बीसीसीएल में नौकरी दिलाने वाले गिरोह में कोल इंडिया के अधिकारी शामिल, ठगी का तगड़ा इंतजाम

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ठगों में शामिल मुस्तकीम अंसारी, संतोष सिंह और बिंदा पासवान. फोटो: प्रभात खबर

Ranchi News: बीसीसीएल में नौकरी दिलाने के नाम पर करोड़ों की ठगी मामले में कोल इंडिया और बीसीसीएल से जुड़े कुछ अधिकारियों की संलिप्तता की आशंका जताई जा रही है. ठगी गिरोह पर फर्जी मेडिकल, बायोमीट्रिक और ट्रेनिंग प्रक्रिया दिखाकर लोगों को झांसे में लेने का आरोप लगा है. इससे जुड़ी खबर नीचे पढ़ें.

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डकरा से सुनील कुमार की रिपोर्ट

Ranchi News: बीसीसीएल में नौकरी दिलाने के नाम पर करोड़ों रुपये ठगी मामले में बीसीसीएल के कुछ बड़े अधिकारियों के शामिल होने संभावना है. ठगी का शिकार बने लोगों ने बताया कि गिरोह में शामिल विशाल सिंह, सागर चक्रवर्ती, अनुप सरकार, रवि रॉय बीसीसीएल में किसी न किसी पद पर कार्यरत हैं, क्योंकि इन लोगों ने अपने संपर्क सूत्र से नौकरी के लालच में फंसे लोगों को सबसे पहले बीसीसीएल मुख्यालय कोयला भवन धनबाद में बुलाकर बातचीत की.

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पूरे ठसक में रहते थे ठग

ठगी के शिकार लोगों ने बताया कि ठगी गिरोह के लोग पूरे ठसक में रहते थे. कुछ लोगों ने कोल इंडिया के ड्यूटी ड्रेस कोड में मुख्यालय में बैठकर बातचीत की. बाद में जब पीएमसीएच धनबाद में मेडिकल जांच और लोदना एरिया के रेलवे साइडिंग ऑफिस में हस्ताक्षर का बायोमीट्रिक और बीटीसी ट्रेनिंग सेंटर ले जाया गया, तब किसी को भी यह संदेह नहीं हुआ कि ये सभी फर्जी लोग हैं या कोई गलत काम कर रहे हैं. इस दौरान कार्यालय, अस्पताल और अन्य जगहों पर जो लोग भी मिले सभी इन लोगों से अदब के साथ बातचीत की. सभी कैंडिडेट को टाटा सूमो वाहन से ले जाया गया और पहुंचाया गया.

कागजी प्रक्रिया का दिखावा करता है संतोष सिंह

कागजी प्रक्रिया पूरी करने का दिखावा संतोष सिंह द्वारा किया जाता है.पवन विश्वकर्मा ने अपना ज्वाइनिंग लेटर लोगों को दिखाया और बीसीसीएल के किसी वेवसाईट पर नियोजन नीति फाइल खोलकर एसे सभी कैंडिडेट का नाम दिखाया, जिन्होंने अलग-अलग माध्यम से गिरोह के सदस्यों को पैसे दे दिए थे. इनमें विशाल सिंह की गतिविधियां अधिकारी जैसी थी.

संतोष सिंह सबसे महत्वपूर्ण कड़ी

संतोष सिंह गिरोह में नौकरी दिलाने के काम में सबसे महत्वपूर्ण कड़ी है.अलग-अलग चैनल से जो कैंडिडेट संतोष सिंह से मिलते थे वे उन्हें मुस्तकीम अंसारी से मिलवाते थे और उनके बारे में बताते थे कि नेताजी अपने आप में कोल इंडिया है.कोयला मंत्री,कोल इंडिया चेयरमैन और बीसीसीएल सीएमडी उनसे लगातार संपर्क में रहते हैं.ठगी का शिकार बने पिपरवार के एक व्यक्ति को मुस्तकीम अंसारी दिल्ली और कोल इंडिया मुख्यालय भी लेकर गए थे लेकिन किसी से मिलवाया नहीं.वे प्राइवेट बाॅडीगार्ड लेकर चलता है.

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लोगों को हिप्नोटाइज करता है विंदा पासवान

मुस्तकीम के साथ काम करने वाले व्यक्ति विंदा पासवान लोगों को हिप्नोटाइज (सम्मोहित) करने का काम करता है.किसी कैंडिडेट को जब मुस्तकीम, संतोष आदि पर भरोसा नहीं होता तो उसे बिंदा पासवान से मिलवाया जाता.बिंदा जब एसे लोगो से कुछ देर बात करते तो वह व्यक्ति तैयार हो जाता.बिंदा भी अपने आप को नेता बताता है.

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