रिजल्ट में रैंकिंग गिरने पर रेस हुए हजारीबाग के डीईओ, सरकारी टीचरों का होगा रेशनलाइजेशन

शिक्षक संगठन ने डीईओ को शिक्षकों की लंबित मांगों से संबंधित ज्ञापन सौंपा. फोटो: प्रभात खबर
Hazaribagh News: हजारीबाग में मैट्रिक और इंटर परीक्षा की रैंकिंग गिरने के बाद शिक्षा विभाग सक्रिय हो गया है. डीईओ प्रवीण रंजन ने सरकारी स्कूलों में शिक्षकों के रेशनलाइजेशन, कमजोर छात्रों के लिए विशेष कक्षाएं और समय पर सिलेबस पूरा कराने के निर्देश दिए हैं. इससे जुड़ी खबर नीचे पढ़ें.
हजारीबाग से आरिफ की रिपोर्ट
Hazaribagh News: मैट्रिक और इंटर की परीक्षा में झारखंड में हजारीबाग की रैंकिंग गिरने पर उपायुक्त हेमंत सती के बाद अब जिला शिक्षा पदाधिकारी प्रवीण रंजन भी रेस हो गए हैं. अभी हाल के दिनों में उपायुक्त हेमंत सती ने शिक्षा की गुणवत्ता में गिरावट आने के बाद जिला स्कूल का निरीक्षण किया था. इसके बाद जिला शिक्षा पदाधिकारी ने मंगलवार को समीक्षा बैठक कर शिक्षकों के रेशनलाइजेशन की बात कही है.
विद्यार्थियों की संख्या के अनुसार होंगे शिक्षक
जिला स्कूल सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक में जिले के सभी उच्च विद्यालयों और प्लस टू स्कूलों के प्रधानाध्यापक, प्रभारी प्रधानाध्यापक और जिम्मेदार शिक्षक शामिल हुए. बैठक में शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए कई बिंदुओं पर चर्चा हुई. डीईओ प्रवीण रंजन ने कहा कि जिले के सरकारी स्कूलों में अब विद्यार्थियों की संख्या के अनुसार शिक्षकों की तैनाती की जाएगी. जिन स्कूलों में छात्रों की संख्या कम है, लेकिन शिक्षकों की संख्या अधिक है, वहां से अतिरिक्त शिक्षकों को हटाकर जरूरत वाले स्कूलों में भेजा जाएगा. उन्होंने कहा कि रेशनलाइजेशन की प्रक्रिया जल्द पूरी की जाएगी, ताकि सभी स्कूलों में विषयवार पढ़ाई सुनिश्चित हो सके. इससे छात्रों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण मिलेगा और पढ़ाई की गुणवत्ता में सुधार आएगा.
राज्य स्तर की ग्रेडिंग में पीछे रह गया हजारीबाग
समीक्षा बैठक में डीईओ ने कहा कि वर्ष 2025 की तुलना में 2026 की मैट्रिक परीक्षा का परिणाम प्रतिशत के लिहाज से बेहतर रहा है, लेकिन राज्य स्तर की ग्रेडिंग में हजारीबाग पीछे रह गया. इसे शिक्षा विभाग गंभीरता से ले रहा है. उन्होंने मौजूद शिक्षकों से फीडबैक लिया और कहा कि अब 2027 की परीक्षा को लक्ष्य बनाकर तैयारी शुरू करनी होगी. विभाग का प्रयास रहेगा कि अगले वर्ष जिले की रैंकिंग में सुधार हो और छात्र बेहतर प्रदर्शन करें.
समय पर पूरा होगा सिलेबस
डीईओ ने कहा कि छात्रों को समय पर पूरा सिलेबस पढ़ाना अब प्राथमिकता होगी. इसके लिए स्कूलों में नियमित कक्षाएं संचालित की जाएंगी और पढ़ाई की मॉनिटरिंग भी की जाएगी. उन्होंने निर्देश दिया कि विद्यार्थियों की नियमित टेस्ट परीक्षा ली जाए ताकि उनकी तैयारी का आकलन समय-समय पर होता रहे. शिक्षकों को यह सुनिश्चित करने को कहा गया कि निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा पाठ्यक्रम खत्म हो. इसके साथ ही कमजोर विद्यार्थियों की पहचान कर उनके लिए अलग से विशेष कक्षाएं संचालित करने का निर्णय लिया गया है. विभाग का मानना है कि अतिरिक्त शैक्षणिक सहयोग मिलने से कमजोर छात्र भी बेहतर प्रदर्शन कर सकेंगे.
अभिभावकों से समन्वय बढ़ाने पर जोर
बैठक में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा व्यवस्था को लेकर अभिभावकों की भूमिका पर भी चर्चा हुई. डीईओ ने शिक्षकों को निर्देश दिया कि वे विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों के साथ बेहतर समन्वय स्थापित करें. उन्होंने कहा कि यदि अभिभावक और शिक्षक मिलकर बच्चों की पढ़ाई पर ध्यान देंगे तो परीक्षा परिणाम में निश्चित रूप से सुधार आएगा. साथ ही छात्रों को सरकार द्वारा मिलने वाली सभी मूलभूत सुविधाएं समय पर उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया गया.
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शिक्षकों ने सौंपा ज्ञापन
समीक्षा बैठक के अंत में एक शिक्षक संगठन ने अपनी विभिन्न लंबित मांगों को लेकर जिला शिक्षा पदाधिकारी को ज्ञापन सौंपा. शिक्षकों ने विभाग से लंबित समस्याओं का जल्द समाधान करने की मांग की. हालांकि, शिक्षा विभाग का फिलहाल पूरा फोकस स्कूलों की शैक्षणिक व्यवस्था सुधारने और आगामी परीक्षाओं में बेहतर परिणाम लाने पर है. अब देखने वाली बात होगी कि शिक्षकों के रेशनलाइजेशन और नई रणनीति का जिले की शिक्षा व्यवस्था पर कितना असर पड़ता है.
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By Kumarvishwat Sen
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