.

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Jharkhand Assembly Election|Hazaribagh Assembly Constituency|हजारीबाग, जयनारायण : हजारीबाग सदर विधानसभा क्षेत्र से 1952 से 1962 तक पदमा राज परिवार के दो सदस्य कामाख्या नारायण सिंह और बसंत नारायण सिंह विधायक चुने गये थे. इसके बाद हजारीबाग सदर विधानसभा क्षेत्र से कोयरी महतो के उम्मीदवारों ने सात बार जीत दर्ज की.

1962 में पहली बार कांग्रेस के टिकट पर जीते ज्ञानी राम

1962 में पहली बार ज्ञानी राम ने कांग्रेस पार्टी से जीत दर्ज कर कोयरी प्रत्याशी सदर विधानसभा क्षेत्र से बिहार विधानसभा गये थे. इसके बाद रघुनंदन राम और देवदयाल कुशवाहा ने तीन-तीन बार इस विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व किया है.

1967 में बिहार के सीएम केबी सहाय को रघुनंदन राम ने हराया

इस विधानसभा क्षेत्र से बिहार के मुख्यमंत्री केबी सहाय काे भी हार का सामना करना पड़ा था. 1967 में बिहार के मुख्यमंत्री केबी सहाय ने तत्कालीन विधायक ज्ञानी राम के स्थान पर इस सीट से खुद चुनाव लड़ने का निर्णय लिया था. चुनाव में छोटानागपुर संथाल परगना जनता पार्टी (सीएनएसपीजेपी) के प्रत्याशी रघुनंदन राम ने केबी सहाय को हरा कर सभी को चौंका दिया था.

हजारीबाग का संत कोलंबस कॉलेज. फोटो : प्रभात खबर

हजारीबाग विधानसभा सीट पर कोयरी महतो उम्मीदवारों का दबदबा

तब से इस विधानसभा क्षेत्र में कोयरी महतो उम्मीदवारों को दबदबा रहा है. 2005 से 2009 तक सौरभ नारायण सिंह दो बार विधायक बने. 2014 से मनीष जायसवाल लगातार इस क्षेत्र से विधायक का चुनाव जीते. 2019 में भाजपा प्रत्याशी मनीष जायसवाल ने कांग्रेस प्रत्याशी डॉ रामचंद्र प्रसाद को 51812 मतों से हराया था.

मैं जनता के लिए हमेशा सुलभ रहा हूं : मनीष जायसवाल

विधायक से सांसद बने मनीष जायसवाल ने कहा कि विधायक रहते अपने कार्यकाल में मैं जनता के लिए हमेशा सुलभ रहा हूं. कार्यकाल के दौरान प्रत्येक महीने के 23 दिन जनता की समस्याओं को निपटाने में बिताया. विकास कार्यों की योजनाओं की अनुशंसा कराने के लिए कभी प्रोटोकॉल को ध्यान में नहीं रखा. जिसके कारण प्रत्येक विधायक को साल में 35 किलामीटर रोड़ निर्माण कराने का अधिकार है. जबकि मैंने 55 किलोमीटर प्रत्येक साल विधानसभा क्षेत्र में सड़क निर्माण कराया हूं. लोगों के सुख-दुख में हमेशा साथ रहा हूं. सामाजिक, धार्मिक कार्यों में सक्रिय रहा. कई नाला, नदी में पुल-पुलिया का निर्माण कराया.

प्रखंड व अंचल में काफी भ्रष्टाचार है : डॉ आरसी मेहता

डॉ आरसी मेहता ने कहा कि सदर विधानसभा क्षेत्र में विकास का कोई कार्य नहीं हुआ है. कटकमसांडी, कटकमदाग, एनएच-522 सड़क जर्जर है. पुल-पुलिया बहुत ही कम बने हैं. प्रखंड व अंचल में काफी भ्रष्टाचार है. जमीन, म्यूटेशन के लिए रैयतों से पैसे की उगाही की जाती है. नगर निगम क्षेत्र में वाहनों के प्रवेश पर चुंगी वसूली हो रही है. विधायक के द्वारा इन मुद्दों पर कभी बड़ा आंदोलन नहीं किया गया है. नगवां टोल टैक्स में स्थानीय लोगों के लिए माफी की मांग को लेकर आंदोलन किया गया था.

हजारीबाग प्रमंडलीय शहर में एयरपोर्ट की सुविधा होनी चाहिए. नगर निगम क्षेत्र के कई हिस्सों में बरसात का पानी घरों में घुस जाता है. कूड़ा उठाव का समुचित व्यवस्था नगर निगम की ओर से नहीं है.

प्रो सजल मुखर्जी, सेवानिवृत अध्यापक

हजारीबाग विधानसभा क्षेत्र के चुनावी मुद्दे

  • सिंचाई : हजारीबाग सदर विधानसभा कृषि प्रधान क्षेत्र है. कटकमसांडी, कटकमदाग, सदर प्रखंड और दारू प्रखंड में सिंचाई की व्यवस्था नहीं है. कटकमदाग में गोंदा डैम से नहर तो बना है, लेकिन पानी नही आ रहा है. छड़वा डैम से सिंचाई के लिए बेहतर नहर की व्यवस्था नहीं की गयी है.
  • जर्जर एनएच-522 : दारू से हजारीबाग शहर तक एनएच-522 सड़क काफी जर्जर है. पिछले कई सालों से इस सड़क पर चलना मुश्किल है. हर दिन दुर्घटनाएं हो रही है. इस सड़क की मरम्मत नहीं होने से क्षेत्र के लोगों में नाराजगी है.
  • कल-कारखाना नहीं : यहां कोई भी बड़ा कल-कारखाना नहीं है. पिछले कई सालों से बड़े कल-कारखानों की मांग स्थानीय लोगों के द्वारा की जा रही है. यहां के लोग रोजगार के लिए दूसरे राज्य में पलायन करते हैं.

यहां की सड़कें संकीर्ण हो रही हैं. वाहनों की संख्या बढ़ रही है. सड़कों का चौड़ीकरण जरूरी है. कई स्थानों पर ओवरब्रिज बना कर ट्रैफिक कंट्रोल होना चाहिए.

प्रो डॉ यमुना प्रसाद, सेवानिवृत अध्यापक

एक्सपर्ट प्रो एके मंडल बोले

नौजवानों के लिए रोजगार की प्राथमिकता होनी चाहिए. पढ़े-लिखे युवा को अपनी आजीविका चलाने के लिए इस शहर में कुछ नहीं है. यहां के लोगों के रोजगार के लिए फैक्ट्री लगायी जानी चाहिए. युवकों को रोजगार नहीं मिलने से समाज में विकृतियां आ रही है. ड्रग्स, ब्राउन शूगर और नशीले पदार्थों का प्रचलन काफी कुछ समय में बढ़ा है. शहर में दिन प्रतिदिन जल संकट गहराता जा रहा है. इस पर भी जन प्रतिनिधियों को काम करने की जरूरत है.

हजारीबाग रेलवे स्टेशन से पैंसेजर ट्रेन नही क्रॉस करती है. हजारीबाग से प्रत्येक दिन काफी संख्या में लोग महानगरों में आते-जाते है. जनप्रतिनिधियों को इन समस्याओं पर भी ध्यान देने की जरूरत है.

ओम प्रकाश, सेवानिवृत अधिकारी

हजारीबाग विधानसभा से अब तक कौन-कौन बने विधायक

चुनाव का वर्षविजेता का नामपार्टी का नाम
1952कामाख्या नारायणसीएनएसपीजेपी
1957संत नारायण सिंहसीएनएसपीजेपी
1962ज्ञानी रामकांग्रेस
1967रघुनंदन रामसीएनएसपीजेपी
1972रघुनंदन रामसीएनएसपीजेपी
1977रानी डेजनता पार्टी
1980रघुनंदन रामजनता पार्टी
1985एचएच रहमानकांग्रेस
1990देवदयाल कुशवाहाभाजपा
1995देवदयाल कुशवाहाभाजपा
2000देवदयाल कुशवाहाभाजपा
2005सौरभ नारायण सिंहकांग्रेस
2009सौरभ नारायण सिंहकांग्रेस
2014मनीष जायसवालभाजपा
2019मनीष जायसवालभाजपा

हजारीबाग विधानसभा सीट पर 1962 में पहली बार कौन जीते?

हजारीबाग विधानसभा सीट पर 1962 में पहली बार कांग्रेस के टिकट पर ज्ञानी राम जीते थे. वह सदर विधानसभा सीट से बिहार विधानसभा के सदस्य चुने गए थे.

1967 में हजारीबाग विधानसभा सीट पर केबी सहाय को किसने हराया?

अविभाजित बिहार के तत्कालीन मुख्यमंत्री केबी सहाय को वर्ष 1967 में रघुनंदन राम ने पराजित किया था. केबी सहाय ने तत्कालीन विधायक ज्ञानी राम की जगह खुद चुनाव लड़ने का फैसला किया था. छोटानागपुर संथाल परगना जनता पार्टी के उम्मीदवार रघुनंदन राम ने सीएम को हराकर सभी को चौंका दिया था.

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Mithilesh Jha

लेखक के बारे में

By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

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